फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Mercury rolled eight degrees

आठ डिग्री लुढ़का पारा

Thu, 29 Oct 2015 12:39 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2015 12:39 AM IST
विज्ञापन
लोगों को बक्सों में रखे स्वेटर निकाल लिए। बूंदाबांदी से छात्र-छात्राओं को भीगते हुए घरों को जाना पड़ा। देर रात तक आसमान में बदली छाई रहने से मौसम सर्द रहा।
विज्ञापन


सुबह अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में बदली छा गई। पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। बदली छाने और बूंदाबांदी होने की वजह से मौसम सर्द हो गया।
विज्ञापन


लोगों को ठंड का एहसास हुआ। दोपहर में स्कूलों में छुट्टी हुई तो बूंदाबांदी हो रही थी। इससे स्कूली बच्चों को भीगते हुए घर जाना पड़ा। कुछ छात्र-छात्राओं ने बूंदाबांदी से बचने के लिए छाते का प्रयोग किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मौसम के सर्द होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बुधवार को अधिकतम पारा आठ डिग्री सेल्सियस लुढ़क कर 25 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस था।

वहीं बदलते मौसम ने अन्नदाताओं की मुसीबत बढ़ा दी है। बुधवार को हुई बूंदाबांदी से खेतों में कटी पड़ी धान की फसल भीग गई। इससे धान की पिटाई का कार्य नहीं बाधित हो गया।

हालांकि जिले में अभी 15 फीसदी धान की फसल कट पाई है। वहीं बूंदाबांदी से तोइया, चना की फसल को फायदा हुआ है। यही नहीं बारिश कुछ और तेज हो गई तो गेहूं की बोआई में तेजी आ जाएगी।


जिले में इस बार डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की रोपाई की गई थी। चूंकि इस बार बारिश न होने से निजी संसाधनों से किसानों ने धान की रोपाई की थी। इससे लेट धान की रोपाई की गई।


यही वजह है कि धान की फसल खेतों में कटी पड़ी है। सुबह बूंदाबांदी शुरू हुई तो उन किसानों के होश उड़ गए। जिनकी धान की फसल खेतों में कटी पड़ी थी।

किसान खेतों में पहुंचकर कटी पड़ी धान की फसल को दूसरे स्थान पर ले गए। इससे पिटाई का कार्य नहीं हो सका। यदि बारिश तेज हो जाती तो धान की फसल का अधिक नुकसान होता। हालांकि बूंदाबांदी से रबी की फसल के लिए फायदेमंद है। सूख रही चना, तोइया की फसल को बूंदाबांदी से फायदा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed