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खुला रहा बाजार, कांग्रेसियों-सपाइयों, अन्नदाताओं का हंगामा
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रायबरेली। कृषि कानूनों के खिलाफ मंगलवार को किए गए भारत बंद का असर जिले में नहीं दिखा। शहर के साथ ही देहात क्षेत्रों में दुकानें खुली रहीं। जिला मुख्यालय पर मंगलवार की बंदी की वजह से कुछ दुकानें जरूर बंद रहीं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी की अगुवाई में कांग्रेसियों ने तिलक भवन के सामने प्रदर्शन किया। इस पर पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत 56 कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया। भारतीय किसान यूनियन की अगुवाई में किसानों ने विकास भवन में धरना दिया।
देहात क्षेत्रों में सपाइयों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से किसान यात्रा निकाली। शहर में चप्पे-चप्पे पर खाकी तैनात रही। जिस चौराहे पर नजर पड़ी, वहीं पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कहीं पर कोई प्रदर्शन करते हुए दिखा तो उसे खदेड़ा गया।
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इससे अफरातफरी रही। सीओ सदर डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी, सिटी मजिस्ट्रेट युगराज सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली और शहर का भ्रमण करके सुरक्षा का जायजा लेते रहे।
कृषि कानूनों के खिलाफ आठ 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया था। इसके बावजूद शहर के सुपर मार्केट, घंटाघर, कैपरगंज, जिला अस्पताल चौराहा, बस स्टेशन, डिग्री कॉलेज चौराहा समेत अन्य स्थानों पर बाजार खुले रहे।
मंगलवार को शहर में दुकानों की बंदी के चलते सब्जी मंडी व कैपरगंज में कुछ दुकानें बंद रहीं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी की अगुवाई में कांग्रेसी प्रदर्शन करते हुए तिलक भवन से डिग्री कॉलेज चौराहे जा रहे थे।
इसकी जानकारी होते ही सीओ सदर डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी, सिटी मजिस्ट्रेट युगराज सिंह व कोतवाल अतुल सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ ही शहर अध्यक्ष धीरज श्रीवास्तव, निर्मल शुक्ला, अजीत सिंह, नौशाद खतीब, प्रमोद पांडेय, आलोक यादव, शैलजा सिंह, सुमित्रा रावत समेत 56 कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया गया।
सभी को कोतवाली के बाद पुलिस लाइंस ले जाया गया, जहां शाम को सभी को रिहा कर दिया गया। भारतीय किसान यूनियन की अगुवाई में किसानों ने विकास भवन में प्रदर्शन कर धरना दिया। सभी ने केंद्र सरकार को कोसा और कृषि कानून को वापस लिए जाने की मांग की।
संरक्षक आशा वर्मा, जिलाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। किसानों ने एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर रामसुंदर यादव, सुशील चौधरी, विश्वजीत जायसवाल, रामफेर यादव आदि मौजूद रहे।
अखिल भारतीय किसान महासभा व किसान यूनियन (हरपाल) गुट के कार्यकर्ताओं ने हाथी पार्क में विरोध-प्रदर्शन किया। किसान महासभा के जिलाध्यक्ष फूलचंद मौर्या ने कहा कि मोदी सरकार अगर तीनों कृषि कानूनों को तुरंत रद्द नहीं करती है तो सरकार को इसकी बडी़ कीमत चुकानी पड़ेगी।
इस मौके पर दयाशंकर चौधरी, उदयभान चौधरी, शकील राना, राजेश, सुरेश शर्मा एडवोकेट आदि मौजूद रहे। किसानों ने राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन पार्क में ही नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। भारत की कम्युनिष्ट पार्टी ने डीएम के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की।
इस मौके पर माकपा के जिलामंत्री रामदीन विश्वकर्मा, चंद्र किशोर आजाद, राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, राधेश्याम मौजूद रहे। राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारियों ने भी कृषि कानून के विरोध में नाराजगी जताई और भारत बंद का समर्थन किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष समरजीत सिंह, अमरेंद्र कुमार, अशोक अग्रहरि मौजूद रहे।
लालगंज प्रतिनिधि के अनुसार भारतीय किसान यूनियन व मजदूर किसान सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने किसान बिल वापस लेने के लिए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम जीतलाल को सौंपा। मजदूर किसान सेवा समिति के कार्यकर्ता दूलापुर नहर कोठी से चलकर तहसील पहुंचे।
जहां पर उन्होंने सरकार के विरोध में नारेबाजी की। किसान आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव व पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनूप बाजपेई ने कहा कि नया कानून कृषि व किसान विरोधी है, इसे वापस लिया जाना चाहिए।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष रजोले त्रिवेदी, सिद्धार्थ त्रिवेदी, अरुण सिंह, धीरु मिश्रा, सुरेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे। शिवगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक कृषि कानून के खिलाफ कई गांवों में सपाइयों ने किसान रैली निकालकर विरोध जताते हुुए भारत बंद में समर्थन दिया।
बछरावां विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष राकेश त्रिवेदी ने बताया कि ग्राम पंचायत नारायणपुर, खजुरों व अन्य कई ग्राम पंचायतों में बछरावां के पूर्व विधायक रामलाल अकेला व पूर्व विधायक श्यामसुंदर भारती की अगुवाई में प्रदर्शन किया गया।
पुलिस प्रशासन के रोक के बाद भी भारत बंद को सफल बनाया गया। थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि नायब तहसीलदार अभिजीत गौरव के साथ प्रदर्शन करने वाले लोगों को खदेड़ा गया। इस मौके पर शिवशंकर पटेल, दिलीप पाठक, राकेश पासी, मायाराम मौजूद रहे।
भवानीगढ़ चौराहा स्थित सहज जन सेवा केंद्र से गोल चौराहे तक किसानों का पैदल प्रदर्शन किया। जिसकी अगुवाई भारतीय किसान यूनियन के किसान नेता सर्वेश वर्मा, सपा के जिला उपाध्यक्ष चंद्रभाल वर्मा ने की।
किसान नेता सर्वेश वर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों का शोषण कर रही है। इस मौके पर पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष विनय वर्मा, अंकित वर्मा, महादेव प्रसाद वर्मा, संगमलाल वर्मा, रामहर्ष अवस्थी, पूर्णमासी साहू मौजूद रहे।
डीह प्रतिनिधि के मुताबिक डीह के सुंदगज चौराहा के पास भारतीय किसान यूनियन के छेदीलाल, शिवप्रसाद यादव की अगुवाई में बैठक हुई। सभी ने कहा कि सरकार ने जो कृषि कानून बनाया है, वह किसान विरोधी है।
किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सलोन केशवगुप्ता व सीओ सलोन रामकिशोर सिंह को सौंपा। सलोन की पूर्व विधायक आशा किशोर, ब्लॉक अध्यक्ष अशोक यादव की अगुवाई में लगभग 30 ट्रैक्टरों और बाइकों से किसान यात्रा निकाली गई।
यह रैली पूरे बुधई, ब्लॉक मोड़ होते हुए सुंदरगज चौराहे पहुंचे। सीओ सलोन रामकिशोर सिह व एसडीएम केशव नाथ गुप्ता, सलोन कोतवाल पंकज त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और रैली को डेला मोड के पास स्थिति सपा कार्यालय के पास खत्म कराया।
सभी ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक ने कहा कि सरकार ने जो कानून बनाया है, वह किसान विरोधी है। इसे तत्काल सरकार वापस ले। इस मौके पर राजकुमार यादव, राजेंद्र यादव, महेश यादव, अमरेश, मनीष तिवारी मौजूद रहे।
ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक भारत बंद का असर नहीं दिखा। दुकानें खुली रही। कोतवाल विनोद सिंह का कहना है कि पूरा दिन शांतिपूर्ण ढंग से बीता। जगतपुर प्रतिनिधि के मुताबिक हेवतहा नेवढ़िया पंचायत भवन से किसानों ने नेवढिया होते हुए मैंनहा चौराहे तक सरकार के विरोध में नारेबाजी की।
किसानों ने कहा कि अगर सरकार किसानों की मांग नहीं पूरा करती तो विशाल धरने का आयोजन किया जाएगा। किसानों ने उपनिरीक्षक राजवीर सिंह को ही ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर चंद्रशेखर यादव, पप्पू विश्राम, देवनाथ यादव, जगत बहादुर, बिंदादीन मौजूद रहे।
सरेनी प्रतिनिधि के मुताबिक मंगलवार को किसानों व विपक्षी पार्टियों के भारत बंद का क्षेत्र में कोई असर नहीं दिखा। रोज की तरह बाजार खुले रहे। एसडीएम लालगंज को ज्ञापन देने जा रहे किसान नेता रजोले त्रिवेदी को पुलिस ने सराय बेरिया खेड़ा चौराहे पर गिरफ्तार कर लिया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर पॉवर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं व कर्मचारियों किसानों का समर्थन किया। कहा कि तीनों कानून कृषि विरोधी है। समिति के जिला संयोजक सौरभ प्रजापति, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के जिला सचिव जय प्रकाश पटेल ने कहा कि प्रदेश भर में सभी बिजली कर्मचारियों ने भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन कर किसानों के साथ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
कहा कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2020 का ड्राफ्ट जारी होते ही कर्मचारियों और इंजीनियरों ने इसका विरोध किया था। इस बिल में इस बात का प्रावधान है कि किसानों को बिजली टैरिफ में मिल रही सब्सिडी समाप्त कर दी जाए और बिजली की लागत से कम मूल्य पर किसानों सहित किसी भी उपभोक्ता को बिजली न दी जाए। इस मौके पर हरिदीपक यादव, शंभूनाथ, अमर यादव, मुकेश कुमार भारती मौजूद रहे।
रेल कर्मियों ने भारत बंद का समर्थन करते हुए मंगलवार दोपहर दोपहर भोजनावकाश के दौरान रेलवे स्टेशन पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। सहायक मंडल मंत्री सुधीर तिवारी, देव कुमार, जावेद मसूद ने कहा कि हम सब किसानों के साथ हैं।
किसान बचेगा, तभी देश बचेगा। इस मौके पर राकेश कुमार, अरुण मिश्र, जगदेई, अल्ताफ अहमद, अभिषेक शुक्ला, राजूू श्रीवास्तव मौजूद रहे। समाजवादी व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष मुकेश रस्तोगी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में व्यापारियों ने बाजारों में दुकानें बंद करवाकर विरोध प्रकट किया।
आक्रोशित व्यापारियों ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि मुकेश रस्तोगी को हिरासत में लिया गया। बाद में छोड़ दिया गया। इस मौके पर संजय पासी, सुशील मौर्या, पवन अग्रहरि मौजूद रहे।
अमेठी जिले के किसानों के आह्वान पर दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद की, लेकिन दोपहर में दुकानें खोल दी। किसानों के समर्थन में उतरे सपा नेताओं ने काला कानून वापस लो के नारे लगाते हुए ओदारी चौराहा पर प्रधानमंत्री का पुतला फूंका।
इस मौके पर भागीदारी वर्मा, देवीशंकर सविता, राधेश्याम, शिवभवन गुप्ता आदि मौजूद रहे। जायस मंडी में मंगलवार सुबह से ही पल्लेदारों ने भारत बंदी का समर्थन करते हुए काम करने से मना कर दिया। किसान अजय सिंह, मिलन वर्मा, विजय कुमार ने बताया कि कार्य बंद होने से धान की तौल नहीं हो सकी।
