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Raebareli News: 2003 की वोटर लिस्ट में नाम फिर भी थमा रहे नोटिस
Thu, 22 Jan 2026 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 22 Jan 2026 12:15 AM IST
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रायबरेली। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में शामिल रहे वोटरों ने अब तक कई बार मताधिकार का प्रयोग किया, लेकिन अब उन्हें वोटर होने का साक्ष्य देने के लिए नोटिस थमाया जा रहा है। ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र के हरदीटीकर गांव में जियालाल और उनकी पत्नी चंदा देवी को नोटिस दिया गया है।
2003 की वोटर लिस्ट में 513 नंबर पर जियालाल और 516 नंबर पर चंदा देवी का नाम दर्ज है। इसके बाद भी उन्हें साक्ष्य देना होगा। बुधवार को पहले दिन करीब 20 हजार वोटरों को तहसीलों में साक्ष्यों के साथ सुनवाई के लिए बुलाया गया। तहसीलों में गहमागहमी का माहौल रहा। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद जिले के 2.32 लाख संदिग्ध वोटर को नोटिस भेजा गया है। बुधवार से सुनवाई का काम शुरू हो गया।
पहले दिन करीब 20 हजार वोटरों को मतदाता बनने के लिए साक्ष्य देने के लिए बुलाया गया। तहसीलों में लोगाें की भीड़ रही। इस दौरान लोगों को साक्ष्य उपलब्ध कराने में पसीना बहाना पड़ा। तमाम लोग लौट गए। उन्हें दोबारा आकर साक्ष्य देने का मौका दिया गया। जगतपुर ब्लॉक के शंकरपुर गांव में करीब 70 लोगों को नोटिस दिया गया है। इसमें 25 से अधिक लोगों ने 2003 में भी मतदान किया था, इसके बाद भी नोटिस दिया गया। बीएलओ का कहना है कि मैपिंग करते समय नेटवर्क की समस्या होने के कारण इन वोटरों की मैपिंग नहीं हो सकी थी। नए सिरे से मैपिंग की जा रही है।
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सदर तहसील के सभागार में सुबह से ही नोटिस पाए वोटरों का मजमा लग गया। हर कोई लंबे समय से वोटर होने का दावा कर रहा था, लेकिन उसे परिचय पत्र देने का मौका दिया गया। साक्ष्य देने के बाद ही मतदाता सूची में नाम शामिल रखने के निर्देश दिए गए। वोटराें के चेहरे पर मतदाता सूची से नाम कटने का डर भी साफ झलक रहा था। कोई फोटो काॅपी की दुकान पर तो कोई मीटिंग हालत में सूची में नाम शामिल कराने के लिए गुणाभाग और अभिलेख जुटाने में जुटा रहा। इसके अलावा जिले की ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज, महराजगंज, सलोन आदि तहसीलों में भी नोटिस मिलने के बाद वोटर साक्ष्य देने के लिए पहुंचे। तहसीलों में गहमागहमी का माहौल देखने को मिला।
बुधवार से नोटिस पाए वोटरों की सुनवाई शुरू हो गई। सभी तहसीलों में नोटिस पाए लोगों को पहुंचकर साक्ष्य उपलब्ध कराना होगा। साक्ष्य देने के बाद उनके नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं किए जाएंगे। 12 प्रकार में कोई एक परिचयपत्र तहसीलों में जमा करा सकते हैं।
सिद्धार्थ, एडीएम प्रशासन
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2003 की वोटर लिस्ट में 513 नंबर पर जियालाल और 516 नंबर पर चंदा देवी का नाम दर्ज है। इसके बाद भी उन्हें साक्ष्य देना होगा। बुधवार को पहले दिन करीब 20 हजार वोटरों को तहसीलों में साक्ष्यों के साथ सुनवाई के लिए बुलाया गया। तहसीलों में गहमागहमी का माहौल रहा। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद जिले के 2.32 लाख संदिग्ध वोटर को नोटिस भेजा गया है। बुधवार से सुनवाई का काम शुरू हो गया।
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पहले दिन करीब 20 हजार वोटरों को मतदाता बनने के लिए साक्ष्य देने के लिए बुलाया गया। तहसीलों में लोगाें की भीड़ रही। इस दौरान लोगों को साक्ष्य उपलब्ध कराने में पसीना बहाना पड़ा। तमाम लोग लौट गए। उन्हें दोबारा आकर साक्ष्य देने का मौका दिया गया। जगतपुर ब्लॉक के शंकरपुर गांव में करीब 70 लोगों को नोटिस दिया गया है। इसमें 25 से अधिक लोगों ने 2003 में भी मतदान किया था, इसके बाद भी नोटिस दिया गया। बीएलओ का कहना है कि मैपिंग करते समय नेटवर्क की समस्या होने के कारण इन वोटरों की मैपिंग नहीं हो सकी थी। नए सिरे से मैपिंग की जा रही है।
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सदर तहसील के सभागार में सुबह से ही नोटिस पाए वोटरों का मजमा लग गया। हर कोई लंबे समय से वोटर होने का दावा कर रहा था, लेकिन उसे परिचय पत्र देने का मौका दिया गया। साक्ष्य देने के बाद ही मतदाता सूची में नाम शामिल रखने के निर्देश दिए गए। वोटराें के चेहरे पर मतदाता सूची से नाम कटने का डर भी साफ झलक रहा था। कोई फोटो काॅपी की दुकान पर तो कोई मीटिंग हालत में सूची में नाम शामिल कराने के लिए गुणाभाग और अभिलेख जुटाने में जुटा रहा। इसके अलावा जिले की ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज, महराजगंज, सलोन आदि तहसीलों में भी नोटिस मिलने के बाद वोटर साक्ष्य देने के लिए पहुंचे। तहसीलों में गहमागहमी का माहौल देखने को मिला।
बुधवार से नोटिस पाए वोटरों की सुनवाई शुरू हो गई। सभी तहसीलों में नोटिस पाए लोगों को पहुंचकर साक्ष्य उपलब्ध कराना होगा। साक्ष्य देने के बाद उनके नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं किए जाएंगे। 12 प्रकार में कोई एक परिचयपत्र तहसीलों में जमा करा सकते हैं।
सिद्धार्थ, एडीएम प्रशासन