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इंद्रदेव रूठे, खरीफ फसल की बोआई धीमी

Mon, 20 Jun 2022 11:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jun 2022 11:51 PM IST
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Indradev angry, sowing of Kharif crop slow
रायबरेली। इंद्रदेव के रूठने का असर खेती किसानी पर पड़ रहा है। हाल ये है कि खरीफ की फसल की रोपाई और बोआई का कार्य मंद पड़ गया है। धान की बेड़न डालने के कार्य को छोड़ दिया जाए तो अन्य फसलों की पूर्ति का कार्य नहीं हो सका है। बारिश न होने से जिले के चार लाख 67 हजार किसानों की बेचैैनी भी बढ़ गई है। उनका मानना है कि जल्द बरसात नहीं हुई तो इस बार खेती किसानी का कार्य और पिछड़ जाएगा।
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जून माह भी बीतने वाला है, लेकिन बारिश की शुरुआत नहीं हो सकी है। बछरावां, हरचंदपुर, महराजगंज, जगतपुर, लालगंज तहसील क्षेत्र में धान का उत्पादन सबसे ज्यादा होता है, लेकिन यहां पर धान की रोपाई का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। धान की नर्सरी तैयार हो गई है, लेकिन किसान बारिश होने का इंतजार कर रहे हैैं। मक्का, ज्वार आदि फसलों की बोवाई की शुरुआत अभी तक नहीं हो पाई है।
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तीन साल में अबकी सबसे कम बारिश
इस बार इंद्रदेव नाराज दिख रहे हैं। इसी कारण पिछले तीन वर्षों की तुलना अबकी बार बहुत ही कम बारिश हुई है। अमूमन अप्रैल माह से ही बारिश शुरू हो जाती है। मई और जून माह में हर साल अच्छी बारिश होने से किसानों की धान की रोपाई के काम में तेजी आ जाती है। पिछले दो वर्षों में अच्छी बारिश के कारण धान का अच्छा उत्पादन हुआ था। जिले में तमाम ऐसे क्षेत्र हैं जहां खेती-किसानी के लिए बारिश ज्यादा जरूरी है, लेकिन इंद्रदेव किसानों को दगा दे रहे हैं। जिले में मई 2021 में 51.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी। जून में भी 346.66 मिलीमीटर रिकॉर्ड बारिश हुई थी। वर्ष 2020 के मई माह में 38.3 मिलीमीटर और जून में 179.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। इस साल बारिश न के बराबर हुई है। मई माह में मत्र 33.6 मिलीमीटर बारिश हुई।
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फसल के उत्पादन पर पड़ेगा असर
बारिश न होने का फर्क खरीफ की फसल पर पड़ रहा है। यदि बारिश लेट से हुई तो इसका असर सबसे ज्यादा फसल के उत्पादन पर पड़ेगा। जून माह में पिछले साल भी अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन इस बार नहीं हुई। वैसे उम्मीद है कि जल्द बारिश होगी। किसान धान की नर्सरी डाल लें। जैसे ही बारिश हो, वैसे ही धान की फसल की रोपाई के साथ अन्य फसलों की बोआई का कार्य शुरू कर दें। -डॉ. आरके कनौजिया, कृषि वैज्ञानिक

जिले में बारिश न होने से अभी ज्यादा फसलों की बोआई पर असर नहीं पड़ा है। किसानों ने धान की नर्सरी डालने का जो लक्ष्य था, उसे पूरा कर लिया है। जल्द बारिश होते ही अन्य फसलों की बोआई का कार्य भी शुरू हो जाएगा। -रविचंद्र प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी
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