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गंगाजल भरने जा रहे कांवड़ियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग, एक को लगी गोली
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फायरिंग में घायल कांवड़िया व लगा मजमा।
- फोटो : RAIBARAILY
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शिवगढ़ (रायबरेली)। गंगाजल भरने डलमऊ जा रहे चार कांवड़ियों पर गुरुवार रात असलहों से लैस कुछ लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से एक कांवड़िया गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि तीन अन्य बाल-बाल बच गए। फायरिंग 32 बोर के असलहों से की गई।
घायल कांवड़िये को गंभीर हालत में जिला अस्पताल के बाद लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया है। घायल कांवड़िये के शरीर में छर्रे के 28 निशान मिले हैं।
प्रधान चुनाव की रंजिश में घटना को अंजाम देने की बात सामने आ रही है। मामले में पूर्व प्रधान के बेटे समेत दो लोगों को नामजद, जबकि कई अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने की धारा में केस दर्ज किया गया है।
बाराबंकी जिले के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के कान्हूपुर गांव निवासी संतप्रसाद (29) पुत्र लालता प्रसाद गांव के ही रहने वाले अपने साथियों हरीश चंद्र, नरेश व दर्शन के साथ डलमऊ में गंगाजल भरने पैदल जा रहा था।
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डलमऊ में गंगाजल भरने के बाद सभी को हैदरगढ़ स्थित अवसानेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करना था। रात करीब 10.30 बजे शिवगढ़ थाना क्षेत्र में बांदा-बहराइच मार्ग स्थित चंदापुर मजरे गूढ़ा मोड़ के पास जब कांवड़िये पहुंचे तो एक बाइक पर सवार हमलावरों ने असलहों से उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी और भाग निकले। इस दौरान संत प्रसाद को गोली लग गई, जबकि उसके तीन साथियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई।
वारदात की सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर घायल को सीएचसी पहुंचाया, जहां से उसे जिला अस्पताल और फिर हालत गंभीर होने पर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
सीएचसी के डॉ. अमित सिंह के मुताबिक घायल कांवड़िये के पीठ समेत शरीर के अन्य हिस्से पर छर्रे के 28 निशान मिले हैं। दो छर्रे उसके पीठ से निकाले गए हैं, जिसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
संतप्रसाद के साथी हरीशचंद्र ने बताया कि गांव के पूर्व प्रधान छोटेलाल के बेटे आलोक और दीपक ने फायरिंग की, जिसमें संत प्रसाद घायल हो गया। घायल संत प्रसाद और पूर्व प्रधान के बीच लगभग एक साल पहले मारपीट हुई थी। उसका वर्तमान प्रधान सुमनपाल के देवर रिंकूपाल के साथ उठना-बैठना है।
इसी को लेकर चुनावी रंजिश भी चल रही है। पूर्व प्रधान छोटेलाल मूल रूप से रायबरेली जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के बहादुरनगर का रहने वाला है, लेकिन अपने ननिहाल में नाना की प्रॉपर्टी मिलने पर वह संतप्रसाद गांव में रहता है।
थानेदार राकेशचंद्र आनंद ने बताया कि संत प्रसाद की तहरीर पर पूर्व प्रधान छोटेलाल के बेटे आलोक व दीपक समेत कई अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। 12 बोर के तमंचे से फायरिंग की गई है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।
कहां थे थानेदार और उनके मातहत, कांवड़ियों की सुरक्षा राम भरोसे
सरकार से लेकर पुलिस अफसर तक कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। पुलिस अफसरों ने निर्देश भी जारी किया था कि कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर निगरानी की जाए। इसमें किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए।
बावजूद इसके लापरवाही बरती गई। सवाल उठता है कि यह घटना कैसे हो गई और थानेदार और उनके मातहत कहां थे। जब उन्हें इस बात की जानकारी थी कि कांवड़ियों का गंगाजल भरने के लिए आना-जाना लगा है तो रात्रि गश्त करके उनकी निगरानी क्यों नहीं की गई। सवाल उठ रहे हैं कि सुरक्षा में चूक का जिम्मेदार कौन है। स्थानीय लोग तो थानेदार को हटाने की मांग कर रहे हैं।
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घायल कांवड़िये को गंभीर हालत में जिला अस्पताल के बाद लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया है। घायल कांवड़िये के शरीर में छर्रे के 28 निशान मिले हैं।
प्रधान चुनाव की रंजिश में घटना को अंजाम देने की बात सामने आ रही है। मामले में पूर्व प्रधान के बेटे समेत दो लोगों को नामजद, जबकि कई अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने की धारा में केस दर्ज किया गया है।
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बाराबंकी जिले के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के कान्हूपुर गांव निवासी संतप्रसाद (29) पुत्र लालता प्रसाद गांव के ही रहने वाले अपने साथियों हरीश चंद्र, नरेश व दर्शन के साथ डलमऊ में गंगाजल भरने पैदल जा रहा था।
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डलमऊ में गंगाजल भरने के बाद सभी को हैदरगढ़ स्थित अवसानेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करना था। रात करीब 10.30 बजे शिवगढ़ थाना क्षेत्र में बांदा-बहराइच मार्ग स्थित चंदापुर मजरे गूढ़ा मोड़ के पास जब कांवड़िये पहुंचे तो एक बाइक पर सवार हमलावरों ने असलहों से उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी और भाग निकले। इस दौरान संत प्रसाद को गोली लग गई, जबकि उसके तीन साथियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई।
वारदात की सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर घायल को सीएचसी पहुंचाया, जहां से उसे जिला अस्पताल और फिर हालत गंभीर होने पर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
सीएचसी के डॉ. अमित सिंह के मुताबिक घायल कांवड़िये के पीठ समेत शरीर के अन्य हिस्से पर छर्रे के 28 निशान मिले हैं। दो छर्रे उसके पीठ से निकाले गए हैं, जिसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
संतप्रसाद के साथी हरीशचंद्र ने बताया कि गांव के पूर्व प्रधान छोटेलाल के बेटे आलोक और दीपक ने फायरिंग की, जिसमें संत प्रसाद घायल हो गया। घायल संत प्रसाद और पूर्व प्रधान के बीच लगभग एक साल पहले मारपीट हुई थी। उसका वर्तमान प्रधान सुमनपाल के देवर रिंकूपाल के साथ उठना-बैठना है।
इसी को लेकर चुनावी रंजिश भी चल रही है। पूर्व प्रधान छोटेलाल मूल रूप से रायबरेली जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के बहादुरनगर का रहने वाला है, लेकिन अपने ननिहाल में नाना की प्रॉपर्टी मिलने पर वह संतप्रसाद गांव में रहता है।
थानेदार राकेशचंद्र आनंद ने बताया कि संत प्रसाद की तहरीर पर पूर्व प्रधान छोटेलाल के बेटे आलोक व दीपक समेत कई अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। 12 बोर के तमंचे से फायरिंग की गई है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।
कहां थे थानेदार और उनके मातहत, कांवड़ियों की सुरक्षा राम भरोसे
सरकार से लेकर पुलिस अफसर तक कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। पुलिस अफसरों ने निर्देश भी जारी किया था कि कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर निगरानी की जाए। इसमें किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए।
बावजूद इसके लापरवाही बरती गई। सवाल उठता है कि यह घटना कैसे हो गई और थानेदार और उनके मातहत कहां थे। जब उन्हें इस बात की जानकारी थी कि कांवड़ियों का गंगाजल भरने के लिए आना-जाना लगा है तो रात्रि गश्त करके उनकी निगरानी क्यों नहीं की गई। सवाल उठ रहे हैं कि सुरक्षा में चूक का जिम्मेदार कौन है। स्थानीय लोग तो थानेदार को हटाने की मांग कर रहे हैं।