{"_id":"58b1c16a4f1c1b555cb230e1","slug":"four-murderers-to-life-imprisonment-in-raebareli","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार हत्यारों को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार हत्यारों को आजीवन कारावास
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sat, 25 Feb 2017 11:10 PM IST
विज्ञापन
court
- फोटो : getty images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करीब चार साल पहले जायस कोतवाली क्षेत्र में हुई हत्या के एक मामले में कोर्ट ने चार अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसमें से एक जिला कारागार में बंद है, तीन को सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेजा गया है।सभी पर 35-35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
कोर्ट ने अर्थदंड के रूप में धनराशि जमा होने पर मृतक अनीस उर्फ सोनू के पिता मो. हसन को 60 हजार रुपये देने को कहा है। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दो को बरी कर दिया गया है। यह फैसला शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश आशीष गर्ग ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्या के मुताबिक मामले की रिपोर्ट अमेठी जिले के गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे मेड़ई मजरे पैंगा निवासी शकील अहमद ने दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
रिपोर्ट के अनुसार 14 जुलाई 2013 की शाम मेराज, इसराइल, रिजवान व राजेश कोरी वादी (शकील अहमद) के दरवाजे आए। रोजा इफ्तार के लिए जायस कोतवाली क्षेत्र के काजीपुर तेलियानी निवासी राजेश कोरी के घर जाने की बात बताकर वादी के छोटे भाई अनीस उर्फ सोनू को साथ ले गए।
बाद में अनीस की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने विवेचना के बाद मेराज अहमद, इसराइल, रिजवान व राजेश कोरी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। बाद में मो. नियाज व सोहेल के खिलाफ अलग से चार्जशीट दाखिल हुई।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर मेराज, इसराइल, रिजवान व राजेश को धारा 302, 201 आईपीसी के तहत दोष सिद्ध कर सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में मो. नियाज व सोहेल को बरी कर दिया।
विज्ञापन
कोर्ट ने अर्थदंड के रूप में धनराशि जमा होने पर मृतक अनीस उर्फ सोनू के पिता मो. हसन को 60 हजार रुपये देने को कहा है। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दो को बरी कर दिया गया है। यह फैसला शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश आशीष गर्ग ने सुनाया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्या के मुताबिक मामले की रिपोर्ट अमेठी जिले के गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे मेड़ई मजरे पैंगा निवासी शकील अहमद ने दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
रिपोर्ट के अनुसार 14 जुलाई 2013 की शाम मेराज, इसराइल, रिजवान व राजेश कोरी वादी (शकील अहमद) के दरवाजे आए। रोजा इफ्तार के लिए जायस कोतवाली क्षेत्र के काजीपुर तेलियानी निवासी राजेश कोरी के घर जाने की बात बताकर वादी के छोटे भाई अनीस उर्फ सोनू को साथ ले गए।
बाद में अनीस की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने विवेचना के बाद मेराज अहमद, इसराइल, रिजवान व राजेश कोरी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। बाद में मो. नियाज व सोहेल के खिलाफ अलग से चार्जशीट दाखिल हुई।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर मेराज, इसराइल, रिजवान व राजेश को धारा 302, 201 आईपीसी के तहत दोष सिद्ध कर सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में मो. नियाज व सोहेल को बरी कर दिया।