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गांधी परिवार से जुड़े ट्रस्टों की जमीनों की हो सीबीआई जांच : अजय
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Sun, 24 Apr 2016 11:52 PM IST
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रायबरेली में रविवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मीडिया से रूबरू होते भाजपा नेता अजय अग्रवाल व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा नेता अजय अग्रवाल ने गांधी परिवार से जुड़े ट्रस्टों की जमीनों के दुरुपयोग की सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से जमीनें तो जनहित के लिए दी गई लेकिन इनका अब व्यवसायिक प्रयोग हो रहा है।
यहां तक कि अब जमीनों की प्लाटिंग तक की जा रही है। इसके लिए वे राज्यपाल और सीएम से मिलकर वार्ता करेंगे। वे रविवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कमला नेहरू ट्रस्ट, फिरोज गांधी ट्रस्ट, इंदिरा गांधी ट्रस्ट व राजीव गांधी ट्रस्ट की जमीनें देशभर में फैली है।
इनका आवंटन जनहित कार्यों के लिए किया गया। पर अब उन जमीनों को व्यावसायिक कार्यों के लिए बेचा जा रहा है। कहा कि वे सभी मामलों की सीबीआई जांच के लिए केंद्र और राज्य सरकार से गुहार लगाएंगे। जल्द ही हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर करेंगे।
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उन्होंने कहा कि जिले में कमला नेहरू एजूकेशन सोसायटी द्वारा महिला कॉलेज खोलने के लिए किराये पर जमीन ली गई थी। उसे फर्जी तरीके से फ्रीहोल्ड कराकर डकैत ददुआ के परिवारीजनों के हाथ बेचने की साजिश की गई है। उस जमीन पर काबिज 150 परिवारों को धमकी दी जा रही है।
सोसायटी की जमीन का फ्रीहोल्ड निरस्त कर ट्रस्टी व दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। फिरोज गांधी कॉलेज के लिए 1959 में सरकार द्वारा किया गया पट्टा 1989 में समाप्त हो चुका है। कानूनन अब यह राज्य सरकार का कॉलेज बन चुका है।
राज्य सरकार को इस कॉलेज को टेकओवर कर लेना चाहिए। इसके अलावा कॉलेज के सामने का पट्टा भी 2004 में समाप्त हो चुका है। इस पर छात्रावास, खेल मैदान और शिक्षकों के लिए आवास बनने थे। अब यहां प्लाटिंग की जा रही है।
भाजपा नेता अजय अग्रवाल ने कहा कि ट्रस्ट की जमीनों में हो रहे गोरखधंधे की जानकारी गांधी परिवार को है। उन्हीं के लोग जमीन का सौदा कर रहे हैं। केंद्र की सत्ता में रहने के बाद भी सांसद सोनिया गांधी को इन जमीनों की याद नहीं आई।
यही वजह है कि आज तक शिक्षा के स्तर में कोई सुधार नहीं हो सका है। इतना ही नहीं एफजी कॉलेज 2011 में भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय का संबद्ध कॉलेज बनाया जाना था। उसको भी तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल से कहकर रुकवा दिया गया।
हाल ही में जिले की सड़कों के लिए करोड़ों का बजट केंद्र सरकार ने मंजूर किया है। इसमें कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं है। इसके बावजूद सोनिया गांधी झूठी वाहवाही लेने से नहीं चूक रहीं हैं। जनता सब कुछ जानती है। सत्ता में रहने पर कुछ दिया नहीं है। अब भाजपा की सरकार में अपनी उपलब्धि गिना रहीं हैं।
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यहां तक कि अब जमीनों की प्लाटिंग तक की जा रही है। इसके लिए वे राज्यपाल और सीएम से मिलकर वार्ता करेंगे। वे रविवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कमला नेहरू ट्रस्ट, फिरोज गांधी ट्रस्ट, इंदिरा गांधी ट्रस्ट व राजीव गांधी ट्रस्ट की जमीनें देशभर में फैली है।
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इनका आवंटन जनहित कार्यों के लिए किया गया। पर अब उन जमीनों को व्यावसायिक कार्यों के लिए बेचा जा रहा है। कहा कि वे सभी मामलों की सीबीआई जांच के लिए केंद्र और राज्य सरकार से गुहार लगाएंगे। जल्द ही हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर करेंगे।
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उन्होंने कहा कि जिले में कमला नेहरू एजूकेशन सोसायटी द्वारा महिला कॉलेज खोलने के लिए किराये पर जमीन ली गई थी। उसे फर्जी तरीके से फ्रीहोल्ड कराकर डकैत ददुआ के परिवारीजनों के हाथ बेचने की साजिश की गई है। उस जमीन पर काबिज 150 परिवारों को धमकी दी जा रही है।
सोसायटी की जमीन का फ्रीहोल्ड निरस्त कर ट्रस्टी व दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। फिरोज गांधी कॉलेज के लिए 1959 में सरकार द्वारा किया गया पट्टा 1989 में समाप्त हो चुका है। कानूनन अब यह राज्य सरकार का कॉलेज बन चुका है।
राज्य सरकार को इस कॉलेज को टेकओवर कर लेना चाहिए। इसके अलावा कॉलेज के सामने का पट्टा भी 2004 में समाप्त हो चुका है। इस पर छात्रावास, खेल मैदान और शिक्षकों के लिए आवास बनने थे। अब यहां प्लाटिंग की जा रही है।
भाजपा नेता अजय अग्रवाल ने कहा कि ट्रस्ट की जमीनों में हो रहे गोरखधंधे की जानकारी गांधी परिवार को है। उन्हीं के लोग जमीन का सौदा कर रहे हैं। केंद्र की सत्ता में रहने के बाद भी सांसद सोनिया गांधी को इन जमीनों की याद नहीं आई।
यही वजह है कि आज तक शिक्षा के स्तर में कोई सुधार नहीं हो सका है। इतना ही नहीं एफजी कॉलेज 2011 में भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय का संबद्ध कॉलेज बनाया जाना था। उसको भी तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल से कहकर रुकवा दिया गया।
हाल ही में जिले की सड़कों के लिए करोड़ों का बजट केंद्र सरकार ने मंजूर किया है। इसमें कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं है। इसके बावजूद सोनिया गांधी झूठी वाहवाही लेने से नहीं चूक रहीं हैं। जनता सब कुछ जानती है। सत्ता में रहने पर कुछ दिया नहीं है। अब भाजपा की सरकार में अपनी उपलब्धि गिना रहीं हैं।