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229 जोड़ों ने लिए सात फेरे, पांच जोड़ों ने किया निकाह
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सामूहिक विवाह मंडप में उपस्थित वर-वधू व उनके परिवारीजन।
- फोटो : RAIBARAILY
रायबरेली। आईटीआई स्थित वृद्धा आश्रम में गुरुवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम हुआ। इसमें 229 जोड़ों ने हिंदू रीति-रिवाज के साथ शादी करते हुए सात फेरे लेकर जीवन भर साथ रहने की कसमें खाईं। वहीं पांच जोड़ों ने मुस्लिम रीति-रिवाज के साथ निकाह किया।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि शादी के गवाह बने। सभी ने विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। वैवाहिक कार्यक्रम में कोरोना को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया।
डीएम वैभव श्रीवास्तव, सीडीओ अभिषेक गोयल ने विवाहित जोड़ों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की पहल से इस तरह के कार्यक्रम जिले में किए जा रहे हैं। अब तक इस योजना के तहत जिले में 1611 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया जा चुका है।
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इस योजना के जरिए अभिभावकों के चेहरे पर मुस्कान भी आ रही है, क्योंकि उनके सामने बेटी के हाथ पीले करने की चिंता नहीं रहती। योजना के तहत शादी के इंतजाम किए जाते हैं।
विधायक रामनरेश रावत ने कहा कि पूरे प्रदेश में सामूहिक विवाह योजना में प्रारंभ से अब तक अधिक जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। प्रदेश सरकार द्वारा इस प्रकार के आयोजन को प्रत्येक जनपद में कराकर जहां गरीबों परिवारों के विवाह संपन्न करा सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रही है, वहीं ऐसे इस प्रकार के आयोजन समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द भी बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सीएम के निर्देशन में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन से जहां एक साथ सैकड़ों शादियां एक ही मंडप व एक ही स्थान पर हो रही हैं। इससे फिजूल खर्चे पर भी रोक लगने के साथ ही सामाजिक कुरीतियां भी दूर हो रही हैं।
अपर जिलाधिकारी राम अभिलाष व जिला समाज कल्याण अधिकारी डा. वैभव त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री का गरीब परिवारों की शादी योग्य कन्याओं के विवाह में सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक नवीन एवं अभिनव प्रयास है, जिसके सुखद परिणाम है।
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अधिकारी और जनप्रतिनिधि शादी के गवाह बने। सभी ने विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। वैवाहिक कार्यक्रम में कोरोना को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया।
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डीएम वैभव श्रीवास्तव, सीडीओ अभिषेक गोयल ने विवाहित जोड़ों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की पहल से इस तरह के कार्यक्रम जिले में किए जा रहे हैं। अब तक इस योजना के तहत जिले में 1611 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया जा चुका है।
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इस योजना के जरिए अभिभावकों के चेहरे पर मुस्कान भी आ रही है, क्योंकि उनके सामने बेटी के हाथ पीले करने की चिंता नहीं रहती। योजना के तहत शादी के इंतजाम किए जाते हैं।
विधायक रामनरेश रावत ने कहा कि पूरे प्रदेश में सामूहिक विवाह योजना में प्रारंभ से अब तक अधिक जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। प्रदेश सरकार द्वारा इस प्रकार के आयोजन को प्रत्येक जनपद में कराकर जहां गरीबों परिवारों के विवाह संपन्न करा सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रही है, वहीं ऐसे इस प्रकार के आयोजन समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द भी बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सीएम के निर्देशन में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन से जहां एक साथ सैकड़ों शादियां एक ही मंडप व एक ही स्थान पर हो रही हैं। इससे फिजूल खर्चे पर भी रोक लगने के साथ ही सामाजिक कुरीतियां भी दूर हो रही हैं।
अपर जिलाधिकारी राम अभिलाष व जिला समाज कल्याण अधिकारी डा. वैभव त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री का गरीब परिवारों की शादी योग्य कन्याओं के विवाह में सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक नवीन एवं अभिनव प्रयास है, जिसके सुखद परिणाम है।