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मार्च में ही जेठ की दुपहरिया का अहसास
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रायबरेली। जिले में मार्च में ही जेठ की दुपहरिया का एहसास होने लगा है। मौसम की तल्खी और हवा के थपेड़े चलने से गर्मी बढ़ गई है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोगों को गर्मी से बचने के लिए एसी और पंखे का सहारा लेना पड़ रहा है।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है। जिस तरह गर्मी पड़ रही है, उससे कहा जा रहा है कि अप्रैल में ही गर्मी अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ देगी।
एक सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डाले तो अधिकतम और न्यूनतम तापमान रोजाना बढ़ रहा है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 37 व न्यूनतम तापमान 21.00 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकतम पारा अप्रैल में ही 40 डिग्री सेल्सियस पार कर जाएगा।
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शहर के सुपर मार्केट, जिला अस्पताल चौराहा, सिविल लाइंस, बस स्टेशन, पुलिस लाइंस, कैपरगंज, रेलवे स्टेशन रोड, डिग्री कॉलेज चौराहा पर अभी से ही दोपहर में सन्नाटा पसर जाता है।
बाजारों में भीड़भाड़ कम हो जाती है। लोग शाम को ही घर से निकल रहे हैं। जो लोग मजबूरन घर से निकल रहे हैं, वह धूप से बचने के लिए गमछे का सहारा ले रहे हैं।
महिलाएं दुपट्टे से चेहरा ढककर धूप से खुद को बचाने का प्रयास कर रही है। हवा के थपेड़े और गर्मी से लोग बेहाल हैं। दोपहर की छुट्टी होने पर बच्चों को घर पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
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अधिकतम और न्यूनतम तापमान में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है। जिस तरह गर्मी पड़ रही है, उससे कहा जा रहा है कि अप्रैल में ही गर्मी अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ देगी।
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एक सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डाले तो अधिकतम और न्यूनतम तापमान रोजाना बढ़ रहा है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 37 व न्यूनतम तापमान 21.00 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकतम पारा अप्रैल में ही 40 डिग्री सेल्सियस पार कर जाएगा।
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बाजारों में भीड़भाड़ कम हो जाती है। लोग शाम को ही घर से निकल रहे हैं। जो लोग मजबूरन घर से निकल रहे हैं, वह धूप से बचने के लिए गमछे का सहारा ले रहे हैं।
महिलाएं दुपट्टे से चेहरा ढककर धूप से खुद को बचाने का प्रयास कर रही है। हवा के थपेड़े और गर्मी से लोग बेहाल हैं। दोपहर की छुट्टी होने पर बच्चों को घर पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ रही है।