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31473 बच्चों को नहीं मिल सकेगा ड्रेस, स्वेटर का पैसा!
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रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग के सामने एक नई समस्या आ गई है। यूनिफार्म, स्वेटर, जूता-मोजा और स्कूल बैग की धनराशि भेजे जाने के लिए चल रही डीबीटी प्रक्रिया में 31473 बैंक खाते रोड़ा बन गए हैं। सभी बैंक खाते नॉन-सीडेड यानी निष्क्रिय हैं, जिनके सक्रिय हुए बगैर इन खातों में धनराशि नहीं भेजी सकेगी। यदि इन खातों को सीडेड नहीं कराया गया तो लाभ मिल पाना मुमकिन नहीं होगा। शिक्षक अभिभावकों के घर जाकर उन्हें प्रेरित करने के साथ बैंक खातों को सक्रिय कराने में मदद करेंगे, ताकि इन बच्चों को भी लाभ मिल सके।
शैक्षिक सत्र 2021-22 में निशुल्क यूनिफार्म, स्वेटर, स्कूल बैग एवं जूता-मोजा क्रय से संबंधित धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे छात्र-छात्राओं के माता-पिता/अभिभावकों के बैंक खाते में भेजा जाने की प्रक्रिया चल रही है। डीबीटी प्रक्रिया के तहत विद्यालय स्तर पर संग्रहीत आधार का प्रमाणीकरण प्रेरणा डीबीटी मोबाइल एप पर कराया जा रहा है, जिसका सत्यापन बीईओ और फिर बीएसए करते हैं।
डाटा को पीएफएमएस पोर्टल पर भुगतान के लिए भेज दिया जाता है। पहले चरण में लगभग 1.56 लाख बैंक खातों को पीएफएमएस पोर्टल पर भेजा गया था, जिसमें से लगभग 1.29 लाख बैंक खातों में धनराशि भेजी गई थी। लगभग 27 हजार बैंक खाते नॉन-सीडेड पाए गए थे। इन खातों को मिलाकर वर्तमान में 31,473 बैंक खाते नॉन-सीडेड हैं।
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किस ब्लॉक में कितने बैंक
खाते आधार सीडेड नहीं
विकास क्षेत्र बैंक खाते
बछरावां 1947
शिवगढ़ 2015
महराजगंज 1387
हरचंदपुर 1584
अमावां 2710
राही 1965
खीरों 779
सरेनी 1585
लालगं 1177
डलमऊ 2634
दीनशाह गौरा 1088
जगतपुर 973
रोहनिया 572
ऊंचाहार 1883
सतांव 1958
डीह 2935
छतोह 1356
सलोन 2152
नगर क्षेत्र 773
कुल 31473
अगले चरण में 60 हजार बच्चों को लाभ
डीबीटी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस मामले में रायबरेली जिला शुरू से ही टॉप-3 में शामिल रहा है। जिले के लगभग 2.90 लाख छात्र-छात्राओं में से लगभग 1.82 लाख बच्चों को पहले चरण में 11-11 सौ रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी है। एक लाख से अधिक बच्चों को लाभान्वित किया जाना बाकी है। नॉन-सीडेड बैंक खातों में अभी धनराशि भेजा जाना संभव नहीं है, लेकिन अगले चरण में 60 हजार से अधिक बच्चों को लाभान्वित करा दिया जाएगा। विभागीय अधिकारी कहते हैं कि अगले दो दिन में जिला स्तर पर डीबीटी प्रक्रिया पूरी कर डाटा पीएफएमएस पोर्टल पर भेज दिया जाएगा। नॉन-सीडेड खातों को भी सक्रिया कराने का प्रयास चल रहा है।