क्रय केंद्र प्रभारी राकेश गुप्ता ने बताया कि पल्लेदारों द्वारा काम न करने के कारण तौल नहीं हो सकी। सिंहपुर ब्लॉक क्षेत्र के इन्हौना कस्बे में भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) के तहसील अध्यक्ष नंदकुमार पांडेय के नेतृत्व में किसानों ने कस्बे का भ्रमण कर दुकानें बंद कराई।
साथ ही सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए किसान बिल वापस लेने की मांग की। मौके पर पहुंचे एसडीएम तिलोई महात्मा सिंह को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया। इस मौके पर सियारामदत्त मिश्र, अब्बास फौजी, राघवेंद्र कुामार मिश्र मौजूद रहे।
ऊंचाहार के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय को पुलिस ने उनके परशदेपुर रोड स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया। घर पर ही विधायक मीडिया से रू-ब-रू हुए विधायक ने कहा कि गंग नहर से दीनशाह गौरा, जगतपुर, रोहनियां, ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र की नहरों, माइनर, रजबहो में पानी पहुंचता है, लेकिन कई साल से गंग नहर में पानी ही नहीं आया।
इस समस्या को कई बार स्थानीय स्तर पर उठाया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंत में विधानसभा सदन में जब इस मुद्दे को उठाया गया तो अधिकारियों ने संज्ञान लिया। रिपोर्ट मांगी गई तो यहां से भ्रामक रिपोर्ट दी गई। कहा कि यदि समस्या का निपटारा नहीं हुआ था हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी।
विधायक ने बताया कि बताया की डीएम ने यह आश्वासन दिया है कि बुधवार को 11 बजे डलमऊ तहसील में सिंचाई विभाग के सभी संबंधित अधिकारियों के साथ वार्ता कर नहरों में पानी उपलब्ध कराया जायेगा।
कृषि कानून के खिलाफ किए गए भारत बंद पर मंगलवार को पूर्व मंत्री समेत 39 लोग नजरबंद किए गए। घरों पर पुलिस तैनात की गई थी। जगतपुर क्षेत्र के नवाबगंज स्थित घर पर सपा युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवमूर्ति सिंह राना को नजरबंद किया गया। पुलिस ने उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार कृषि कानून वापस ले, वरना आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के जिलाध्यक्ष आफताब अहमद को जिला प्रशासन ने नजरबंद किया।
खीरों प्रतिनिधि के मुताबिक सपा के पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र विक्रम सिंह व उनके समर्थकों को मंगलवार सुबह सेमरी चौराहा के पास स्थित उनके भट्ठे में प्रशासन ने नजर कैद कर दिया।
नजरबंद पूर्व राज्यमंत्री ने एसडीएम लालगंज को एक ज्ञापन देते हुए किसानों के विरुद्ध लाए गए किसान विरोधी बिल को वापस करने की मांग की। पूर्व राज्यमंत्री के साथ ही अमर बहादुर यादव, राणा राघवेंद्र, विक्रम सिंह, गौरव सिंह आदि को भी नजरबंद किया गया।
कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश त्रिवेदी को उनके गांव बकुलिहा में बने आवास से एसडीएम लालगंज जीत लाल सैनी व सीओ लालगंज इंद्रपाल सिंह की मौजूदगी में प्रभारी निरीक्षक खीरों राजेश सिंह ने नजरबंद किया।
एएसपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि भारत बंद के किए गए आह्वान के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 39 लोगों को नजरबंद किया गया। उनके घरों पर पुलिस तैनात की गई थी।
