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सरकारी आदेश पर भी नहीं सुधरे विद्यालय

Sun, 30 Jun 2019 11:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jun 2019 11:57 PM IST
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Not even improved school on government orders
रायबरेली। सरकार और उसके बाद बीएसए के आदेशों के बाद भी परिषदीय विद्यालयों की हालत नहीं सुधरी है। कहने को 25 जून से विद्यालय खोलकर व्यवस्था दुरुस्त कराने का जिम्मा अध्यापकों को सौंपा गया था, लेकिन 30 जून तक भी ज्यादातर विद्यालयों में कोई सुधार नहीं हुआ है। कहीं सफाई कर्मी पहुंचे ही नहीं तो कहीं महज झाड़ू लगवाकर व्यवस्था को दुरुस्त मान लिया गया।
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विद्यालय संचालन का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक रखा गया है, जिससे बच्चे तपती दोपहरी में स्कूल से घर लौटेंगे। पहली जुलाई से स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ भी हो जाएगा, जिसमें अध्यापकों से ज्यादा छात्र-छात्राएं मेहनत करते नजर आएंगे। नौनिहालों को ही बैनर और तख्तियां लेकर गली-गली घुमाया जाएगा।
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जिले में लगभग 2600 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। जिनमें तकरीबन 2.40 लाख बच्चे पढ़ते हैं। शैक्षिक सत्र पहली अप्रैल से शुरू हुआ, 20 मई से ग्रीष्मावकाश घोषित होने के कारण विद्यालय बंद थे। विद्यालयों में पानी, बिजली जैसी मूलभूत समस्याएं भी बनी हुई हैं। इसी वजह से 25 जून से विद्यालय खोलकर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए, लेकिन 25 जून को लगभग दो हजार विद्यालयों के ताले ही नहीं खुले।
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इसके बाद कभी ब्लॉक स्तर पर तो कभी जिला स्तर पर बैठकों का ऐसा दौर चला कि शिक्षक व्यस्त रहे, जिससे स्कूलों में साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का मौका ही नहीं मिल पाया। हालांकि स्कूल परिसरों में साफ-सफाई कराने के लिए गांव के सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई, लेकिन कहीं सफाई कर्मी नहीं पहुंचे तो कहीं अध्यापकों के उपस्थित न होने के कारण स्कूल के ताले नहीं खुल सके।
अगर साफ-सफाई करा भी दी गई तो पेयजल और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त नहीं कराई गई। ग्रीष्मावकाश के बाद पहली जुलाई से स्कूल खुल रहे हैं और उच्चाधिकारियों का निर्देश है कि पहले ही दिन से शैक्षिक वातावरण बनाया जाए। दूसरी तरफ पहली जुलाई से ही पाठ्य पुस्तक वितरण, यूनिफार्म व जूता-मोजा भी उपलब्ध कराने का जिम्मा दिया गया है, जिससे स्कूलों में सिर्फ इसी तरह की गतिविधियां नजर आएंगी।

ऐसे में बच्चे व्यवस्था दुरुस्त करने में ही लगे रहेंगे। खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय वीरेंद्र कुमार कनौजिया ने बताया कि जिले भर के सभी परिषदीय विद्यालयों में व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त करा ली गई हैं। ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों और जिला स्तर पर प्रधानाध्यापकों को शैक्षिक वातावरण बनाए रखने का पाठ पढ़ाया जा चुका है। पहली जुलाई से सभी परिषदीय विद्यालय सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुलेंगे।
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