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प्रवासियों को लेकर आईं चार ट्रेनें, कैसरबाग से मांगनी पड़ी 50 बसें

Wed, 20 May 2020 10:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2020 10:54 PM IST
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Four trains carrying migrants, 50 buses had to be sought from Kaiserbagh
रायबरेली। विभिन्न प्रांतों से प्रवासी मजदूरों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेनें लगातार यहां आ रही हैं। पांच श्रमिक ट्रेनों के आने का कार्यक्रम बुधवार को तय हुआ तो रोडवेज के रायबरेली डिपो को कैसरबाग डिपो से बस मांगनी पड़ी। हालांकि सुबह से लेकर देर रात तक चार ट्रेनें ही आईं, जबकि एक ट्रेन को दूसरे जिले की तरफ डायवर्ट करा दिया गया। ट्रेनों से आने वाले प्रवासियों को उनके गृह जनपद ले जाने के लिए प्राइवेट और अनुबंधित बसों को भी लगाया गया। यात्रियों की थर्मल स्कीनिंग के बाद उन्हें गंतव्य को रवाना किया।
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तय कार्यक्रम के मुताबिक बुधवार सुबह 7.40 बजे पहली ट्रेन चंडीगढ़ से आई। 24 बोगियों वाली इस ट्रेन में 1267 प्रवासी सवार थे, जिन्हें उनके गृह जनपद ले जाने के लिए 45 बसें लगाई गईं। इसी तरह 22 कोच वाली दूसरी ट्रेन लुधियाना से यहां पहुंची, जिसमें सवार 1752 प्रवासियों को उनके गृह जनपद ले जाने के लिए 50 बसों को दौड़ाया गया। जीआरपी थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि देर रात तक सूरत से दो ट्रेनें आ जाएंगी, जबकि जीबी नगर से आने वाली गाड़ी को दूसरे जिले भेज दिया गया है।
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स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि गुरुवार को सूरत और लुधियाना से श्रमिक स्पेशल आने का कार्यक्रम भेजा गया है। रोडवेज के यातायात अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एक साथ पांच श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के आने का कार्यक्रम तय हुआ तो मांग के अनुरूप बसों का प्रबंधन समय से कर लिया गया। एक ट्रेन के लिए औसतन 45 से 50 बसों की डिमांड होती है। बसों की कमी न पड़ जाए, इसलिए रायबरेली डिपो की सारी बसों को लगाने के साथ ही कैसरबाग डिपो से भी 50 बसें मांगनी पड़ीं।
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प्राइवेट और अनुबंधित बसों के साथ ही दूसरे जिलों से प्रवासियों को लेकर आ रही बसों को भी दौड़ाया जा रहा है। उधर, रोडवेज के रायबरेली डिपो में दूसरे जिलों से आने वाली बसों पर सवार प्रवासियों को उनके घर तक भेजने के लिए छोटे चौपहिया वाहनों की व्यवस्था भी कराई गई है। रोडवेज में 24 घंटे व्यवस्था चाक-चौबंद है। बसों के आने और जाने का सिलसिला निरंतर चल रहा है।
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