{"_id":"619694ad711cca0e6d0009fa","slug":"kartik-purnima-mela-begins-with-ganga-aarti-raibaraily-news-lko6050500167","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा आरती के साथ कार्तिक पूर्णिमा मेले का आगाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा आरती के साथ कार्तिक पूर्णिमा मेले का आगाज
विज्ञापन
डलमऊ (रायबरेली)। गंगा आरती संग गुरुवार से कार्तिक पूर्णिमा मेला शुरू हो गया। गंगाघाटों पर हर तरफ आस्था का सैलाब दिख रहा है। परिवार संग आए लोग घाट के किनारे भजन-कीर्तन में लीन हैं। विभिन्न गंगाघाटों पर शुक्रवार को पांच लाख से ज्यादा भक्त आस्था की डुबकी लगाएंगे।
कोरोना की वजह से दो साल बाद लग रहे कार्तिक पूर्णिमा मेले के आयोजन से लोगों में जबरदस्त उत्साह है। पक्का घाट, कच्चा घाट, रानी शिवाला घाट समेत अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ से रौनक बढ़ गई है।
डलमऊ के वीआईपी घाट पर गुरुवार को जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, एसपी श्लोक कुमार ने विधि-विधान के साथ गंगा आरती करके कार्तिक मेले का शुभारंभ किया। इसके बाद मेला महोत्सव स्थल पर हवन पूजन किया।
विज्ञापन
महोत्सव में विभिन्न कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सभी का आकर्षण चुराया। पूर्णिमा पर पांच लाख से अधिक लोग स्नान करने पहुंचते हैं। मेले के शुभारंभ मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष बृजेश दत्त गौड़, ईओ आरती श्रीवास्तव, एसडीएम राजेश कुमार, एएसपी विश्वजीत श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
बैलगाड़ियों से घाटों पर पहुंचे लोग
समय चाहे जितना बदल गया हो, लेकिन कार्तिक पूर्णिमा मेले में आज भी लोग बैलगाड़ियों पर सवार होकर गंगा स्नान करने पहुंचते हैं। बुधवार रात से ही बैलगाड़ी पर सवार होकर लोग घाटों पर पहुंचने लगे। सड़क पर चल रही बैलगाड़ी और बैलों के गले में बंधे घुंघरू ने कार्तिक पूर्णिमा मेले के उत्साह को और बढ़ा दिया।
लोगों का कहना था कि बैलगाड़ी से सफर तय कर कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान और फिर मेले का लुत्फ उठाने का अपना अलग ही मजा है। गुरुवार देर शाम तक घाटों पर लाखों की संख्या में लोग पहुंच चुके थे। चारों ओर जय गंगा मइया के उद्घोष से गूंज रहे थे।
समय से पहले प्रशासन ने बंद किया मुख्य मार्ग
मुराईबाग मुख्य चौराहे से गंगा स्नान के दिन सुबह से रूट डायवर्जन किया जाना था। मुख्य मार्ग से सिर्फ पैदल जाने वाले लोगों को ही प्रवेश की अनुमति मिली है, लेकिन प्रशासन ने एक दिन पूर्व से ही मुख्य मार्ग को बंद कर दिया। इसको लेकर आने वाले श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि मार्ग बंद कर दिए जाने से दिक्कत हो रही है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैठक
डीएम और एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मेले में लगे पुलिस कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। डीएम-एसपी ने कहा कि सुरक्षा के प्रति किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी रखी जाए।
मनचलों पर रखेंगी नजर
मेले की व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को निर्धारित प्वाइंटों पर लगा दिया गया है। इनमें से कुछ महिला पुलिस कर्मियों को सादी वर्दी में मनचलों को सबक सिखाने के लिए तैनात किया गया है। ऐेसे में यदि कोई महिलाओं के साथ छींटाकशी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भक्तों में उत्साह, पहुंचे गंगाघाट