शत-प्रतिशत बच्चों को डीबीटी लाभ मिल सके, इसके लिए पूरे प्रयास हो रहे हैं। नॉन-सीडेड बैंक खातों को लेकर समस्या आ रही है। नॉन-सीडेड खातों का ब्लाकवार आंकड़ा खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजा गया है। कहा गया है कि शिक्षकों को अभिभावकों के पास भेंजे और प्रेरित करें, ताकि बैंक खाते सक्रिय हो सकें। डीएम ने लीड बैंक मैनेजर को पहले ही पत्र भेजा था, जिससे कि बैंक अपने स्तर पर निष्क्रिय खातों को सक्रिय करा सकें। - शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए।
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शैक्षिक सत्र 2021-22 में निशुल्क यूनिफार्म, स्वेटर, स्कूल बैग एवं जूता-मोजा क्रय से संबंधित धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे छात्र-छात्राओं के माता-पिता/अभिभावकों के बैंक खाते में भेजा जाने की प्रक्रिया चल रही है। डीबीटी प्रक्रिया के तहत विद्यालय स्तर पर संग्रहीत आधार का प्रमाणीकरण प्रेरणा डीबीटी मोबाइल एप पर कराया जा रहा है, जिसका सत्यापन बीईओ और फिर बीएसए करते हैं।
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डाटा को पीएफएमएस पोर्टल पर भुगतान के लिए भेज दिया जाता है। पहले चरण में लगभग 1.56 लाख बैंक खातों को पीएफएमएस पोर्टल पर भेजा गया था, जिसमें से लगभग 1.29 लाख बैंक खातों में धनराशि भेजी गई थी। लगभग 27 हजार बैंक खाते नॉन-सीडेड पाए गए थे। इन खातों को मिलाकर वर्तमान में 31,473 बैंक खाते नॉन-सीडेड हैं।
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किस ब्लॉक में कितने बैंक
खाते आधार सीडेड नहीं
विकास क्षेत्र बैंक खाते
बछरावां 1947
शिवगढ़ 2015
महराजगंज 1387
हरचंदपुर 1584
अमावां 2710
राही 1965
खीरों 779
सरेनी 1585
लालगं 1177
डलमऊ 2634
दीनशाह गौरा 1088
जगतपुर 973
रोहनिया 572
ऊंचाहार 1883
सतांव 1958
डीह 2935
छतोह 1356
सलोन 2152
नगर क्षेत्र 773
कुल 31473
अगले चरण में 60 हजार बच्चों को लाभ
डीबीटी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस मामले में रायबरेली जिला शुरू से ही टॉप-3 में शामिल रहा है। जिले के लगभग 2.90 लाख छात्र-छात्राओं में से लगभग 1.82 लाख बच्चों को पहले चरण में 11-11 सौ रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी है। एक लाख से अधिक बच्चों को लाभान्वित किया जाना बाकी है। नॉन-सीडेड बैंक खातों में अभी धनराशि भेजा जाना संभव नहीं है, लेकिन अगले चरण में 60 हजार से अधिक बच्चों को लाभान्वित करा दिया जाएगा। विभागीय अधिकारी कहते हैं कि अगले दो दिन में जिला स्तर पर डीबीटी प्रक्रिया पूरी कर डाटा पीएफएमएस पोर्टल पर भेज दिया जाएगा। नॉन-सीडेड खातों को भी सक्रिया कराने का प्रयास चल रहा है।
शत-प्रतिशत बच्चों को डीबीटी लाभ मिल सके, इसके लिए पूरे प्रयास हो रहे हैं। नॉन-सीडेड बैंक खातों को लेकर समस्या आ रही है। नॉन-सीडेड खातों का ब्लाकवार आंकड़ा खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजा गया है। कहा गया है कि शिक्षकों को अभिभावकों के पास भेंजे और प्रेरित करें, ताकि बैंक खाते सक्रिय हो सकें। डीएम ने लीड बैंक मैनेजर को पहले ही पत्र भेजा था, जिससे कि बैंक अपने स्तर पर निष्क्रिय खातों को सक्रिय करा सकें। - शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए।