फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   no more fogging for dengue from last 18 months

डेढ़ साल में गोदाम से बाहर नहीं निकली डेंगू मिटाने की दवा

Mon, 19 Sep 2022 11:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Sep 2022 11:51 PM IST
विज्ञापन
no more fogging for dengue from  last 18 months
रायबरेली। जिले में डेंगू के मच्छरों ने नाक में दम कर रखा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग करीब डेढ़ साल से मच्छर मारने की दवा का छिड़काव करने में नाकाम है। पर्याप्त मात्रा में केमिकल सीएमओ के गोदाम में डंप रखा है। विभाग करीब 2900 लीटर केरोसीन की व्यवस्था नहीं कर पाया है। बीते आठ माह में डेंगू के 15 केस मिल चुके हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है, लेकिन दवा का छिड़काव बंद होने से डेंगू के मच्छरों की बल्ले-बल्ले है।
विज्ञापन

जिला मलेरिया विभाग को गांवों के घरों में इंडोर स्प्रे के लिए 145 लीटर पैराथ्रम केमिकल डेढ़ साल पहले ही मिल चुका है। एक लीटर केमिकल में 20 लीटर केरोसीन मिलाकर छिड़कने का मानक है। ऐसे में विभाग को करीब 2900 लीटर केरोसीन की जरूरत है। विभाग डेढ़ साल में एक भी लीटर केरोसीन की व्यवस्था नहीं कर सका है, ताकि छिड़काव हो सके। सीजन आते ही जिले में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही खामियाजा मरीजों व गांव के लोगों को भोगना पड़ रहा है।
विज्ञापन

जिला मलेरिया अधिकारी भीखुल्लाह का कहना है कि पैराथ्रम केमिकल को केरोसीन में मिलाकर ही स्प्रे किया जाता है। शासन से केरोसीन के लिए कई बार डिमांड की गई, लेकिन केरोसीन न मिलने के कारण मच्छर मारने की दवा का छिड़काव नहीं हो पा रहा है। केरोसीन मिलने के बाद ही छिड़काव हो सकेगा। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि केरोसीन न मिलने के कारण घरों के अंदर मच्छर मारने की दवा का छिड़काव नहीं हो पा रहा है। पर्याप्त मात्रा में केमिकल उपलब्ध है, लेकिन केरोसीन की समस्या है। हालांकि डेंगू के मच्छरों से निपटने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डेंगू का मरीज मिलने के बाद उनके घर स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाती है। मरीज के घर के अंदर पैराथ्रम केमिकल का छिड़काव मच्छरों को मारने के लिए जरूरी होने के बाद भी टीम पानी में मच्छरों के लार्वा को चेक करके लौट आती है। अधिक से अधिक परिवार के लोगों के ब्लड की जांच के साथ ही मच्छरों से बचने की सलाह ही दी जाती है। ऐसे में शासन की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed