फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Make an effort to realize daydreaming

दिन में सपने देख साकार करने का करो प्रयास

Fri, 25 Dec 2015 12:05 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 25 Dec 2015 12:05 AM IST
विज्ञापन
गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़कर यहां तक पहुंचा। काश मैं भी ऐसे (निजी स्कूल) में पढ़ता तो और बड़ा होता। बच्चों से आह्वान करते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने कहा था कि सपने दिन में देखो।
विज्ञापन


रात के सपने कभी साकार नहीं होते। जो दिन में सपने देखकर उन्हें साकार करने का प्रयास करते हैं, वही आगे बढ़ते हैं। बाद में पत्रकारों के सवाल पर वे बोले कि हमारा मतलब अच्छे स्कूल से है।
विज्ञापन


जहां अच्छी पढ़ाई हो, वहीं पढ़ना चाहिए। दयावती मोदी पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव व सांस्कृतिक समारोह में राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब और यीशू ने नए धर्म की रचना की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने समाज को शांति का संदेश देकर नई राह दिखाई। देश में अलग-अलग धर्म के लोग हैं, लेकिन हमें कैसे काम करना चाहिए, यह उनसे सीखने को मिलता है।

संसद के गेट पर भी यही लिखा है कि उदार चरित्र वाले लोगों को सारी दुनिया एक परिवार लगती है। हम सभी को ऐसा ही काम करना चाहिए।

हजरत मोहम्मद साहब व यीशू के अलावा भगवान राम का नाम न लेने पर पत्रकारों ने राज्यपाल से पूछा तो उन्होंने कहा कि आज और कल हजरत मोहम्म्द साहब और यीशू का जन्म दिन है।

इसलिए उनका नाम लिया। जहां रही भगवान राम की बात तो वे तो पूरी दुनिया में पूजे जाते हैं। बच्चों के योगा कार्यक्रम को देख राज्यपाल ने कहा कि पहली से 11वीं की कक्षा तक रोज सूर्य को नमस्कार कर आज यहां पहुंचा हूं।

आज उम्र 82 साल हो गई है, लेकिन आज भी किसी से कम नहीं हूं। राज्यपाल ने कहा कि 60 साल की उम्र में कैंसर हो गया था, लेकिन आज मैं ठीक हूं।

मन की इच्छा शक्ति मजबूत होनी चाहिए। योगा सभी रोगों से बचाने में कारगर है। प्राइमरी स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के सवाल पर कहा कि योगा व मन को शुद्ध रखने के लिए स्कूल के बाहर भी योग किया जा सकता है।


राज्यपाल राम नाईक ने स्कूल के बच्चों को 1954 में मिले मूलमंत्र के बारे में बताया। उन्होंने इसी मंत्र को अपनी सफलता का राज बताया।

उन्होंने कहा कि 61 साल पहले बीकॉम की पढ़ाई पूरी होने पर टीचर ने जो मूलमंत्र दिया था, उसी ने आज यहां पहुंचा दिया। राज्यपाल ने कहा कि पहला मंत्र है कि हमेशा मुस्कुराते रहो।

दूसरा मंत्र है कि किसी ने अच्छा किया है तो उसे अच्छा कहना सीखो। तीसरा मंत्र किसी का अवमानना न हो। चौथे मंत्र में जो भी कर रहे हो, उसे और अच्छा करने का प्रयास करो।


राज्यपाल से पुरस्कार पाकर बच्चे गदगद दिखे। उदय सिंह सिद्धू मेमोरियल सम्मान कक्षा 12 की नित्या त्रिपाठी व शिवांशी सिंह को दिया गया।

डॉ. लीना सिंह स्मृति सम्मान कक्षा 11 के छात्र आदित्य सिंह व ऋचा सिंह को दिया गया। डॉ. एसके मलिक स्मृति सम्मान कक्षा 12 की अनुकृति सिंह व कक्षा सात के आयुष सिंह को दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed