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Raebareli News: बहू को कार्यकर्ता बनाने के लिए सास ने परिवार किया अलग, वीडीओ निलंबित
Sun, 13 Apr 2025 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 13 Apr 2025 12:38 AM IST
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रायबरेली। छतोह ब्लॉक के एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के चयन में गंभीर अनियमितता सामने आई है। यहां सहायिका के पद पर कार्यरत महिला ने अपनी बहू को कार्यकर्ता पद पर चयनित करवाने के लिए उसे परिवार से अलग करवा दिया। ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) ने नियमों की अनदेखी करते हुए इस अलगाव को मान्यता देते हुए परिवार रजिस्टर की नकल भी जारी कर दी। जांच में मामला उजागर होने पर वीडीओ को निलंबित कर डीह ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया है।
आंगनबाड़ी केंद्र परैया नमकसार पर कार्यकर्ता पद के लिए कुसुमा देवी का चयन हुआ है, जबकि उनकी सास पूनम देवी पहले से ही उसी केंद्र पर सहायिका के पद पर तैनात हैं। नियमानुसार एक ही परिवार के दो सदस्य आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत नहीं हो सकते। बावजूद इसके चयन की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
शिकायत मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के निर्देश पर जिला पंचायती राज अधिकारी (डीपीआरओ) सौम्यशील सिंह ने जांच की। रिपोर्ट में सामने आया कि पूनम देवी ने अपने बेटे अमरजीत और बहू कुसुमा को परिवार से अलग दिखाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। जिसे वीडीओ शैलेंद्र कुमार ने नियमों की अनदेखी करते हुए स्वीकृत कर लिया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) अरुण कुमार ने वीडीओ शैलेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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जांच में कई खामियां उजागर
-परिवार रजिस्टर की नकल में अलगाव का कारण दर्ज नहीं किया गया।
-संबंधित कॉलम में पंचायत सचिव द्वारा कोई टिप्पणी नहीं की गई।
-वीडीओ द्वारा न तो दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए, न ही औपचारिक प्रक्रिया अपनाई गई।
-रजिस्टर की पुरानी और नई नकल में कुसुमा देवी की जन्मतिथि में अंतर भी पाया गया।
अंतिम जांच के बाद कठोर कार्रवाई
डीडीओ अरुण कुमार ने कहा कि डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। इसी आधार पर वीडीओ को निलंबित किया गया है। अंतिम जांच के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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आंगनबाड़ी केंद्र परैया नमकसार पर कार्यकर्ता पद के लिए कुसुमा देवी का चयन हुआ है, जबकि उनकी सास पूनम देवी पहले से ही उसी केंद्र पर सहायिका के पद पर तैनात हैं। नियमानुसार एक ही परिवार के दो सदस्य आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत नहीं हो सकते। बावजूद इसके चयन की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
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शिकायत मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के निर्देश पर जिला पंचायती राज अधिकारी (डीपीआरओ) सौम्यशील सिंह ने जांच की। रिपोर्ट में सामने आया कि पूनम देवी ने अपने बेटे अमरजीत और बहू कुसुमा को परिवार से अलग दिखाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। जिसे वीडीओ शैलेंद्र कुमार ने नियमों की अनदेखी करते हुए स्वीकृत कर लिया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) अरुण कुमार ने वीडीओ शैलेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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जांच में कई खामियां उजागर
-परिवार रजिस्टर की नकल में अलगाव का कारण दर्ज नहीं किया गया।
-संबंधित कॉलम में पंचायत सचिव द्वारा कोई टिप्पणी नहीं की गई।
-वीडीओ द्वारा न तो दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए, न ही औपचारिक प्रक्रिया अपनाई गई।
-रजिस्टर की पुरानी और नई नकल में कुसुमा देवी की जन्मतिथि में अंतर भी पाया गया।
अंतिम जांच के बाद कठोर कार्रवाई
डीडीओ अरुण कुमार ने कहा कि डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। इसी आधार पर वीडीओ को निलंबित किया गया है। अंतिम जांच के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।