{"_id":"610985aa8ebc3eaab91c57de","slug":"murder-raibaraily-news-lko589784430","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़ी मां की मौत का बदला के लेने के लिए किसान का किया था कत्ल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ी मां की मौत का बदला के लेने के लिए किसान का किया था कत्ल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। डीह पुलिस ने मंगलवार को किसान की हत्या के मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस की मानें तो बड़ी मां की मौत का बदला लेने के लिए गांव के ही पुष्पेंद्र सिंह ने किसान को मौत के घाट उतारा था। पुष्पेंद्र ने गमछे से उसका गला कसा था। इसके बाद शव को झाड़ियों में फेंककर भाग गया था। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल किया।
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि 28 जुलाई को डीह थाना क्षेत्र के कंचनावां गांव निवासी किसान रामाधीन (70) की हत्या कर दी गई थी। वारदात के खुुलासे के लिए डीह थानेदार पवन प्रताप सिंह को लगाया गया था।
थानेदार ने टीम के साथ मिलकर घटना में शामिल गांव के ही पुष्पेंद्र सिंह उर्फ जीशू को इमली तिराहा से उस समय गिरफ्तार किया, वह कहीं भागने की फिराक में था।
विज्ञापन
एएसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी पुष्पेंद्र ने कुबूला है कि मृतक रामाधीन के दामाद अंजनी के रुपये चोरी हो गए थे। रामाधीन ने मेरे चचेरे भाई रिंकू पर चोरी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद मेरी बड़ी मां को चोरी का उलाहना दिया था।
बड़ी मां पहले से ही बीमार चल रही थी। बेटे पर चोरी का आरोप लगने पर तबियत और बिगड़ गई और जिला अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। बड़ी मां मुझे बहुत मानती थी। बड़ी मां की मौत से गमगीन हो गया।
मैंने चोरी का झूठा आरोप लगाने वाले रामाधीन से बदला लेने का मन बना लिया था। बीती 28 जुलाई को बिना किसी को बताए घर से निकला। मुझे पता था कि रामाधीन रोज की तरह खाना खाने के बाद अपने नलकूप पर सोने जाएगा।
जैसे ही वह नलकूप के पास पहुंचा, उसे पकड़कर गिरा दिया और गमछे से उसका गला कस दिया। इसके बाद शव को झाड़ियों में छिपा दिया और भाग गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त गमछा बरामद कर लिया है।
बेटी ने रिंकू को कराया था नामजद
एएसपी ने बताया कि बेटी ने पिता की हत्या के मामले में आरोपी के चचेरे भाई रिंकू सिंह को नामजद कराया था। थानेदार और उनकी टीम ने घटना की पड़ताल शुरू की तो रिंकू के मामले में शामिल होने की बात सामने नहीं आई। जांच में चचेरे भाई पुष्पेंद्र की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। पुलिस ने सख्ती की पूछताछ की तो उसने सारा राज खोल दिया। नामजद कराए गए रिंकू को मामले में क्लीन चिट दी जाएगी। पकड़ा गया आरोपी स्नातक कर रहा है।
कोई पछतावा नहीं, किसान मेरी मां की मौत का जिम्मेदार था
आरोपी पुष्पेेंद्र को हत्या करने का कोई पछतावा नहीं है। उसका कहना था कि किसान उसकी बड़ी मां की मौत का जिम्मेदार था। उसे तो मरना ही था। बड़ी मां बहुत मानती थी। बताया कि जिस समय उसकी बड़ी मां की मौत हुई, वह रातभर रोता रहा। इसी दौरान उसने किसान की हत्या करने की साजिश रची और वारदात को अंजाम दे दिया।
विज्ञापन
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि 28 जुलाई को डीह थाना क्षेत्र के कंचनावां गांव निवासी किसान रामाधीन (70) की हत्या कर दी गई थी। वारदात के खुुलासे के लिए डीह थानेदार पवन प्रताप सिंह को लगाया गया था।
विज्ञापन
थानेदार ने टीम के साथ मिलकर घटना में शामिल गांव के ही पुष्पेंद्र सिंह उर्फ जीशू को इमली तिराहा से उस समय गिरफ्तार किया, वह कहीं भागने की फिराक में था।
विज्ञापन
एएसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी पुष्पेंद्र ने कुबूला है कि मृतक रामाधीन के दामाद अंजनी के रुपये चोरी हो गए थे। रामाधीन ने मेरे चचेरे भाई रिंकू पर चोरी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद मेरी बड़ी मां को चोरी का उलाहना दिया था।
बड़ी मां पहले से ही बीमार चल रही थी। बेटे पर चोरी का आरोप लगने पर तबियत और बिगड़ गई और जिला अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। बड़ी मां मुझे बहुत मानती थी। बड़ी मां की मौत से गमगीन हो गया।
मैंने चोरी का झूठा आरोप लगाने वाले रामाधीन से बदला लेने का मन बना लिया था। बीती 28 जुलाई को बिना किसी को बताए घर से निकला। मुझे पता था कि रामाधीन रोज की तरह खाना खाने के बाद अपने नलकूप पर सोने जाएगा।
जैसे ही वह नलकूप के पास पहुंचा, उसे पकड़कर गिरा दिया और गमछे से उसका गला कस दिया। इसके बाद शव को झाड़ियों में छिपा दिया और भाग गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त गमछा बरामद कर लिया है।
बेटी ने रिंकू को कराया था नामजद
एएसपी ने बताया कि बेटी ने पिता की हत्या के मामले में आरोपी के चचेरे भाई रिंकू सिंह को नामजद कराया था। थानेदार और उनकी टीम ने घटना की पड़ताल शुरू की तो रिंकू के मामले में शामिल होने की बात सामने नहीं आई। जांच में चचेरे भाई पुष्पेंद्र की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। पुलिस ने सख्ती की पूछताछ की तो उसने सारा राज खोल दिया। नामजद कराए गए रिंकू को मामले में क्लीन चिट दी जाएगी। पकड़ा गया आरोपी स्नातक कर रहा है।
कोई पछतावा नहीं, किसान मेरी मां की मौत का जिम्मेदार था
आरोपी पुष्पेेंद्र को हत्या करने का कोई पछतावा नहीं है। उसका कहना था कि किसान उसकी बड़ी मां की मौत का जिम्मेदार था। उसे तो मरना ही था। बड़ी मां बहुत मानती थी। बताया कि जिस समय उसकी बड़ी मां की मौत हुई, वह रातभर रोता रहा। इसी दौरान उसने किसान की हत्या करने की साजिश रची और वारदात को अंजाम दे दिया।