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अफसरों ने अनसुनी की तो ग्रामीणों ने चंदा जमा कर खुद कराई माइनर की सफाई
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रायबरेली। सिंचाई विभाग की उदासीनता के चलते किसानेां को पानी के संकट से जूझना पड़ रहा है। नहरों की सफाई में मनमानी के चलते ज्यादातर नहरों में टेल तक पानी ही नहीं पहुंच पाता। यही वजह है कि किसान खुद चंदा लगाकर सफाई कराने को मजबूर है।
डलमऊ क्षेत्र से होकर निकली नरेंद्रपुर दाई और बाई माइनर की हेट से टेल तक सफाई नहीं होने से किसान बेहाल है। पानी के अभाव में धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर किसानों ने खुद चंदा जुटाकर माइनर की सफाई कराने का काम शुरू किया।
नरेंद्रपुर माइनर दाई तरफ की माइनर में जलकुंभी उगी है। इस वजह से आगे पानी नहीं पहुंच पाता है। इस समय धान की रोपाई का काम चल रहा है, लेकिन पानी के अभाव में किसान रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
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इस समस्या को कई बार अधिकारियों से अवगत कराया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे मजबूर होकर किसान खुद चंदा लगाकर माइनर की सफाई का काम जेसीबी से शुरू कराया।
पूरे बाबा गांव से पूरे बच्चा सिंह तक नहर में जलकुंभी की वजह से पानी आगे नहीं जा पा रहा है। इन गांवों के किसानों ने चंदा लगाकर जेसीबी से सफाई कराई। किसान प्रदीप कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, रामपाल, राजू, धर्मपाल ने बताया कि सिल्ट सफाई के नाम पर धन का बंदरबांट किया जाता है।
शेष बची माइनर की होगी सफाई
नरेंद्रपुर दाई और बाई माइनर की सफाई कराई गई है। एक साथ पूरी माइनर की सफाई का बजट नहीं मिलता है। जहां पर ज्यादा समस्या थी, वहां पर सफाई गई है। कई जगह किसानों ने नहर की पटरी काटकर खेत में मिला है।
इस वजह से कटान हो जाती है। शेष बची माइनर की सफाई के लिए इंस्टीमेट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। बजट मिलने पर माइनर की सफाई कराई जाएगी।
-हेमंत कुमार वर्मा, एक्सईएन सिंचाई खंड दक्षिणी
सेमरौता माइनर की शुरू हुई सफाई, जल्द पहुंचेगा पानी
इन्हौना (रायबरेली)। अमेठी जिले के तिलोई तहसील क्षेत्र से होकर निकली सेमरौता माइनर की सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है। माइनर में झाडिय़ां होने से पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा था। इस समस्या को अमर उजाला ने 12 जुलाई को धान की नर्सरी तैयार, नहर में पानी का इंतजार शीर्षक से खबर प्रकाशित की।
खबर छपने के बाद उपजिलाधिकारी तिलोई योगेंद्र सिंह ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई थी। इसके दो दिन बाद सिंचाई विभाग के अफसर हरकत में आए और जेसीबी से सेमरौता माइनर की सफाई जेसीबी से शुरू करा दी। किसान सूर्य प्रकाश, पारसनाथ, वेद प्रकाश, देवी प्रसाद ने खुशी जताई है।
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डलमऊ क्षेत्र से होकर निकली नरेंद्रपुर दाई और बाई माइनर की हेट से टेल तक सफाई नहीं होने से किसान बेहाल है। पानी के अभाव में धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर किसानों ने खुद चंदा जुटाकर माइनर की सफाई कराने का काम शुरू किया।
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नरेंद्रपुर माइनर दाई तरफ की माइनर में जलकुंभी उगी है। इस वजह से आगे पानी नहीं पहुंच पाता है। इस समय धान की रोपाई का काम चल रहा है, लेकिन पानी के अभाव में किसान रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
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इस समस्या को कई बार अधिकारियों से अवगत कराया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे मजबूर होकर किसान खुद चंदा लगाकर माइनर की सफाई का काम जेसीबी से शुरू कराया।
पूरे बाबा गांव से पूरे बच्चा सिंह तक नहर में जलकुंभी की वजह से पानी आगे नहीं जा पा रहा है। इन गांवों के किसानों ने चंदा लगाकर जेसीबी से सफाई कराई। किसान प्रदीप कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, रामपाल, राजू, धर्मपाल ने बताया कि सिल्ट सफाई के नाम पर धन का बंदरबांट किया जाता है।
शेष बची माइनर की होगी सफाई
नरेंद्रपुर दाई और बाई माइनर की सफाई कराई गई है। एक साथ पूरी माइनर की सफाई का बजट नहीं मिलता है। जहां पर ज्यादा समस्या थी, वहां पर सफाई गई है। कई जगह किसानों ने नहर की पटरी काटकर खेत में मिला है।
इस वजह से कटान हो जाती है। शेष बची माइनर की सफाई के लिए इंस्टीमेट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। बजट मिलने पर माइनर की सफाई कराई जाएगी।
-हेमंत कुमार वर्मा, एक्सईएन सिंचाई खंड दक्षिणी
सेमरौता माइनर की शुरू हुई सफाई, जल्द पहुंचेगा पानी
इन्हौना (रायबरेली)। अमेठी जिले के तिलोई तहसील क्षेत्र से होकर निकली सेमरौता माइनर की सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है। माइनर में झाडिय़ां होने से पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा था। इस समस्या को अमर उजाला ने 12 जुलाई को धान की नर्सरी तैयार, नहर में पानी का इंतजार शीर्षक से खबर प्रकाशित की।
खबर छपने के बाद उपजिलाधिकारी तिलोई योगेंद्र सिंह ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई थी। इसके दो दिन बाद सिंचाई विभाग के अफसर हरकत में आए और जेसीबी से सेमरौता माइनर की सफाई जेसीबी से शुरू करा दी। किसान सूर्य प्रकाश, पारसनाथ, वेद प्रकाश, देवी प्रसाद ने खुशी जताई है।