{"_id":"6ae4f9865f8694d9390527c8","slug":"child-dies-after-receiving-five-injections-raebareli-news-c-102-1-slko1053-166756-2026-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: पांच इंजेक्शन लगाने के बाद बच्चे की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: पांच इंजेक्शन लगाने के बाद बच्चे की मौत
Sat, 31 Oct 2026 01:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:39 AM IST
विज्ञापन
लहरपुर के मिश्रपुर में अवैध पैथोलॉजी में स्वास्थ्य अधिकारियों से जड़ा ताला।
सीतापुर। बिसवां कस्बे के मोहल्ला बगिया स्थित मो. हुसैन क्लीनिक में पांच इंजेक्शन लगाने के बाद दो माह के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। शिकायत मिलने पर डीएम ने तत्काल एसडीएम और सीएचसी अधीक्षक को मौके पर भेजा। जांच में अस्पताल का पंजीकरण समाप्त मिला। टीम ने अस्पताल का संचालन बंद करा दिया। डीएम के आदेश पर क्लीनिक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।
कस्बे के अमर नगर निवासी रामलखन कनौजिया अपने दो माह के बेटे नितिन को जुकाम, बुखार और खांसी की शिकायत होने पर मोहल्ला बगिया स्थित निजी क्लीनिक पर ले गए थे। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने 30 मिनट में बच्चे को एक के बाद एक पांच इंजेक्शन लगा दिए। इनमें चार इंजेक्शन नस में लगाए गए। इंजेक्शन लगाने के दौरान बच्चा दर्द से परेशान था। परिजनों ने नस में इंजेक्शन लगाने का विरोध भी किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। बच्चे ने दम तोड़ दिया।
इससे नाराज परिजनों ने क्लीनिक पर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद परिजनों ने जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर से शिकायत की। डीएम के निर्देश पर एसडीएम बिसवां राहुल सिंह और सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कपूर मौके पर पहुंचे। इससे पहले ही चिकित्सक मौके से चले गए।अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। जांच में क्लीनिक का पंजीकरण समाप्त पाया गया। इसके बाद वहां स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन रुकवा दिया गया।
विज्ञापन
पहले भी दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कपूर ने बताया कि इस अस्पताल में पहले भी चिकित्सकीय लापरवाही के चलते एक मरीज की मौत का मामला सामने आया था। उस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद दूसरे चिकित्सक के नाम पर पंजीकरण कराया गया था। हालांकि, नए चिकित्सक के नाम से जारी पंजीकरण भी करीब चार माह पहले समाप्त हो चुका था। पूरे मामले की प्राथमिक जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है।
विज्ञापन
कस्बे के अमर नगर निवासी रामलखन कनौजिया अपने दो माह के बेटे नितिन को जुकाम, बुखार और खांसी की शिकायत होने पर मोहल्ला बगिया स्थित निजी क्लीनिक पर ले गए थे। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने 30 मिनट में बच्चे को एक के बाद एक पांच इंजेक्शन लगा दिए। इनमें चार इंजेक्शन नस में लगाए गए। इंजेक्शन लगाने के दौरान बच्चा दर्द से परेशान था। परिजनों ने नस में इंजेक्शन लगाने का विरोध भी किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। बच्चे ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
इससे नाराज परिजनों ने क्लीनिक पर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद परिजनों ने जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर से शिकायत की। डीएम के निर्देश पर एसडीएम बिसवां राहुल सिंह और सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कपूर मौके पर पहुंचे। इससे पहले ही चिकित्सक मौके से चले गए।अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। जांच में क्लीनिक का पंजीकरण समाप्त पाया गया। इसके बाद वहां स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन रुकवा दिया गया।
विज्ञापन
पहले भी दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कपूर ने बताया कि इस अस्पताल में पहले भी चिकित्सकीय लापरवाही के चलते एक मरीज की मौत का मामला सामने आया था। उस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद दूसरे चिकित्सक के नाम पर पंजीकरण कराया गया था। हालांकि, नए चिकित्सक के नाम से जारी पंजीकरण भी करीब चार माह पहले समाप्त हो चुका था। पूरे मामले की प्राथमिक जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है।