ऊंचाहार/सरेनी। ऊंचाहार और सरेनी क्षेत्र के विभिन्न गंगाघाटों पर भी कार्तिक पूर्णिमा मेला व स्नान की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। गुरुवार देर शाम घाटों पर लाखों की संख्या में भक्त स्नान के लिए पहुंच गए। कोरोना की वजह से दो साल से बंद चल रहे आयोजन को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है।
विज्ञापन
कोरोना की वजह से दो साल बाद लग रहे कार्तिक पूर्णिमा मेले के आयोजन से लोगों में जबरदस्त उत्साह है। पक्का घाट, कच्चा घाट, रानी शिवाला घाट समेत अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ से रौनक बढ़ गई है।
विज्ञापन
डलमऊ के वीआईपी घाट पर गुरुवार को जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, एसपी श्लोक कुमार ने विधि-विधान के साथ गंगा आरती करके कार्तिक मेले का शुभारंभ किया। इसके बाद मेला महोत्सव स्थल पर हवन पूजन किया।
विज्ञापन
महोत्सव में विभिन्न कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सभी का आकर्षण चुराया। पूर्णिमा पर पांच लाख से अधिक लोग स्नान करने पहुंचते हैं। मेले के शुभारंभ मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष बृजेश दत्त गौड़, ईओ आरती श्रीवास्तव, एसडीएम राजेश कुमार, एएसपी विश्वजीत श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
बैलगाड़ियों से घाटों पर पहुंचे लोग
समय चाहे जितना बदल गया हो, लेकिन कार्तिक पूर्णिमा मेले में आज भी लोग बैलगाड़ियों पर सवार होकर गंगा स्नान करने पहुंचते हैं। बुधवार रात से ही बैलगाड़ी पर सवार होकर लोग घाटों पर पहुंचने लगे। सड़क पर चल रही बैलगाड़ी और बैलों के गले में बंधे घुंघरू ने कार्तिक पूर्णिमा मेले के उत्साह को और बढ़ा दिया।
लोगों का कहना था कि बैलगाड़ी से सफर तय कर कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान और फिर मेले का लुत्फ उठाने का अपना अलग ही मजा है। गुरुवार देर शाम तक घाटों पर लाखों की संख्या में लोग पहुंच चुके थे। चारों ओर जय गंगा मइया के उद्घोष से गूंज रहे थे।
समय से पहले प्रशासन ने बंद किया मुख्य मार्ग
मुराईबाग मुख्य चौराहे से गंगा स्नान के दिन सुबह से रूट डायवर्जन किया जाना था। मुख्य मार्ग से सिर्फ पैदल जाने वाले लोगों को ही प्रवेश की अनुमति मिली है, लेकिन प्रशासन ने एक दिन पूर्व से ही मुख्य मार्ग को बंद कर दिया। इसको लेकर आने वाले श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि मार्ग बंद कर दिए जाने से दिक्कत हो रही है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैठक
डीएम और एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मेले में लगे पुलिस कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। डीएम-एसपी ने कहा कि सुरक्षा के प्रति किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी रखी जाए।
मनचलों पर रखेंगी नजर
मेले की व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को निर्धारित प्वाइंटों पर लगा दिया गया है। इनमें से कुछ महिला पुलिस कर्मियों को सादी वर्दी में मनचलों को सबक सिखाने के लिए तैनात किया गया है। ऐेसे में यदि कोई महिलाओं के साथ छींटाकशी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भक्तों में उत्साह, पहुंचे गंगाघाट
ऊंचाहार/सरेनी। ऊंचाहार और सरेनी क्षेत्र के विभिन्न गंगाघाटों पर भी कार्तिक पूर्णिमा मेला व स्नान की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। गुरुवार देर शाम घाटों पर लाखों की संख्या में भक्त स्नान के लिए पहुंच गए। कोरोना की वजह से दो साल से बंद चल रहे आयोजन को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है।