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बेड मिला नहीं, आधा घंटे तक स्ट्रेचर पर पड़ी रही महिला, मौत होने पर भड़के लोग
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रायबरेली। जिला अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मंगलवार रात फिर पोल खुल गई। यहां ऑक्सीजन की कमी होने पर बेड के इंतजार में एक महिला आधे घंटे तक स्ट्रेचर पर लेटी रही।
बेड के इंतजार में महिला की सांसें थम गईं। महिला की मौत से नाराज परिवारीजनों ने एक घंटे तक इमरजेंसी कक्ष में बवाल मचाया। जिला अस्पताल के चौकी प्रभारी दिलीप राय के अलावा चिकित्सकों से हाथापाई की।
इस दौरान इमरजेंसी के ईएमओ डॉ.एमपी सिंह अपना आपा खो बैठे और उन्होंने भी परिवारीजनों के साथ मारपीट की। बाद में अफसरों और पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हो सका।
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शहर के निराला नगर निवासी कमला देवी (56) की मंगलवार देर रात तबियत खराब हो गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। परिवारीजन महिला को लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी कक्ष पहुंचे।
अस्पताल में बेड खाली न होने व ऑक्सीजन न होने पर महिला को स्ट्रेचर पर लेटा दिया गया। चिकित्सकों ने सलाह दी कि बेड खाली कराकर महिला को भर्ती कराने का प्रयास किया जाएगा। आधा घंटे तक महिला स्ट्रेचर पर ही तड़पती रही।
महिला को तड़पते देख परिवारीजन बिलख रहे थे, लेकिन उनकी व्यथा सुनने वाला कोई नहीं था। लाचार सिस्टम के आगे परिवारीजन बेबस रहे। इलाज के इंतजार में ही महिला की मौत हो गई।
इस पर परिवारीजनों का गुस्सा भड़क उठा और सभी हंगामा करते हुए नारेबाजी करने लगे। चिकित्सकों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए मारपीट करने लगे। सूचना पर जिला अस्पताल के चौकी प्रभारी दिलीप राय पहुंचे तो परिवारीजनों ने उनका कालर पकड़ लिया। अन्य पुलिस कर्मियों के साथ धक्कामुक्की की।
ईएमओ डॉ.एमपी सिंह के साथ भी हाथापाई की। इस दौरान एमपी सिंह परिवारीजनों के गुस्से पर उग्र हो गए। उन्होंने हाथ उठाते हुए परिवारीजनों के साथ मारपीट की। इससे हंगामा और विरोध प्रदर्शन होता रहा।
कुछ देर के लिए इमरजेंसी सेवा भी प्रभावित रही। एडीएम प्रशासन राम अभिलाष, सीएमएस डॉ.एनके श्रीवास्तव के साथ कोतवाल अतुल सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
एडीएम ने परिवारीजनों को समझाकर-बुझाकर शांत कराया। इस दौरान बवाल करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया, लेकिन बाद में छोड़ दिया गया। कोतवाल का कहना है कि समझाकर सभी को घर जाने दिया गया।
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बेड के इंतजार में महिला की सांसें थम गईं। महिला की मौत से नाराज परिवारीजनों ने एक घंटे तक इमरजेंसी कक्ष में बवाल मचाया। जिला अस्पताल के चौकी प्रभारी दिलीप राय के अलावा चिकित्सकों से हाथापाई की।
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इस दौरान इमरजेंसी के ईएमओ डॉ.एमपी सिंह अपना आपा खो बैठे और उन्होंने भी परिवारीजनों के साथ मारपीट की। बाद में अफसरों और पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हो सका।
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शहर के निराला नगर निवासी कमला देवी (56) की मंगलवार देर रात तबियत खराब हो गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। परिवारीजन महिला को लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी कक्ष पहुंचे।
अस्पताल में बेड खाली न होने व ऑक्सीजन न होने पर महिला को स्ट्रेचर पर लेटा दिया गया। चिकित्सकों ने सलाह दी कि बेड खाली कराकर महिला को भर्ती कराने का प्रयास किया जाएगा। आधा घंटे तक महिला स्ट्रेचर पर ही तड़पती रही।
महिला को तड़पते देख परिवारीजन बिलख रहे थे, लेकिन उनकी व्यथा सुनने वाला कोई नहीं था। लाचार सिस्टम के आगे परिवारीजन बेबस रहे। इलाज के इंतजार में ही महिला की मौत हो गई।
इस पर परिवारीजनों का गुस्सा भड़क उठा और सभी हंगामा करते हुए नारेबाजी करने लगे। चिकित्सकों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए मारपीट करने लगे। सूचना पर जिला अस्पताल के चौकी प्रभारी दिलीप राय पहुंचे तो परिवारीजनों ने उनका कालर पकड़ लिया। अन्य पुलिस कर्मियों के साथ धक्कामुक्की की।
ईएमओ डॉ.एमपी सिंह के साथ भी हाथापाई की। इस दौरान एमपी सिंह परिवारीजनों के गुस्से पर उग्र हो गए। उन्होंने हाथ उठाते हुए परिवारीजनों के साथ मारपीट की। इससे हंगामा और विरोध प्रदर्शन होता रहा।
कुछ देर के लिए इमरजेंसी सेवा भी प्रभावित रही। एडीएम प्रशासन राम अभिलाष, सीएमएस डॉ.एनके श्रीवास्तव के साथ कोतवाल अतुल सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
एडीएम ने परिवारीजनों को समझाकर-बुझाकर शांत कराया। इस दौरान बवाल करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया, लेकिन बाद में छोड़ दिया गया। कोतवाल का कहना है कि समझाकर सभी को घर जाने दिया गया।