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Raebareli News: 10 करोड़ रुपये मिलें तो बदहाल सड़कों की बदले सूरत
Fri, 11 Sep 2026 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 11 Sep 2026 12:55 AM IST
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रायबरेली में डलमऊ मार्ग पर फंसा डंपर। संवाद
रायबरेली। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की बदहाल हुईं सड़कें नहीं सुधरीं। विभाग की ओर से इन सड़कों की मरम्मत के लिए यूपीडा व उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन स्थिति जस की तस रही। बुधवार को दिशा की बैठक में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाया। इसके बाद अधिकारी हरकत में आए। एक बार फिर पत्राचार की तैयारी शुरू की गई।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से चार साल पहले सड़कों का निर्माण कराया गया था। इनमें से कोई सड़क 10 साल, तो कोई 15 साल से बदहाल थी। सड़कें बनने के बाद लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिली। इसी बीच गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हो गया।
मिट्टी की ढुलाई में इन सड़कों पर डंपर दौड़ाए गए। लिहाजा 10 सड़कें फिर जस की तस हो गईं। जगह-जगह सड़कें तालाब बन गईं। ऐसे में ग्रामीणों को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। सड़कों की मरम्मत के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और यूपीडा के बीच कई बार बैठक और पत्राचार किए गए, लेकिन अब तक सड़कों की दशा नहीं बदली।
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विभाग की ओर से 10 जून 2026 और आठ जुलाई को पत्र भेजा गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इससे एक लाख लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ये सड़कें हुईं खराब
लक्ष्मीगंज मिर्जापुर ऐहारी से रघुनाथपुर लबेदवा संपर्क मार्ग, पूरे मेहरबान सिंह संपर्क मार्ग, विश्वनाथगंज से पड़रियां मार्ग से बसुही संपर्क मार्ग, ऐहार वाया जोहवा संपर्क मार्ग, पड़रियन चौराहा से बरगधिया संपर्क मार्ग, दुर्गागंज से बिन्नवापुरी संपर्क मार्ग, ऊंचाहार-खरौली संपर्क मार्ग, कठगर-रायबरेली-लालगंज मार्ग से करकसा संपर्क मार्ग, रायबरेली-प्रयागराज मार्ग से कुचरियां, अलावलपुर संपर्क मार्ग व दरीबा से कठगर संपर्क मार्ग बदहाल है।
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उच्चाधिकारियों को भेजा एस्टीमेट
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन सुजीत राय ने बताया कि विभाग की ओर से बनाई गईं 10 सड़कों की दशा बेहद खराब है। इन सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए यूपीडा को 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। अभी यह तय नहीं हो पाया है कि यूपीडा सड़कें बनवाएगा या फिर विभाग को बजट देगा। उधर, यूपीडा के एक्सईएन विजय कुमार ने बताया कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से मिले एस्टीमेट को उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। कार्यदायी एजेंसी बदहाल सड़कों को ठीक कराएंगी या फिर उसके भुगतान से कटौती करके संबंधित विभाग को बजट दिया जाएगा, इस बात पर उच्च स्तर पर मंथन चल रहा है।
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ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से चार साल पहले सड़कों का निर्माण कराया गया था। इनमें से कोई सड़क 10 साल, तो कोई 15 साल से बदहाल थी। सड़कें बनने के बाद लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिली। इसी बीच गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हो गया।
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मिट्टी की ढुलाई में इन सड़कों पर डंपर दौड़ाए गए। लिहाजा 10 सड़कें फिर जस की तस हो गईं। जगह-जगह सड़कें तालाब बन गईं। ऐसे में ग्रामीणों को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। सड़कों की मरम्मत के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और यूपीडा के बीच कई बार बैठक और पत्राचार किए गए, लेकिन अब तक सड़कों की दशा नहीं बदली।
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विभाग की ओर से 10 जून 2026 और आठ जुलाई को पत्र भेजा गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इससे एक लाख लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ये सड़कें हुईं खराब
लक्ष्मीगंज मिर्जापुर ऐहारी से रघुनाथपुर लबेदवा संपर्क मार्ग, पूरे मेहरबान सिंह संपर्क मार्ग, विश्वनाथगंज से पड़रियां मार्ग से बसुही संपर्क मार्ग, ऐहार वाया जोहवा संपर्क मार्ग, पड़रियन चौराहा से बरगधिया संपर्क मार्ग, दुर्गागंज से बिन्नवापुरी संपर्क मार्ग, ऊंचाहार-खरौली संपर्क मार्ग, कठगर-रायबरेली-लालगंज मार्ग से करकसा संपर्क मार्ग, रायबरेली-प्रयागराज मार्ग से कुचरियां, अलावलपुर संपर्क मार्ग व दरीबा से कठगर संपर्क मार्ग बदहाल है।
उच्चाधिकारियों को भेजा एस्टीमेट
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन सुजीत राय ने बताया कि विभाग की ओर से बनाई गईं 10 सड़कों की दशा बेहद खराब है। इन सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए यूपीडा को 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। अभी यह तय नहीं हो पाया है कि यूपीडा सड़कें बनवाएगा या फिर विभाग को बजट देगा। उधर, यूपीडा के एक्सईएन विजय कुमार ने बताया कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से मिले एस्टीमेट को उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। कार्यदायी एजेंसी बदहाल सड़कों को ठीक कराएंगी या फिर उसके भुगतान से कटौती करके संबंधित विभाग को बजट दिया जाएगा, इस बात पर उच्च स्तर पर मंथन चल रहा है।