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सर्वर ने दिया धोखा, एक भी गरीब के नहीं बने गोल्डन कार्ड
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रायबरेली। गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान सर्वर की कमी से फुस्स हो गया।
बृहस्पतिवार को एक भी अंत्योदय कार्डधारक का गोल्डन कार्ड नहीं बनाया जा सका। इससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
जिले में 1,01,599 अंत्योदय कार्डधारक परिवार हैं, जिनमें 18,778 परिवारों के आयुष्मान कार्ड पहले ही बन गए हैं। 82,811 गरीबों के कार्ड बनने हैं।
इसके लिए 20 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया गया है। बृहस्पतिवार को अभियान के दूसरे दिन भी सर्वर ने काम नहीं किया।
आयुष्मान मित्रों ने गांवों में जाकर कार्ड बनाने की कोशिश की पर सर्वर न होने से एक भी गोल्डन कार्ड नहीं बन पाया। सीएमओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में 3,97,689 परिवारों के 16,73,751 सदस्य कैशलेस इलाज के लिए चिह्नित हैं।
जिले में अभी तक 1,43,048 परिवारों के 3,32,847 लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। अंत्योदय कार्डधारकों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अभियान शुरू किया गया है, लेकिन बृहस्पतिवार को सर्वर न होने के कारण कार्ड बनाने में समस्या हुई। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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बृहस्पतिवार को एक भी अंत्योदय कार्डधारक का गोल्डन कार्ड नहीं बनाया जा सका। इससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
जिले में 1,01,599 अंत्योदय कार्डधारक परिवार हैं, जिनमें 18,778 परिवारों के आयुष्मान कार्ड पहले ही बन गए हैं। 82,811 गरीबों के कार्ड बनने हैं।
इसके लिए 20 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया गया है। बृहस्पतिवार को अभियान के दूसरे दिन भी सर्वर ने काम नहीं किया।
आयुष्मान मित्रों ने गांवों में जाकर कार्ड बनाने की कोशिश की पर सर्वर न होने से एक भी गोल्डन कार्ड नहीं बन पाया। सीएमओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में 3,97,689 परिवारों के 16,73,751 सदस्य कैशलेस इलाज के लिए चिह्नित हैं।
जिले में अभी तक 1,43,048 परिवारों के 3,32,847 लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। अंत्योदय कार्डधारकों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अभियान शुरू किया गया है, लेकिन बृहस्पतिवार को सर्वर न होने के कारण कार्ड बनाने में समस्या हुई। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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