{"_id":"d9dde008358defaca7f57f99b142d476","slug":"jobs-lured-five-lakh-and-deceived-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरी का लालच देकर पांच लाख रुपये ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकरी का लालच देकर पांच लाख रुपये ठगे
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2015 12:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सदर कोतवाली क्षेत्र में नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से करीब पांच लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आयुर्वेदिक मार्केटिंग कंपनी में बेरोजगारों को नौकरी मिली थी, लेकिन आठ महीने बाद भी उन्हें वेतन नहीं दिया गया।
वेतन मांगा तो भगा दिया गया। सोमवार को बेरोजगारों ने डीएम प्रेम नारायण को पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की। डीएम ने पुलिस को जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बेरोजगार अमित कुमार, बृजेश कुमार, अमित चौधरी, वीरेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार, आलोक सिंह, शिव प्रकाश, ज्योति रानी, संगीता वर्मा, रचना देवी समेत 20 लोगों ने डीएम को दिए पत्र में बताया कि नेहरू नगर चौराहा के पास आयुर्वेदिक मार्केटिंग कंपनी खोली गई थी।
विज्ञापन
उन्हें ट्रेनिंग के दौरान 10 हजार रुपये और ट्रेनिंग के बाद 36 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाने की बात कही गई थी। बेरोजगारों से 24-24 हजार रुपये जमा भी कराया गया था।
इस तरह करीब चार लाख 80 हजार रुपये की ठगी की गई। करीब आठ महीने बीतने के बाद अब तक वेतन नहीं दिया गया है। वेतन मांगने पर नौकरी से निकाल दिया गया।
कंपनी के अधिकारी धमकी दे रहे हैं कि चाहे जहां शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा। बेरोजगार पुलिस कार्यालय भी गए, लेकिन किसी अधिकारी से मुलाकात न होने पर डीएम से मामले की शिकायत की।
विज्ञापन
वेतन मांगा तो भगा दिया गया। सोमवार को बेरोजगारों ने डीएम प्रेम नारायण को पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की। डीएम ने पुलिस को जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
बेरोजगार अमित कुमार, बृजेश कुमार, अमित चौधरी, वीरेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार, आलोक सिंह, शिव प्रकाश, ज्योति रानी, संगीता वर्मा, रचना देवी समेत 20 लोगों ने डीएम को दिए पत्र में बताया कि नेहरू नगर चौराहा के पास आयुर्वेदिक मार्केटिंग कंपनी खोली गई थी।
विज्ञापन
उन्हें ट्रेनिंग के दौरान 10 हजार रुपये और ट्रेनिंग के बाद 36 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाने की बात कही गई थी। बेरोजगारों से 24-24 हजार रुपये जमा भी कराया गया था।
इस तरह करीब चार लाख 80 हजार रुपये की ठगी की गई। करीब आठ महीने बीतने के बाद अब तक वेतन नहीं दिया गया है। वेतन मांगने पर नौकरी से निकाल दिया गया।
कंपनी के अधिकारी धमकी दे रहे हैं कि चाहे जहां शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा। बेरोजगार पुलिस कार्यालय भी गए, लेकिन किसी अधिकारी से मुलाकात न होने पर डीएम से मामले की शिकायत की।