फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Paddy crops flattened in fields due to cyclone-induced rain and winds; farmers' concerns grow.

Raebareli News: चक्रवात की बारिश व हवा से खेतों में बिछी धान की फसल, किसानों की बढ़ी चिंता

Fri, 30 Oct 2026 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Fri, 30 Oct 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Paddy crops flattened in fields due to cyclone-induced rain and winds; farmers' concerns grow.
हलोर क्षेत्र में बारिश में भीगी खेत में कटी पड़ी धान की फसल।
रायबरेली। चक्रवात अर्नब का असर जिले में दिखाई देने लगा है। दो दिन से रिमझिम बारिश और तेज हवा का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को भोर पहर से शाम तक बारिश होती रही। इस दौरान 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश और 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पककर तैयार धान की फसल बिछ गई है। वहीं, कटाई के बाद खेतों में रखी फसल भी भीग गई है। महराजगंज क्षेत्र में करीब 50 फीसदी धान की फसल प्रभावित होने का अनुमान है।
विज्ञापन

विकासखंड महराजगंज के पुरासी, जमुरावां, कोटवा मोहम्मदाबाद, भटसरा, मझिगवां समेत कई गांवों में बारिश और तेज हवा से धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसल जमीन पर गिर गई है। वहीं, कटाई के बाद खेतों में रखी फसल के भीगने से दाने खराब होने की आशंका है। किसान जगत नारायन मिश्रा, अरुण कुमार सिंह, शत्रोहन सोनी, संत कुमार चौधरी, मनोज मिश्रा, श्याम बहादुर सिंह, अंजनी दीक्षित, महेश अवस्थी, रामशरन लोधी, बाबूलाल और राम प्रकाश ने बताया कि पूरे साल मेहनत कर धान की फसल तैयार की थी। कटाई के समय अचानक हुई बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। डीह, परशदेपुर, सतांव, डलमऊ और सलोन क्षेत्र में भी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन

खेतों से पानी निकालें, कटी फसल फैलाकर सुखाएं
जिला कृषि अधिकारी आशुतोष पांडेय ने किसानों को सलाह दी कि जिन खेतों में पानी भर गया है, वहां नाली बनाकर जलनिकासी करें। जलभराव से फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। कटी हुई फसल के गट्ठरों को खोलकर अलग-अलग फैला दें, ताकि नमी निकल सके। अधिक नमी रहने से धान के दाने काले पड़ सकते हैं, उनमें अंकुरण हो सकता है और फफूंद लगने का खतरा रहता है। धूप निकलने पर फसल को अच्छी तरह सुखाएं। उन्होंने बताया कि फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसान नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर दें, ताकि सर्वे कराकर मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

बारिश से पांच दिन में 10 डिग्री गिरा तापमान
बारिश और तेज हवा से तापमान में लगातार गिरावट आई है। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी, फुरसतगंज के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22.3 और न्यूनतम 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

तारीख
अधिकतम तापमान
न्यूनतम तापमान
26 अक्तूबर 32.1° 24.2°
27 अक्तूबर 32.0° 23.3°
28 अक्तूबर 28.3° 22.4°
29 अक्तूबर 24.2° 20.2°
30 अक्तूबर 22.3° 19.7°

शनिवार को भी बारिश और तेज हवा चलने की आशंका है। जिले में चक्रवात का असर अभी बना हुआ है। -दीतेंद्र सिंह,
मौसम विशेषज्ञ

हलोर क्षेत्र में बारिश में भीगी खेत में कटी पड़ी धान की फसल।

हलोर क्षेत्र में बारिश में भीगी खेत में कटी पड़ी धान की फसल।

हलोर क्षेत्र में बारिश में भीगी खेत में कटी पड़ी धान की फसल।

हलोर क्षेत्र में बारिश में भीगी खेत में कटी पड़ी धान की फसल।

हलोर क्षेत्र में बारिश में भीगी खेत में कटी पड़ी धान की फसल।

हलोर क्षेत्र में बारिश में भीगी खेत में कटी पड़ी धान की फसल।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed