{"_id":"6de107683c91cdea698b9ad7734471fe","slug":"make-an-effort-to-realize-daydreaming-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिन में सपने देख साकार करने का करो प्रयास ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिन में सपने देख साकार करने का करो प्रयास
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Dec 2015 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़कर यहां तक पहुंचा। काश मैं भी ऐसे (निजी स्कूल) में पढ़ता तो और बड़ा होता। बच्चों से आह्वान करते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने कहा था कि सपने दिन में देखो।
रात के सपने कभी साकार नहीं होते। जो दिन में सपने देखकर उन्हें साकार करने का प्रयास करते हैं, वही आगे बढ़ते हैं। बाद में पत्रकारों के सवाल पर वे बोले कि हमारा मतलब अच्छे स्कूल से है।
जहां अच्छी पढ़ाई हो, वहीं पढ़ना चाहिए। दयावती मोदी पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव व सांस्कृतिक समारोह में राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब और यीशू ने नए धर्म की रचना की थी।
विज्ञापन
उन्होंने समाज को शांति का संदेश देकर नई राह दिखाई। देश में अलग-अलग धर्म के लोग हैं, लेकिन हमें कैसे काम करना चाहिए, यह उनसे सीखने को मिलता है।
संसद के गेट पर भी यही लिखा है कि उदार चरित्र वाले लोगों को सारी दुनिया एक परिवार लगती है। हम सभी को ऐसा ही काम करना चाहिए।
हजरत मोहम्मद साहब व यीशू के अलावा भगवान राम का नाम न लेने पर पत्रकारों ने राज्यपाल से पूछा तो उन्होंने कहा कि आज और कल हजरत मोहम्म्द साहब और यीशू का जन्म दिन है।
इसलिए उनका नाम लिया। जहां रही भगवान राम की बात तो वे तो पूरी दुनिया में पूजे जाते हैं। बच्चों के योगा कार्यक्रम को देख राज्यपाल ने कहा कि पहली से 11वीं की कक्षा तक रोज सूर्य को नमस्कार कर आज यहां पहुंचा हूं।
आज उम्र 82 साल हो गई है, लेकिन आज भी किसी से कम नहीं हूं। राज्यपाल ने कहा कि 60 साल की उम्र में कैंसर हो गया था, लेकिन आज मैं ठीक हूं।
मन की इच्छा शक्ति मजबूत होनी चाहिए। योगा सभी रोगों से बचाने में कारगर है। प्राइमरी स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के सवाल पर कहा कि योगा व मन को शुद्ध रखने के लिए स्कूल के बाहर भी योग किया जा सकता है।
राज्यपाल राम नाईक ने स्कूल के बच्चों को 1954 में मिले मूलमंत्र के बारे में बताया। उन्होंने इसी मंत्र को अपनी सफलता का राज बताया।
उन्होंने कहा कि 61 साल पहले बीकॉम की पढ़ाई पूरी होने पर टीचर ने जो मूलमंत्र दिया था, उसी ने आज यहां पहुंचा दिया। राज्यपाल ने कहा कि पहला मंत्र है कि हमेशा मुस्कुराते रहो।
दूसरा मंत्र है कि किसी ने अच्छा किया है तो उसे अच्छा कहना सीखो। तीसरा मंत्र किसी का अवमानना न हो। चौथे मंत्र में जो भी कर रहे हो, उसे और अच्छा करने का प्रयास करो।
राज्यपाल से पुरस्कार पाकर बच्चे गदगद दिखे। उदय सिंह सिद्धू मेमोरियल सम्मान कक्षा 12 की नित्या त्रिपाठी व शिवांशी सिंह को दिया गया।
डॉ. लीना सिंह स्मृति सम्मान कक्षा 11 के छात्र आदित्य सिंह व ऋचा सिंह को दिया गया। डॉ. एसके मलिक स्मृति सम्मान कक्षा 12 की अनुकृति सिंह व कक्षा सात के आयुष सिंह को दिया गया।
विज्ञापन
रात के सपने कभी साकार नहीं होते। जो दिन में सपने देखकर उन्हें साकार करने का प्रयास करते हैं, वही आगे बढ़ते हैं। बाद में पत्रकारों के सवाल पर वे बोले कि हमारा मतलब अच्छे स्कूल से है।
विज्ञापन
जहां अच्छी पढ़ाई हो, वहीं पढ़ना चाहिए। दयावती मोदी पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव व सांस्कृतिक समारोह में राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब और यीशू ने नए धर्म की रचना की थी।
विज्ञापन
उन्होंने समाज को शांति का संदेश देकर नई राह दिखाई। देश में अलग-अलग धर्म के लोग हैं, लेकिन हमें कैसे काम करना चाहिए, यह उनसे सीखने को मिलता है।
संसद के गेट पर भी यही लिखा है कि उदार चरित्र वाले लोगों को सारी दुनिया एक परिवार लगती है। हम सभी को ऐसा ही काम करना चाहिए।
हजरत मोहम्मद साहब व यीशू के अलावा भगवान राम का नाम न लेने पर पत्रकारों ने राज्यपाल से पूछा तो उन्होंने कहा कि आज और कल हजरत मोहम्म्द साहब और यीशू का जन्म दिन है।
इसलिए उनका नाम लिया। जहां रही भगवान राम की बात तो वे तो पूरी दुनिया में पूजे जाते हैं। बच्चों के योगा कार्यक्रम को देख राज्यपाल ने कहा कि पहली से 11वीं की कक्षा तक रोज सूर्य को नमस्कार कर आज यहां पहुंचा हूं।
आज उम्र 82 साल हो गई है, लेकिन आज भी किसी से कम नहीं हूं। राज्यपाल ने कहा कि 60 साल की उम्र में कैंसर हो गया था, लेकिन आज मैं ठीक हूं।
मन की इच्छा शक्ति मजबूत होनी चाहिए। योगा सभी रोगों से बचाने में कारगर है। प्राइमरी स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के सवाल पर कहा कि योगा व मन को शुद्ध रखने के लिए स्कूल के बाहर भी योग किया जा सकता है।
राज्यपाल राम नाईक ने स्कूल के बच्चों को 1954 में मिले मूलमंत्र के बारे में बताया। उन्होंने इसी मंत्र को अपनी सफलता का राज बताया।
उन्होंने कहा कि 61 साल पहले बीकॉम की पढ़ाई पूरी होने पर टीचर ने जो मूलमंत्र दिया था, उसी ने आज यहां पहुंचा दिया। राज्यपाल ने कहा कि पहला मंत्र है कि हमेशा मुस्कुराते रहो।
दूसरा मंत्र है कि किसी ने अच्छा किया है तो उसे अच्छा कहना सीखो। तीसरा मंत्र किसी का अवमानना न हो। चौथे मंत्र में जो भी कर रहे हो, उसे और अच्छा करने का प्रयास करो।
राज्यपाल से पुरस्कार पाकर बच्चे गदगद दिखे। उदय सिंह सिद्धू मेमोरियल सम्मान कक्षा 12 की नित्या त्रिपाठी व शिवांशी सिंह को दिया गया।
डॉ. लीना सिंह स्मृति सम्मान कक्षा 11 के छात्र आदित्य सिंह व ऋचा सिंह को दिया गया। डॉ. एसके मलिक स्मृति सम्मान कक्षा 12 की अनुकृति सिंह व कक्षा सात के आयुष सिंह को दिया गया।