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धरने पर बैठे विधायक तो टूटी अफसरों की नींद, 22 से बनेंगे पुल
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डलमऊ (रायबरेली)। गंग नहर पर टूटे पुलों की मरम्मत कराने की मांग को लेकर बुधवार को ऊंचाहार विधायक डॉ. मनोज पांडेय समर्थकों संग दीनगंज के पास धरना पर बैठ गए।
विधायक के धरने पर बैठने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर 22 दिसंबर से जर्जर पुलों की मरम्मत का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना खत्म हो सका। अब 15 हजार से अधिक ग्रामीणों को जल्द राहत मिलने वाली है।
विधायक डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि डलमऊ व दीनशाह गौरा ब्लॉक के उधमपुर, दीनगंज में गंगनहर पर बने पुल लंबे समय से जर्जर हैं। शिकायत करने के बाद भी पुलों को दुरुस्त नहीं कराया गया।
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प्रकरण को विधानसभा में नियम 51 के तहत भी उठाया, लेकिन विभागीय अधिकारियों व प्रशासन की लापरवाही के कारण दोनों पुल ध्वस्त हो गए हैं। एक दर्जन गांवों के 15 हजार से अधिक लोगों को आने-जाने में समस्या होती है।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि विभागीय अफसर कभी एनटीपीसी तो कभी अन्य अधिकारियों से बात करने की बात कहकर टरका रहे हैं। मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरने में करौली प्रधान देवराज यादव, बरारा बुजुर्ग प्रधान शिवराम यादव, प्रधान भरसना अंशु, प्रधान रचना, राहुल, प्रधान राधा बालमपुर विनय मिश्रा, नीरज यादव, अनुराग यादव, जिला पंचायत के सदस्य राजेंद्र यादव सहित सैकड़ों लोगों प्रदर्शन किया।
उधर, अधिकारियों ने धरना स्थल पर विधायक को लिखित पत्र उपलब्ध कराकर 22 दिसंबर से दोनों पुलों के मरम्मत का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद धरना समाप्त करने के साथ ही समय से मांग पूरी न होने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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विधायक के धरने पर बैठने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर 22 दिसंबर से जर्जर पुलों की मरम्मत का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना खत्म हो सका। अब 15 हजार से अधिक ग्रामीणों को जल्द राहत मिलने वाली है।
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विधायक डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि डलमऊ व दीनशाह गौरा ब्लॉक के उधमपुर, दीनगंज में गंगनहर पर बने पुल लंबे समय से जर्जर हैं। शिकायत करने के बाद भी पुलों को दुरुस्त नहीं कराया गया।
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प्रकरण को विधानसभा में नियम 51 के तहत भी उठाया, लेकिन विभागीय अधिकारियों व प्रशासन की लापरवाही के कारण दोनों पुल ध्वस्त हो गए हैं। एक दर्जन गांवों के 15 हजार से अधिक लोगों को आने-जाने में समस्या होती है।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि विभागीय अफसर कभी एनटीपीसी तो कभी अन्य अधिकारियों से बात करने की बात कहकर टरका रहे हैं। मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरने में करौली प्रधान देवराज यादव, बरारा बुजुर्ग प्रधान शिवराम यादव, प्रधान भरसना अंशु, प्रधान रचना, राहुल, प्रधान राधा बालमपुर विनय मिश्रा, नीरज यादव, अनुराग यादव, जिला पंचायत के सदस्य राजेंद्र यादव सहित सैकड़ों लोगों प्रदर्शन किया।
उधर, अधिकारियों ने धरना स्थल पर विधायक को लिखित पत्र उपलब्ध कराकर 22 दिसंबर से दोनों पुलों के मरम्मत का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद धरना समाप्त करने के साथ ही समय से मांग पूरी न होने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी दी गई।