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दो माह में बसों के मालिक को दी जाए एनओसी
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sun, 04 Sep 2016 11:31 PM IST
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- फोटो : getty images
जिला उपभोक्ता फोरम ने बसों के फाइनेंस की सभी किश्तें जमा होने के बाद भी टाटा मोटर्स लिमिटेड द्वारा एनओसी न देने को गलत ठहराया है। फोरम ने न सिर्फ दो माह के अंदर बस मालिक को एनओसी देने का आदेश दिया, बल्कि क्षतिपूर्ति के रुप में 12 हजार रुपये अदा करने का फैसला भी सुनाया।
सलोन कस्बा निवासी जहीर अहमद ने अपने विद्यालय के लिए बरगद चौराहा स्थित मोटर फैब सेल्स प्राइवेट लिमिटेड से वर्ष 2005 से लेकर वर्ष 2010 के मध्य पांच बसें खरीदी थी। इनको बरगद चौराहा स्थित फाइनेंस मोटर एंड जनरल सेल्स प्राइवेट लिमिटेड से फाइनेंस कराया।
जहरी अहमद का कहना है कि बसों की सारी किश्तें अदा करने के बावजूद कंपनी द्वारा उसे एनओसी नहीं दिया गया। इस पर उसने मोटर फैब सेल्स समेत तीन कंपनियों के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में दो अलग-अलग परिवाद दायर किये।
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फोरम के अध्यक्ष लालता प्रसाद पांडेय और सदस्य शैलजा यादव ने इन परिवादों की सुनवाई की। फोरम ने माना कि किश्तों की अदायगी होने के बाद भी एनओसी न देकर कंपनी ने उपभोक्ता की सेवा में कमी रखी।
इस पर फोरम ने एक परिवाद में दो माह के अंदर एनओसी जारी करने का फैसला सुनाया। यही नहीं एक परिवाद में दो हजार और दूसरे में 10 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति बस स्वामी को देेने के आदेश दिए।
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सलोन कस्बा निवासी जहीर अहमद ने अपने विद्यालय के लिए बरगद चौराहा स्थित मोटर फैब सेल्स प्राइवेट लिमिटेड से वर्ष 2005 से लेकर वर्ष 2010 के मध्य पांच बसें खरीदी थी। इनको बरगद चौराहा स्थित फाइनेंस मोटर एंड जनरल सेल्स प्राइवेट लिमिटेड से फाइनेंस कराया।
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जहरी अहमद का कहना है कि बसों की सारी किश्तें अदा करने के बावजूद कंपनी द्वारा उसे एनओसी नहीं दिया गया। इस पर उसने मोटर फैब सेल्स समेत तीन कंपनियों के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में दो अलग-अलग परिवाद दायर किये।
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फोरम के अध्यक्ष लालता प्रसाद पांडेय और सदस्य शैलजा यादव ने इन परिवादों की सुनवाई की। फोरम ने माना कि किश्तों की अदायगी होने के बाद भी एनओसी न देकर कंपनी ने उपभोक्ता की सेवा में कमी रखी।
इस पर फोरम ने एक परिवाद में दो माह के अंदर एनओसी जारी करने का फैसला सुनाया। यही नहीं एक परिवाद में दो हजार और दूसरे में 10 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति बस स्वामी को देेने के आदेश दिए।