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हड़ताल पर स्वास्थ्य कर्मी, दर्द से कराहे रोगी
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:48 AM IST
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रायबरेली में मंगलवार को जिला अस्पताल में रोगी को गोदी में लेकर ले जाता तीमारदार वीरेंद्र त्रिवेदी।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में मंगलवार को स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल का खामियाजा रोगियों को भुगतना पड़ा। रोगी पांच घंटे तक दर्द से कराहते रहे, लेकिन जिला अस्पताल में भर्ती नहीं किए जा सके। स्ट्रेचर तक नहीं मिलने से तीमारदार रोगियों को गोदी में उठाकर इधर-उधर लेकर भटकते रहे।
गुस्साए तीमारदारों ने हंगामा किया। किसी बवाल से निपटने के लिए पुलिस भी पहुंची। हालांकि बाद में सीएमएस ने किसी तरह रोगियों को भर्ती कराना शुरू किया। सीएचसी और पीएचसी में भी यही हाल रहा। स्वास्थ्य कर्मियों ने कामकाज ठप करके नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। एक स्वर में कहा कि मांगेें न माने तक कामकाज ठप रहेगा।
वेतन विसंगति दूर किए जाने समेत कई मांगों को लेकर फार्मासिस्ट व नर्सों समेत सभी स्वास्थ्य कर्मी मंगलवार को हड़ताल पर चले गए। सिर्फ डॉक्टर और क्लर्क ड्यूटी पर मौजूद रहे। हड़ताल की वजह ओपीडी खाली रही। दर्द से कराहते गंभीर रोगियों का डॉक्टरों ने कक्ष के बाहर निकलकर इलाज किया।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी कक्ष में डॉक्टर तो मौजूद थे, लेकिन रोगियों को भर्ती नहीं किया जा रहा था। रोगियों को इमरजेंसी कक्ष ले जाने वाले स्ट्रेचर नहीं मिलने से तीमारदार रोगियों को गोदी में लेकर भटकते रहे। बघेल गांव के बुजुर्ग रामानंद को इमरजेंसी ले जाया गया।
उन्हें चोट लगी थी। वह पांच घंटे तक दर्द से कराहते रहे, लेकिन भर्ती नहीं किया जा सका। तिलोई निवासी रामरतन को बुखार था, लेकिन उसका इलाज नहीं हो सका। राही ब्लॉक क्षेत्र के खागीपुर सड़वा गांव निवासी वीरेंद्र त्रिवेदी व उमेश त्रिवेदी अपनी नानी का इलाज कराने पहुंचे थे।
स्ट्रेचर न मिलने पर वीरेंद्र ने गोदी उठाकर नानी को अस्पताल पहुंचाया। यही नहीं महिला धनराजा अपने बेटे का इलाज कराने आई थी, लेकिन उसे बैरंग लौटना पड़ा। दवाएं तक नहीं मिली। रोगियों की तादाद बढ़ने पर सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने वैकल्पिक व्यवस्था कर रोगियों को भर्ती शुरू कराना।
इससे रोगियों और तीमारदारों को पांच घंटे बाद कुछ राहत मिली। उधर, जिला अस्पताल के सीएमएस कक्ष के सामने स्वास्थ्य कर्मियों ने कामकाज ठप करके धरने पर बैठकर प्रदर्शन किया। सभी का कहना था कि वेतन विसंगति दूर कराए जाने समेत उनकी कई मांगें हैं, जिस पर विचार नहीं किया जा रहा है।
मांगें न जाने तक हड़ताल चलती रहेगी। इस मौके पर समीउल्ला खां, राजेश सिंह, शशिबाला सिंह, रजनी त्रिपाठी, रवि सिंह, राजीव त्रिवेदी आदि मौजूद रहे। सीएचसी-पीएचसी में भी स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर रहकर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।
शिवगढ़ सीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट अनिल श्रीवास्तव, राजकुमार त्रिपाठी औषधि भंडार में ताला बंद कर जिला मुख्यालय चले गए। इससे रोगियों को बाहर से दवा लेनी पड़ी।
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गुस्साए तीमारदारों ने हंगामा किया। किसी बवाल से निपटने के लिए पुलिस भी पहुंची। हालांकि बाद में सीएमएस ने किसी तरह रोगियों को भर्ती कराना शुरू किया। सीएचसी और पीएचसी में भी यही हाल रहा। स्वास्थ्य कर्मियों ने कामकाज ठप करके नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। एक स्वर में कहा कि मांगेें न माने तक कामकाज ठप रहेगा।
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वेतन विसंगति दूर किए जाने समेत कई मांगों को लेकर फार्मासिस्ट व नर्सों समेत सभी स्वास्थ्य कर्मी मंगलवार को हड़ताल पर चले गए। सिर्फ डॉक्टर और क्लर्क ड्यूटी पर मौजूद रहे। हड़ताल की वजह ओपीडी खाली रही। दर्द से कराहते गंभीर रोगियों का डॉक्टरों ने कक्ष के बाहर निकलकर इलाज किया।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी कक्ष में डॉक्टर तो मौजूद थे, लेकिन रोगियों को भर्ती नहीं किया जा रहा था। रोगियों को इमरजेंसी कक्ष ले जाने वाले स्ट्रेचर नहीं मिलने से तीमारदार रोगियों को गोदी में लेकर भटकते रहे। बघेल गांव के बुजुर्ग रामानंद को इमरजेंसी ले जाया गया।
उन्हें चोट लगी थी। वह पांच घंटे तक दर्द से कराहते रहे, लेकिन भर्ती नहीं किया जा सका। तिलोई निवासी रामरतन को बुखार था, लेकिन उसका इलाज नहीं हो सका। राही ब्लॉक क्षेत्र के खागीपुर सड़वा गांव निवासी वीरेंद्र त्रिवेदी व उमेश त्रिवेदी अपनी नानी का इलाज कराने पहुंचे थे।
स्ट्रेचर न मिलने पर वीरेंद्र ने गोदी उठाकर नानी को अस्पताल पहुंचाया। यही नहीं महिला धनराजा अपने बेटे का इलाज कराने आई थी, लेकिन उसे बैरंग लौटना पड़ा। दवाएं तक नहीं मिली। रोगियों की तादाद बढ़ने पर सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने वैकल्पिक व्यवस्था कर रोगियों को भर्ती शुरू कराना।
इससे रोगियों और तीमारदारों को पांच घंटे बाद कुछ राहत मिली। उधर, जिला अस्पताल के सीएमएस कक्ष के सामने स्वास्थ्य कर्मियों ने कामकाज ठप करके धरने पर बैठकर प्रदर्शन किया। सभी का कहना था कि वेतन विसंगति दूर कराए जाने समेत उनकी कई मांगें हैं, जिस पर विचार नहीं किया जा रहा है।
मांगें न जाने तक हड़ताल चलती रहेगी। इस मौके पर समीउल्ला खां, राजेश सिंह, शशिबाला सिंह, रजनी त्रिपाठी, रवि सिंह, राजीव त्रिवेदी आदि मौजूद रहे। सीएचसी-पीएचसी में भी स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर रहकर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।
शिवगढ़ सीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट अनिल श्रीवास्तव, राजकुमार त्रिपाठी औषधि भंडार में ताला बंद कर जिला मुख्यालय चले गए। इससे रोगियों को बाहर से दवा लेनी पड़ी।