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सात साल बाद बनारस से संस्थान का सचिव गिरफ्तार

Sat, 27 Jun 2020 11:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2020 11:03 PM IST
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Institute secretary arrested from Banaras after seven years
रायबरेली। राजधानी लखनऊ के सत्यानांद उच्च शिक्षा संस्थान विकासखंड गोमती नगर के लाइब्रेरियन को गोली मारे जाने के मामले में सात साल बाद शनिवार को संस्थान के सचिव को लालगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया। सीओ लालगंज इंद्र बहादुर सिंह की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी बनारस के एक होटल से की गई।
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उस पर आरोप है कि एक माह का वेतन मांगने पर आरोपी ने लाइब्रेरियन पर लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग करके घायल कर दिया था। पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर इस मामले की जांच रायबरेली स्थानांतरित की गई थी, जिसकी जांच सीओ लालगंज कर रहे थे।
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पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई ने बताया कि लखनऊ जिले के पारा थाना क्षेत्र के सूर्य नगर कॉलोनी राजाजीपुरम निवासी सत्येंद्रनाथ शुक्ला ने 2 सितंबर 2013 में गोमतीनगर थाने में केस दर्ज कराया था कि वह सत्यानांद उच्च शिक्षा संस्थान में लाइब्रेरियन के पद पर नियुक्त है। एक माह का वेतन न देने पर संस्थान के सचिव अंशुमान पांडेय ने ऑफिस में लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार दी थी।
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गोली उसके कंधे और कमर में लगी थी। बाद में पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर इस मामले की जांच रायबरेली स्थानांतरित कर दी गई थी, जिसकी जांच सीओ लालगंज कर रहे थे। लालगंज सीओ ने पुलिस टीम के साथ बनारस के गैगेज ग्रेंड होटल से आरोपी अंशुमान पांडेय को गिरफ्तार करके जेल भेजा। इसके पास से 33710 रुपये के अलावा एक बैग भी बरामद किया गया।
एसपी के मुताबिक गोमती नगर थाने में दर्ज कराए गए इस मामले की जांच चार सीओ ने की। पहले इस मामले की जांच तत्कालीन सीओ सदर श्वेता श्रीवास्तव को मिली थी। उनके स्थानांतरण होने के बाद तत्कालीन सीओ सदर शेषमणि उपाध्याय ने भी मामले की जांच की। उनके स्थानांतरण के बाद मामले की जांच तत्कालीन सीओ लालगंज लक्ष्मीकांत गौतम ने की।

बावजूद इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। अब इस मामले की जांच सीओ लालगंज इंद्र बहादुर सिंह को सौंपी गई। आखिरकार सात साल बाद पुलिस को मामले में कामयाबी मिली और आरोपी को बनारस से पकड़कर जेल भेज दिया गया।
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