डीएम वैभव श्रीवास्तव व एसपी श्लोक कुमार ने मंगलवार को भारत बंद को लेकर कानून एवं शांति व्यवस्था पर नजर रखते हुए तहसील सदर, लालगंज, डलमऊ, ऊंचाहार आदि विभिन्न क्षेत्रों की संवेदनशीलता का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम व एसपी ने निर्देश दिए कि लोगों को किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अफवाह फैलाने वालों की जानकारी अधिकारियों को दे। शांति व्यवस्था के खिलाफ काम करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी की अगुवाई में कांग्रेसियों ने तिलक भवन के सामने प्रदर्शन किया। इस पर पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत 56 कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया। भारतीय किसान यूनियन की अगुवाई में किसानों ने विकास भवन में धरना दिया।
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देहात क्षेत्रों में सपाइयों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से किसान यात्रा निकाली। शहर में चप्पे-चप्पे पर खाकी तैनात रही। जिस चौराहे पर नजर पड़ी, वहीं पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कहीं पर कोई प्रदर्शन करते हुए दिखा तो उसे खदेड़ा गया।
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इससे अफरातफरी रही। सीओ सदर डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी, सिटी मजिस्ट्रेट युगराज सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली और शहर का भ्रमण करके सुरक्षा का जायजा लेते रहे।
कृषि कानूनों के खिलाफ आठ 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया था। इसके बावजूद शहर के सुपर मार्केट, घंटाघर, कैपरगंज, जिला अस्पताल चौराहा, बस स्टेशन, डिग्री कॉलेज चौराहा समेत अन्य स्थानों पर बाजार खुले रहे।
मंगलवार को शहर में दुकानों की बंदी के चलते सब्जी मंडी व कैपरगंज में कुछ दुकानें बंद रहीं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी की अगुवाई में कांग्रेसी प्रदर्शन करते हुए तिलक भवन से डिग्री कॉलेज चौराहे जा रहे थे।
इसकी जानकारी होते ही सीओ सदर डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी, सिटी मजिस्ट्रेट युगराज सिंह व कोतवाल अतुल सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ ही शहर अध्यक्ष धीरज श्रीवास्तव, निर्मल शुक्ला, अजीत सिंह, नौशाद खतीब, प्रमोद पांडेय, आलोक यादव, शैलजा सिंह, सुमित्रा रावत समेत 56 कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया गया।
सभी को कोतवाली के बाद पुलिस लाइंस ले जाया गया, जहां शाम को सभी को रिहा कर दिया गया। भारतीय किसान यूनियन की अगुवाई में किसानों ने विकास भवन में प्रदर्शन कर धरना दिया। सभी ने केंद्र सरकार को कोसा और कृषि कानून को वापस लिए जाने की मांग की।
संरक्षक आशा वर्मा, जिलाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। किसानों ने एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर रामसुंदर यादव, सुशील चौधरी, विश्वजीत जायसवाल, रामफेर यादव आदि मौजूद रहे।
अखिल भारतीय किसान महासभा व किसान यूनियन (हरपाल) गुट के कार्यकर्ताओं ने हाथी पार्क में विरोध-प्रदर्शन किया। किसान महासभा के जिलाध्यक्ष फूलचंद मौर्या ने कहा कि मोदी सरकार अगर तीनों कृषि कानूनों को तुरंत रद्द नहीं करती है तो सरकार को इसकी बडी़ कीमत चुकानी पड़ेगी।
इस मौके पर दयाशंकर चौधरी, उदयभान चौधरी, शकील राना, राजेश, सुरेश शर्मा एडवोकेट आदि मौजूद रहे। किसानों ने राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन पार्क में ही नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। भारत की कम्युनिष्ट पार्टी ने डीएम के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की।
