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तीन गांवों में मनरेगा में 1.59 लाख का गड़बड़झाला पकड़ा
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रायबरेली। जिले में मनरेगा के कार्यों में मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। मनरेगा के कार्यों की सोशल ऑडिट में 1.58 लाख रुपये का गड़बड़झाला पकड़ में आया है।
बिना काम के ही भुगतान के मामले खीरों और डीह ब्लॉक के तीन गांवों में पकड़ में आए हैं। उपायुक्त मनरेगा को संबंधितों से जवाब लेने के साथ ही कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। कार्यों में मनमानी पकड़ में आने के बाद संबंधितों में हड़कंप मच गया है।
डीह ब्लॉक क्षेत्र के रोखा ग्राम पंचायत में मनरेगा से सड़क की पटरी की भराई के कार्य में बिना काम किए ही 1,22,258 रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सोशल ऑडिट में पकड़ में आया है।
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रामनरेश, रामसजीवन, राम केश आदि श्रमिकों ने बिना काम के ही भुगतान मिलने की बात टीम को बताई। जांच में मनमानी पकड़ में आने के बाद उपायुक्त मनरेगा को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा डीह ब्लॉक के ही पूरबनायन गांव में भी 20, 100 रुपये की मनमानी पकड़ में आई है। खीरों ब्लॉक की ग्राम पंचायत खीरों में बिना इंफार्मेशन बोर्ड लगाए ही 17, 319 रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सोशल ऑडिट में पकड़ा गया है।
उपायुक्त मनरेगा पवन कुमार सिंह ने बताया कि संयुक्त आयुक्त मनरेगा का पत्र आ गया है। संबंधित पंचायतों के सचिवों और पूर्व प्रधानों से जवाब मांगा जा रहा है। जवाब आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी, संबंधितों से वसूली भी की जा सकती है।
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बिना काम के ही भुगतान के मामले खीरों और डीह ब्लॉक के तीन गांवों में पकड़ में आए हैं। उपायुक्त मनरेगा को संबंधितों से जवाब लेने के साथ ही कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। कार्यों में मनमानी पकड़ में आने के बाद संबंधितों में हड़कंप मच गया है।
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डीह ब्लॉक क्षेत्र के रोखा ग्राम पंचायत में मनरेगा से सड़क की पटरी की भराई के कार्य में बिना काम किए ही 1,22,258 रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सोशल ऑडिट में पकड़ में आया है।
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रामनरेश, रामसजीवन, राम केश आदि श्रमिकों ने बिना काम के ही भुगतान मिलने की बात टीम को बताई। जांच में मनमानी पकड़ में आने के बाद उपायुक्त मनरेगा को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा डीह ब्लॉक के ही पूरबनायन गांव में भी 20, 100 रुपये की मनमानी पकड़ में आई है। खीरों ब्लॉक की ग्राम पंचायत खीरों में बिना इंफार्मेशन बोर्ड लगाए ही 17, 319 रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सोशल ऑडिट में पकड़ा गया है।
उपायुक्त मनरेगा पवन कुमार सिंह ने बताया कि संयुक्त आयुक्त मनरेगा का पत्र आ गया है। संबंधित पंचायतों के सचिवों और पूर्व प्रधानों से जवाब मांगा जा रहा है। जवाब आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी, संबंधितों से वसूली भी की जा सकती है।