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जिले को हराभरा बनाने के लिए वन विभाग ने तैयार किए 65 लाख पौधे

Wed, 23 Jun 2021 09:09 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jun 2021 09:09 PM IST
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नर्सरी का निरीक्षण करती वन विभाग की टीम। - फोटो : RAIBARAILY
रायबरेली। इस बार वन विभाग लक्ष्य से अधिक पौधे रोपित करने के लिए जुटा है। इसके लिए 28 नर्सरी में पौधे तैयार किए जा रहे हैं। सबसे अधिक शीशम के पौधे तैयार किए हैं।
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सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले बरगद और पीपल के पौधे इस बार पिछले साल की अपेक्षा इस बार ज्यादा तैयार किए गए हैं। वन विभाग की ओर से गड्ढा खोदाई का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि अन्य विभाग भी गड्ढा खोदाई करा रहे हैं।
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पिछले साल जिले में 34 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य था। जबकि इसके सापेक्ष 40 लाख पौधे रोपित किए गए थे। इस बार पौधरोपण का लक्ष्य 45 लाख दिया गया है।
लक्ष्य पूरा करने के लिए वन विभाग पूरी तरह से काम कर रहा है। जिले भर में पौधे उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग ने 28 नर्सरी तैयार की है। इसमें करीब 65 लाख 42 हजार 320 पौधे तैयार किए है। इसमें शीशम के सबसे अधिक 10 लाख पौधे तैयार हुए है।
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इसी तरह आम 47 हजार, नीम के 14 हजार, इमली के 52 हजार पौधे तैयार किए है। इसके अलावा बेल, महुआ, अर्जुन, सागौन, कंजी व सिरसा समेत अन्य वैरायटी के पौधे तैयार किए हैं। सभी विभागों के पौधे वन विभाग उपलब्ध कराएगा।
पिछले से ज्यादा तैयार किए गए है कि बरगद और पीपल के पौधे
सबसे अधिक ऑक्सीजन देने वाले बरगद व पीपल के पौधे पिछले साल की अपेक्षा इस बार ज्यादा तैयार किए है। इस बार बरगद के 825 और पीपल के 6320 पौधे तैयार किए है। पिछले साल इनकी संख्या आधी थी।
इनसेट
पौधेरोपण तक सीमित रहते हैं अधिकारी
कहने को तो हर साल लाखों पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन इनकी परवरिश ठीक से नहीं होने के कारण पेड़ सूख जाते हैं या फिर मवेशी चर जाते हैं। यही वजह है कि वन विभाग के अलावा अन्य विभाग के पौधे गायब हो जाते हैं।
इसकी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए जाते हैं। अन्य विभाग तो पौधरोपण के नाम पर महज औपचारिकताएं पूरी करते हैं। पौध रोपण से पहले न तो गड्ढों में जिप्सम डाली न हीं गोबर की खाद का प्रयोग किया जाता है।

एक से सात जुलाई तक मनाया जाएगा वन महोत्सव
अभी तक एक जुलाई को वन महोत्सव मनाया जाता था, लेकिन कोरोना महामारी में ज्यादा भीड़भाड़ न जुटे इसके लिए इस वर्ष एक से सात जुलाई तक वन महोत्सव मनाया जाएगा। इसी एक सप्ताह में लक्ष्य को पूरा करना है। लक्ष्य के सापेक्ष में इस बार अधिक पौधे रोपित किए गए है। सभी विभागों को यही पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
- महेंद्र सिंह यादव, डीएफओ
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