इस मौके पर माकपा के जिलामंत्री रामदीन विश्वकर्मा, चंद्र किशोर आजाद, राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, राधेश्याम मौजूद रहे। राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारियों ने भी कृषि कानून के विरोध में नाराजगी जताई और भारत बंद का समर्थन किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष समरजीत सिंह, अमरेंद्र कुमार, अशोक अग्रहरि मौजूद रहे।
लालगंज प्रतिनिधि के अनुसार भारतीय किसान यूनियन व मजदूर किसान सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने किसान बिल वापस लेने के लिए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम जीतलाल को सौंपा। मजदूर किसान सेवा समिति के कार्यकर्ता दूलापुर नहर कोठी से चलकर तहसील पहुंचे।
जहां पर उन्होंने सरकार के विरोध में नारेबाजी की। किसान आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव व पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनूप बाजपेई ने कहा कि नया कानून कृषि व किसान विरोधी है, इसे वापस लिया जाना चाहिए।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष रजोले त्रिवेदी, सिद्धार्थ त्रिवेदी, अरुण सिंह, धीरु मिश्रा, सुरेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे। शिवगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक कृषि कानून के खिलाफ कई गांवों में सपाइयों ने किसान रैली निकालकर विरोध जताते हुुए भारत बंद में समर्थन दिया।
बछरावां विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष राकेश त्रिवेदी ने बताया कि ग्राम पंचायत नारायणपुर, खजुरों व अन्य कई ग्राम पंचायतों में बछरावां के पूर्व विधायक रामलाल अकेला व पूर्व विधायक श्यामसुंदर भारती की अगुवाई में प्रदर्शन किया गया।
पुलिस प्रशासन के रोक के बाद भी भारत बंद को सफल बनाया गया। थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि नायब तहसीलदार अभिजीत गौरव के साथ प्रदर्शन करने वाले लोगों को खदेड़ा गया। इस मौके पर शिवशंकर पटेल, दिलीप पाठक, राकेश पासी, मायाराम मौजूद रहे।
भवानीगढ़ चौराहा स्थित सहज जन सेवा केंद्र से गोल चौराहे तक किसानों का पैदल प्रदर्शन किया। जिसकी अगुवाई भारतीय किसान यूनियन के किसान नेता सर्वेश वर्मा, सपा के जिला उपाध्यक्ष चंद्रभाल वर्मा ने की।
किसान नेता सर्वेश वर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों का शोषण कर रही है। इस मौके पर पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष विनय वर्मा, अंकित वर्मा, महादेव प्रसाद वर्मा, संगमलाल वर्मा, रामहर्ष अवस्थी, पूर्णमासी साहू मौजूद रहे।
डीह प्रतिनिधि के मुताबिक डीह के सुंदगज चौराहा के पास भारतीय किसान यूनियन के छेदीलाल, शिवप्रसाद यादव की अगुवाई में बैठक हुई। सभी ने कहा कि सरकार ने जो कृषि कानून बनाया है, वह किसान विरोधी है।
किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सलोन केशवगुप्ता व सीओ सलोन रामकिशोर सिंह को सौंपा। सलोन की पूर्व विधायक आशा किशोर, ब्लॉक अध्यक्ष अशोक यादव की अगुवाई में लगभग 30 ट्रैक्टरों और बाइकों से किसान यात्रा निकाली गई।
यह रैली पूरे बुधई, ब्लॉक मोड़ होते हुए सुंदरगज चौराहे पहुंचे। सीओ सलोन रामकिशोर सिह व एसडीएम केशव नाथ गुप्ता, सलोन कोतवाल पंकज त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और रैली को डेला मोड के पास स्थिति सपा कार्यालय के पास खत्म कराया।
सभी ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक ने कहा कि सरकार ने जो कानून बनाया है, वह किसान विरोधी है। इसे तत्काल सरकार वापस ले। इस मौके पर राजकुमार यादव, राजेंद्र यादव, महेश यादव, अमरेश, मनीष तिवारी मौजूद रहे।
ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक भारत बंद का असर नहीं दिखा। दुकानें खुली रही। कोतवाल विनोद सिंह का कहना है कि पूरा दिन शांतिपूर्ण ढंग से बीता। जगतपुर प्रतिनिधि के मुताबिक हेवतहा नेवढ़िया पंचायत भवन से किसानों ने नेवढिया होते हुए मैंनहा चौराहे तक सरकार के विरोध में नारेबाजी की।
किसानों ने कहा कि अगर सरकार किसानों की मांग नहीं पूरा करती तो विशाल धरने का आयोजन किया जाएगा। किसानों ने उपनिरीक्षक राजवीर सिंह को ही ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर चंद्रशेखर यादव, पप्पू विश्राम, देवनाथ यादव, जगत बहादुर, बिंदादीन मौजूद रहे।
सरेनी प्रतिनिधि के मुताबिक मंगलवार को किसानों व विपक्षी पार्टियों के भारत बंद का क्षेत्र में कोई असर नहीं दिखा। रोज की तरह बाजार खुले रहे। एसडीएम लालगंज को ज्ञापन देने जा रहे किसान नेता रजोले त्रिवेदी को पुलिस ने सराय बेरिया खेड़ा चौराहे पर गिरफ्तार कर लिया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर पॉवर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं व कर्मचारियों किसानों का समर्थन किया। कहा कि तीनों कानून कृषि विरोधी है। समिति के जिला संयोजक सौरभ प्रजापति, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के जिला सचिव जय प्रकाश पटेल ने कहा कि प्रदेश भर में सभी बिजली कर्मचारियों ने भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन कर किसानों के साथ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
कहा कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2020 का ड्राफ्ट जारी होते ही कर्मचारियों और इंजीनियरों ने इसका विरोध किया था। इस बिल में इस बात का प्रावधान है कि किसानों को बिजली टैरिफ में मिल रही सब्सिडी समाप्त कर दी जाए और बिजली की लागत से कम मूल्य पर किसानों सहित किसी भी उपभोक्ता को बिजली न दी जाए। इस मौके पर हरिदीपक यादव, शंभूनाथ, अमर यादव, मुकेश कुमार भारती मौजूद रहे।
रेल कर्मियों ने भारत बंद का समर्थन करते हुए मंगलवार दोपहर दोपहर भोजनावकाश के दौरान रेलवे स्टेशन पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। सहायक मंडल मंत्री सुधीर तिवारी, देव कुमार, जावेद मसूद ने कहा कि हम सब किसानों के साथ हैं।
किसान बचेगा, तभी देश बचेगा। इस मौके पर राकेश कुमार, अरुण मिश्र, जगदेई, अल्ताफ अहमद, अभिषेक शुक्ला, राजूू श्रीवास्तव मौजूद रहे। समाजवादी व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष मुकेश रस्तोगी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में व्यापारियों ने बाजारों में दुकानें बंद करवाकर विरोध प्रकट किया।
आक्रोशित व्यापारियों ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि मुकेश रस्तोगी को हिरासत में लिया गया। बाद में छोड़ दिया गया। इस मौके पर संजय पासी, सुशील मौर्या, पवन अग्रहरि मौजूद रहे।
अमेठी जिले के किसानों के आह्वान पर दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद की, लेकिन दोपहर में दुकानें खोल दी। किसानों के समर्थन में उतरे सपा नेताओं ने काला कानून वापस लो के नारे लगाते हुए ओदारी चौराहा पर प्रधानमंत्री का पुतला फूंका।
इस मौके पर भागीदारी वर्मा, देवीशंकर सविता, राधेश्याम, शिवभवन गुप्ता आदि मौजूद रहे। जायस मंडी में मंगलवार सुबह से ही पल्लेदारों ने भारत बंदी का समर्थन करते हुए काम करने से मना कर दिया। किसान अजय सिंह, मिलन वर्मा, विजय कुमार ने बताया कि कार्य बंद होने से धान की तौल नहीं हो सकी।
क्रय केंद्र प्रभारी राकेश गुप्ता ने बताया कि पल्लेदारों द्वारा काम न करने के कारण तौल नहीं हो सकी। सिंहपुर ब्लॉक क्षेत्र के इन्हौना कस्बे में भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) के तहसील अध्यक्ष नंदकुमार पांडेय के नेतृत्व में किसानों ने कस्बे का भ्रमण कर दुकानें बंद कराई।
