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बेहतर होता, अगर हिंदू-मुस्लिम मिलकर हल निकालते-सलमान
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मौलाना सलमान नदवी
- फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। इस्लामिक स्कॉलर मौलाना सलमान नदवी ने कहा कि अयोध्या प्रकरण में बेहतर यही होता कि हिंदू-मुस्लिम सब मिल-बैठकर कोई हल निकाल लेते, लेकिन इंतजार करते रह गए।
इसके लिए उन्होंने कोशिश भी की थी। अब बातचीत का वक्त खत्म हो गया है। अब तो कोर्ट के फैसले का इंतजार करें। जो भी फैसला आएगा, उसे देखा जाएगा।
मौलाना नदवी गुरुवार रात शहर में आयोजित एक जलसे में भाग लेने आए थे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी राय में हिंदु-मुस्लिम को मिलकर कोई हल निकाल लेना चाहिए था।
मस्जिद को दूसरी जगह शिफ्ट करके बनाने की बात भी उन्होंने कही थी। मस्जिद के साथ ही यूनिवर्सिटी बना दी जाती, जिसमें मुस्लिमों के साथ हिंदू बच्चे भी पढ़ते। इसके लिए उन्होंने सारी कोशिशें कीं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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मौलाना नदवी से विगत दिवस नदवा में हुई धक्कामुक्की के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस मसले को राम मंदिर प्रकरण पर दिए गए बयानों से जोड़कर देखना कतई सही नहीं है।
नदवा में एक टीचर को निकाले जाने के मामले को लेकर बच्चे गुस्से में थे। छोटा खतराना स्थित मदरसा राबिया अल इस्लामिया लिलबनात में हुए जलसे में मौलाना नदवी ने कहा कि किसी की जान, माल और आबरू पर हमला नहीं होना चाहिए।
कुरानपाक सिर्फ एक किताब नहीं है। इसमें लिखी एक-एक बात पर हर शख्स को अमल करना चाहिए। जलसे का आगाज हाफिज अदनान ने कुरानपाक की तिलावत से किया। एहतेशाम ने नातेपाक पेश की।
संचालन मौलाना अब्दुल गफ्फार नदवी ने किया। इस अवसर पर मौलाना मआज नदवी, मौलाना जमीर नदवी, मौलाना अख्तर नदवी, अकरम खां, अताउर्रहमान, यूसुफ, यूनुस आदि मौजूद रहे।
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इसके लिए उन्होंने कोशिश भी की थी। अब बातचीत का वक्त खत्म हो गया है। अब तो कोर्ट के फैसले का इंतजार करें। जो भी फैसला आएगा, उसे देखा जाएगा।
मौलाना नदवी गुरुवार रात शहर में आयोजित एक जलसे में भाग लेने आए थे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी राय में हिंदु-मुस्लिम को मिलकर कोई हल निकाल लेना चाहिए था।
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मस्जिद को दूसरी जगह शिफ्ट करके बनाने की बात भी उन्होंने कही थी। मस्जिद के साथ ही यूनिवर्सिटी बना दी जाती, जिसमें मुस्लिमों के साथ हिंदू बच्चे भी पढ़ते। इसके लिए उन्होंने सारी कोशिशें कीं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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मौलाना नदवी से विगत दिवस नदवा में हुई धक्कामुक्की के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस मसले को राम मंदिर प्रकरण पर दिए गए बयानों से जोड़कर देखना कतई सही नहीं है।
नदवा में एक टीचर को निकाले जाने के मामले को लेकर बच्चे गुस्से में थे। छोटा खतराना स्थित मदरसा राबिया अल इस्लामिया लिलबनात में हुए जलसे में मौलाना नदवी ने कहा कि किसी की जान, माल और आबरू पर हमला नहीं होना चाहिए।
कुरानपाक सिर्फ एक किताब नहीं है। इसमें लिखी एक-एक बात पर हर शख्स को अमल करना चाहिए। जलसे का आगाज हाफिज अदनान ने कुरानपाक की तिलावत से किया। एहतेशाम ने नातेपाक पेश की।
संचालन मौलाना अब्दुल गफ्फार नदवी ने किया। इस अवसर पर मौलाना मआज नदवी, मौलाना जमीर नदवी, मौलाना अख्तर नदवी, अकरम खां, अताउर्रहमान, यूसुफ, यूनुस आदि मौजूद रहे।