{"_id":"6144dbca8ebc3ea6b4136a32","slug":"fever-raibaraily-news-lko59602472","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिकनगुनिया की चपेट में आया मरीज, संक्रमण बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिकनगुनिया की चपेट में आया मरीज, संक्रमण बढ़ा
विज्ञापन
रायबरेली। जिला अस्पताल की लैब में जांच में एक मरीज चिकनगुनिया से ग्रसित पाया गया है। मरीज ऊंचाहार क्षेत्र का रहने वाला है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिले में अब तक चिकनगुनिया के दो और डेंगू के 11 केस मिल चुके हैं।
लगातार संक्रमण के बढ़ने पर जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सभी सीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट करते हुए अपने क्षेत्रों पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। उधर, जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
ऊंचाहार क्षेत्र के नाउनहरी गांव के रहने वाले 26 वर्षीय मोहनलाल को समस्या होने पर जिला अस्पताल लाया गया। यहां लैब में चिकनगुनिया की जांच कराई गई तो वह चपेट में पाया गया। उसे भर्ती करके इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
इससे पहले भी ऊंचाहार का 12 वर्ष का एक बच्चा भी चिकनगुनिया की चपेट में आ चुका है। जिले में संक्रमण बढ़ने के बाद सभी सीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट किया गया है।
लक्षण दिखें तो लें डॉक्टर की सलाह : बीरबल
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीरबल का कहना है कि चिकनगुनिया एक वायरल रोग है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। रोग के मुख्य लक्षण बुखार, शरीर पर लाल रेशे और जोड़ों का दर्द होते हैं। गठिया, जोड़ों का दर्द, चिकनगुनिया के साथ हाथ, कलाई और बड़े जोड़ों में गठिया अनुभव करेंगे। दर्द आम तौर पर सुबह में ज्यादा रहता है, लेकिन हल्के व्यायाम के साथ कम हो जाता है।
चिकनगुनिया का कोई इलाज या टीकाकरण नहीं होता। इसके बजाय उपचार को लक्षणों से राहत पर केंद्रित किया जाता है। घर पर आराम करने से देखभाल शुरू करनी चाहिए। इससे शरीर को ठीक होने के लिए राहत और समय प्रदान होता है। एक ऐसे वातावरण में आराम करें जहां ज्यादा नमी या गरमी न हो। नमी और गरमी से जोड़ों का दर्द और बढ़ सकता है। बर्फ का पैक लगाएं, ठंडा आइस पैक लगाने से दर्द एवं सूजन काम होती है। एक कपड़े या तौलिये में बर्फ को लपेट कर सूजन वाले क्षेत्रों पर लगाएं। चिकित्सक से सलाह जरूर लें।
मच्छर जनित रोगों और संक्रामक रोगों से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। टीमें गांवों में लगाई गई हैं। चिकनगुनिया का एक केस मिला है। सभी अधीक्षकों को अपने क्षेत्रों पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
लगातार संक्रमण के बढ़ने पर जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सभी सीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट करते हुए अपने क्षेत्रों पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। उधर, जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ऊंचाहार क्षेत्र के नाउनहरी गांव के रहने वाले 26 वर्षीय मोहनलाल को समस्या होने पर जिला अस्पताल लाया गया। यहां लैब में चिकनगुनिया की जांच कराई गई तो वह चपेट में पाया गया। उसे भर्ती करके इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
इससे पहले भी ऊंचाहार का 12 वर्ष का एक बच्चा भी चिकनगुनिया की चपेट में आ चुका है। जिले में संक्रमण बढ़ने के बाद सभी सीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट किया गया है।
लक्षण दिखें तो लें डॉक्टर की सलाह : बीरबल
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीरबल का कहना है कि चिकनगुनिया एक वायरल रोग है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। रोग के मुख्य लक्षण बुखार, शरीर पर लाल रेशे और जोड़ों का दर्द होते हैं। गठिया, जोड़ों का दर्द, चिकनगुनिया के साथ हाथ, कलाई और बड़े जोड़ों में गठिया अनुभव करेंगे। दर्द आम तौर पर सुबह में ज्यादा रहता है, लेकिन हल्के व्यायाम के साथ कम हो जाता है।
चिकनगुनिया का कोई इलाज या टीकाकरण नहीं होता। इसके बजाय उपचार को लक्षणों से राहत पर केंद्रित किया जाता है। घर पर आराम करने से देखभाल शुरू करनी चाहिए। इससे शरीर को ठीक होने के लिए राहत और समय प्रदान होता है। एक ऐसे वातावरण में आराम करें जहां ज्यादा नमी या गरमी न हो। नमी और गरमी से जोड़ों का दर्द और बढ़ सकता है। बर्फ का पैक लगाएं, ठंडा आइस पैक लगाने से दर्द एवं सूजन काम होती है। एक कपड़े या तौलिये में बर्फ को लपेट कर सूजन वाले क्षेत्रों पर लगाएं। चिकित्सक से सलाह जरूर लें।
मच्छर जनित रोगों और संक्रामक रोगों से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। टीमें गांवों में लगाई गई हैं। चिकनगुनिया का एक केस मिला है। सभी अधीक्षकों को अपने क्षेत्रों पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