साथ ही सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए किसान बिल वापस लेने की मांग की। मौके पर पहुंचे एसडीएम तिलोई महात्मा सिंह को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया। इस मौके पर सियारामदत्त मिश्र, अब्बास फौजी, राघवेंद्र कुामार मिश्र मौजूद रहे।
ऊंचाहार के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय को पुलिस ने उनके परशदेपुर रोड स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया। घर पर ही विधायक मीडिया से रू-ब-रू हुए विधायक ने कहा कि गंग नहर से दीनशाह गौरा, जगतपुर, रोहनियां, ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र की नहरों, माइनर, रजबहो में पानी पहुंचता है, लेकिन कई साल से गंग नहर में पानी ही नहीं आया।
इस समस्या को कई बार स्थानीय स्तर पर उठाया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंत में विधानसभा सदन में जब इस मुद्दे को उठाया गया तो अधिकारियों ने संज्ञान लिया। रिपोर्ट मांगी गई तो यहां से भ्रामक रिपोर्ट दी गई। कहा कि यदि समस्या का निपटारा नहीं हुआ था हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी।
विधायक ने बताया कि बताया की डीएम ने यह आश्वासन दिया है कि बुधवार को 11 बजे डलमऊ तहसील में सिंचाई विभाग के सभी संबंधित अधिकारियों के साथ वार्ता कर नहरों में पानी उपलब्ध कराया जायेगा।
कृषि कानून के खिलाफ किए गए भारत बंद पर मंगलवार को पूर्व मंत्री समेत 39 लोग नजरबंद किए गए। घरों पर पुलिस तैनात की गई थी। जगतपुर क्षेत्र के नवाबगंज स्थित घर पर सपा युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवमूर्ति सिंह राना को नजरबंद किया गया। पुलिस ने उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार कृषि कानून वापस ले, वरना आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के जिलाध्यक्ष आफताब अहमद को जिला प्रशासन ने नजरबंद किया।
खीरों प्रतिनिधि के मुताबिक सपा के पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र विक्रम सिंह व उनके समर्थकों को मंगलवार सुबह सेमरी चौराहा के पास स्थित उनके भट्ठे में प्रशासन ने नजर कैद कर दिया।
नजरबंद पूर्व राज्यमंत्री ने एसडीएम लालगंज को एक ज्ञापन देते हुए किसानों के विरुद्ध लाए गए किसान विरोधी बिल को वापस करने की मांग की। पूर्व राज्यमंत्री के साथ ही अमर बहादुर यादव, राणा राघवेंद्र, विक्रम सिंह, गौरव सिंह आदि को भी नजरबंद किया गया।
कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश त्रिवेदी को उनके गांव बकुलिहा में बने आवास से एसडीएम लालगंज जीत लाल सैनी व सीओ लालगंज इंद्रपाल सिंह की मौजूदगी में प्रभारी निरीक्षक खीरों राजेश सिंह ने नजरबंद किया।
एएसपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि भारत बंद के किए गए आह्वान के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 39 लोगों को नजरबंद किया गया। उनके घरों पर पुलिस तैनात की गई थी।
डीएम वैभव श्रीवास्तव व एसपी श्लोक कुमार ने मंगलवार को भारत बंद को लेकर कानून एवं शांति व्यवस्था पर नजर रखते हुए तहसील सदर, लालगंज, डलमऊ, ऊंचाहार आदि विभिन्न क्षेत्रों की संवेदनशीलता का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम व एसपी ने निर्देश दिए कि लोगों को किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अफवाह फैलाने वालों की जानकारी अधिकारियों को दे। शांति व्यवस्था के खिलाफ काम करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।