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कोरोना मरीजों के संपर्क में आए लोग खाएंगे कीड़े मारने वाली दवा
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रायबरेली। कोरोना संक्रमण से बचाव एवं उपचार में अब आइवर्मेक्टिन (कीड़े मारने वाली दवा) का उपयोग होगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने सीएमओ को आदेश का अनुपालन करके कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को दवा खिलाने के आदेश दिए हैं।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा ने बताया कि आइवर्मेक्टिन दवा के संबंध में अपर मुख्य सचिव का पत्र आ गया है। आदेश का अनुपालन भी शुरू करा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों के साथ ही स्वास्थ्य टीम के लोगों को भी यह दवा खिलाई जानी है। बिना लक्षण वाले और हल्के लक्षण वाले व्यक्तियों को इसके साथ में डॉक्सीसाइक्लीन दवा भी दी जाएगी। आइवरमेक्टिन दवा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को नहीं दी जानी है। डॉक्सीसाइक्लीन गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों को नहीं दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के पास आइवर्मेक्टिन दवा पर्याप्त मात्रा में पहले से ही उपलब्ध है। सीएमओ के मुख्य गोदाम के स्टोर में करीब 10 लाख टैबलेट उपलब्ध है। इसके अलावा सीएचसी और पीएचसी स्तर पर भी यह दवा उपलब्ध है। अब तक यह दवा लोगों को पेट में कीड़े मारने के लिए खिलाई जाती थी। अब यह कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों को भी दी जाएगी।
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सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा ने बताया कि आइवर्मेक्टिन दवा के संबंध में अपर मुख्य सचिव का पत्र आ गया है। आदेश का अनुपालन भी शुरू करा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों के साथ ही स्वास्थ्य टीम के लोगों को भी यह दवा खिलाई जानी है। बिना लक्षण वाले और हल्के लक्षण वाले व्यक्तियों को इसके साथ में डॉक्सीसाइक्लीन दवा भी दी जाएगी। आइवरमेक्टिन दवा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को नहीं दी जानी है। डॉक्सीसाइक्लीन गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों को नहीं दी जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग के पास आइवर्मेक्टिन दवा पर्याप्त मात्रा में पहले से ही उपलब्ध है। सीएमओ के मुख्य गोदाम के स्टोर में करीब 10 लाख टैबलेट उपलब्ध है। इसके अलावा सीएचसी और पीएचसी स्तर पर भी यह दवा उपलब्ध है। अब तक यह दवा लोगों को पेट में कीड़े मारने के लिए खिलाई जाती थी। अब यह कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों को भी दी जाएगी।
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