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पुलिस-प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 15 Feb 2016 12:25 AM IST
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अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र सेमरौता स्थित रामजानकी मंदिर में चोरी हुई अष्टधातु की मूर्तियों को पुलिस अभी तक बरामद नहीं कर पाई है। इससे रविवार को ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
सेमरौता-इन्हौंना मार्ग पर जाम लगाकर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। जल्द मूर्तियां बरामद न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। आरोप लगाया कि पुलिस मामले में लीपापोती कर रही है।
जिसकी वजह से मूर्तियां बरामद नहीं हो पा रही हैं। सोमवार को एक ज्ञापन अमेठी डीएम और एसपी को सौंपा जाएगा। रामजानकी मंदिर सेमरौता से 25 जनवरी की रात राम, सीता व लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हो गई थी।
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मूर्तियों की कीमत करीब डेढ़ करोड़ है। ग्रामीणों ने पहले मंदिर परिसर में बैठक करके घटना को लेकर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक मो. मुस्लिम की अगुवाई में मार्ग जाम कर दिया।
नारेबाजी के साथ प्रदर्शन कर दिया। विधायक ने कहा कि घटना के 20 दिन बीत गए हैं, लेकिन पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पुलिस मामले को दबाने में जुटी है।
परमानंद मिश्र, गिरीश बाजपेयी, नंद किशोर बाजपेयी, लक्ष्मीकांत पांडेय ने कहा कि पुलिस मूर्तियां को खोजने में तेजी नहीं दिखा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस हवा में तीर चला रहीं है।
सभी ने कहा कि यदि मूर्तियों को जल्द नहीं बरामद किया गया तो सभी ग्रामीण आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर तारकनाथ, जहीर अहमद कुरैशी, खलील अहमद आदि थे। उधर, एसओ दिनेश यादव का कहना है कि जांच चल रही है। जल्द मूर्तियां बरामद की जाएंगी।
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सेमरौता-इन्हौंना मार्ग पर जाम लगाकर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। जल्द मूर्तियां बरामद न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। आरोप लगाया कि पुलिस मामले में लीपापोती कर रही है।
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जिसकी वजह से मूर्तियां बरामद नहीं हो पा रही हैं। सोमवार को एक ज्ञापन अमेठी डीएम और एसपी को सौंपा जाएगा। रामजानकी मंदिर सेमरौता से 25 जनवरी की रात राम, सीता व लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हो गई थी।
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मूर्तियों की कीमत करीब डेढ़ करोड़ है। ग्रामीणों ने पहले मंदिर परिसर में बैठक करके घटना को लेकर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक मो. मुस्लिम की अगुवाई में मार्ग जाम कर दिया।
नारेबाजी के साथ प्रदर्शन कर दिया। विधायक ने कहा कि घटना के 20 दिन बीत गए हैं, लेकिन पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पुलिस मामले को दबाने में जुटी है।
परमानंद मिश्र, गिरीश बाजपेयी, नंद किशोर बाजपेयी, लक्ष्मीकांत पांडेय ने कहा कि पुलिस मूर्तियां को खोजने में तेजी नहीं दिखा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस हवा में तीर चला रहीं है।
सभी ने कहा कि यदि मूर्तियों को जल्द नहीं बरामद किया गया तो सभी ग्रामीण आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर तारकनाथ, जहीर अहमद कुरैशी, खलील अहमद आदि थे। उधर, एसओ दिनेश यादव का कहना है कि जांच चल रही है। जल्द मूर्तियां बरामद की जाएंगी।