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Raebareli News: टूटे सुनहरे ख्वाब, देश में 229वीं और प्रदेश में मिली 40वीं रैंक
Fri, 18 Jul 2025 01:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 18 Jul 2025 01:11 AM IST
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रायबरेली। केंद्र सरकार की ओर से बृहस्पतिवार को वर्ष 2024-25 के स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट जारी कर दी गई। रिपोर्ट शहरवासियों को मायूस करने वाली है। जागरूकता कार्यक्रम और साफ-सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर को देश में 229वीं और प्रदेश में 40वीं रैंक मिली है। वर्ष 2023-24 में देश में 191वीं और प्रदेश में 32वीं रैंक आई थी। आंकड़े तो रैंकिंग गिरने का इशारा कर रहे हैं, लेकिन अफसर पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल की प्रतियोगिता में शहरों की संख्या ज्यादा होने का हवाला देते हुए रैंकिंग में थोड़ा सुधार होने का दावा कर रहे हैं।
सफाई पर हर माह खर्च कर रहे एक करोड़
शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए सफाई पर प्रति माह एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाते हैं। अधिकारी, कर्मचारी मिलाकर 550 से ज्यादा लोगों की तैनाती है। इसके अलावा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना संचालित कराई जा रही है। इसके बाद भी अच्छी रैंकिंग न मिल पाने से शहरवासियों में मायूसी है। इस बार सड़कों की सफाई के लिए करोड़ों रुपये खर्च करके रोड स्वीपिंग मशीन भी खरीदी गई है।
डस्टबिन गारबेज फ्री सिटी में मिली वन स्टार की रैंकिंग
वर्ष 2024-25 में देश के 824 शहरों में से रायबरेली नगर पालिका को 229वीं, जबकि प्रदेश में तीन से पांच लाख आबादी वाले वाले 117 शहरों के सर्वेक्षण में 40वीं रैंक मिली है। वहीं, 2023-24 में 446 शहरों में कराए गए सर्वेक्षण में देश में 191वीं और प्रदेश में तीन से पांच लाख आबादी वाले 61 शहरों के सर्वेक्षण में रायबरेली को 32वीं रैंक मिली थी। ऐसे में नगर पालिका परिषद रायबरेली की रैंकिंग में पिछले साल के मुकाबले सुधार हुआ है। इस साल डस्टबिन गारबेज फ्री सिटी (सड़क पर कूड़े के ढेर न होने) में रायबरेली को वन स्टार की रैंकिंग मिली है, जबकि पिछले साल कोई रैंकिंग नहीं मिली थी।
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- स्वर्ण सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद, रायबरेली
रैंकिंग में सुधार के लिए और बेहतर कार्य करेंगे
पिछले साल की अपेक्षा इस बार ज्यादा शहरों को मिलाकर सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार की गई है। इसके बाद भी साफ-सफाई के मामले में नगर पालिका परिषद रायबरेली को देश और प्रदेश में पिछले साल के मुकाबले अच्छी रैंकिंग मिली है। यह सब शहरवासियों के प्रयास से संभव हुआ है। हम और बेहतर कार्य करेंगे, ताकि अगले साल नंबर वन की रैंकिंग हासिल की जा सके।
- शत्रोहन सोनकर, पालिकाध्यक्ष
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सफाई पर हर माह खर्च कर रहे एक करोड़
शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए सफाई पर प्रति माह एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाते हैं। अधिकारी, कर्मचारी मिलाकर 550 से ज्यादा लोगों की तैनाती है। इसके अलावा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना संचालित कराई जा रही है। इसके बाद भी अच्छी रैंकिंग न मिल पाने से शहरवासियों में मायूसी है। इस बार सड़कों की सफाई के लिए करोड़ों रुपये खर्च करके रोड स्वीपिंग मशीन भी खरीदी गई है।
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डस्टबिन गारबेज फ्री सिटी में मिली वन स्टार की रैंकिंग
वर्ष 2024-25 में देश के 824 शहरों में से रायबरेली नगर पालिका को 229वीं, जबकि प्रदेश में तीन से पांच लाख आबादी वाले वाले 117 शहरों के सर्वेक्षण में 40वीं रैंक मिली है। वहीं, 2023-24 में 446 शहरों में कराए गए सर्वेक्षण में देश में 191वीं और प्रदेश में तीन से पांच लाख आबादी वाले 61 शहरों के सर्वेक्षण में रायबरेली को 32वीं रैंक मिली थी। ऐसे में नगर पालिका परिषद रायबरेली की रैंकिंग में पिछले साल के मुकाबले सुधार हुआ है। इस साल डस्टबिन गारबेज फ्री सिटी (सड़क पर कूड़े के ढेर न होने) में रायबरेली को वन स्टार की रैंकिंग मिली है, जबकि पिछले साल कोई रैंकिंग नहीं मिली थी।
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- स्वर्ण सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद, रायबरेली
रैंकिंग में सुधार के लिए और बेहतर कार्य करेंगे
पिछले साल की अपेक्षा इस बार ज्यादा शहरों को मिलाकर सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार की गई है। इसके बाद भी साफ-सफाई के मामले में नगर पालिका परिषद रायबरेली को देश और प्रदेश में पिछले साल के मुकाबले अच्छी रैंकिंग मिली है। यह सब शहरवासियों के प्रयास से संभव हुआ है। हम और बेहतर कार्य करेंगे, ताकि अगले साल नंबर वन की रैंकिंग हासिल की जा सके।
- शत्रोहन सोनकर, पालिकाध्यक्ष