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सीएचसी अधीक्षक से लिखवाया स्पष्टीकरण, कार्रवाई करने के दिेए निर्देश
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रायबरेली। सीएचसी से निकलने वाले केमिकल युक्त कचरे को परिसर में ही खुले में फेंके जाने के मामले की जांच शुरू हो गई है। रविवार के अंक में ‘अमर उजाला’ में छपी खबर को संज्ञान में लेते हुए सीएमओ डॉ. डीके सिंह के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. एमनारायण को जांच के लिए सीएचसी पहुंचे। एसीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक से स्पष्टीकरण लिखवाया कि दोबारा भविष्य में खुले में कचरा नहीं फेंका जाएगा। साथ ही ऐसा करने वालों के खिलाफ जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी स्वास्थ्य केंद्रों और निजी क्लीनिक संचालकों को अस्पतालों से निकलने वाले केमिकल युक्त कचरे को नियमानुसार अलग-अलग रंगों की पॉलीथिन में पैकिंग करने के बाद निस्तारण के लिए भेजना है। इस कचरे को रोगियों व आम लोगों से दूूर रखने के आदेश हैं, क्योंकि कचरे की वजह से रोगियों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। आदेश के बाद भी सीएचसी डलमऊ में मनमानी की हदें पार की जा रही थी।
सीएचसी परिसर में ही खुले आसमान के नीचे कूड़े का ढेर लगा दिया गया था। एसीएमओ डॉ. एमनारायण जांच करने पहुंचे। उन्होंने अधीक्षक डॉ. विनोद सिंह चौहान से पूछताछ की और जानने की कोशिश की कि केमिकल युक्त कचरा कौन कर्मचारी सीएचसी परिसर में बहा रहा है। एसीएमओ ने बताया कि अधीक्षक से स्पष्टीकरण लिखवाया गया है कि अब दोबारा कचरा इस तरह नहीं फेंका जाएगा। साथ ही अधीक्षक से पूरे प्रकरण की जांच करके रिपोर्ट भेजने की बात कही गई है।
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गौरतलब है कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी स्वास्थ्य केंद्रों और निजी क्लीनिक संचालकों को अस्पतालों से निकलने वाले केमिकल युक्त कचरे को नियमानुसार अलग-अलग रंगों की पॉलीथिन में पैकिंग करने के बाद निस्तारण के लिए भेजना है। इस कचरे को रोगियों व आम लोगों से दूूर रखने के आदेश हैं, क्योंकि कचरे की वजह से रोगियों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। आदेश के बाद भी सीएचसी डलमऊ में मनमानी की हदें पार की जा रही थी।
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सीएचसी परिसर में ही खुले आसमान के नीचे कूड़े का ढेर लगा दिया गया था। एसीएमओ डॉ. एमनारायण जांच करने पहुंचे। उन्होंने अधीक्षक डॉ. विनोद सिंह चौहान से पूछताछ की और जानने की कोशिश की कि केमिकल युक्त कचरा कौन कर्मचारी सीएचसी परिसर में बहा रहा है। एसीएमओ ने बताया कि अधीक्षक से स्पष्टीकरण लिखवाया गया है कि अब दोबारा कचरा इस तरह नहीं फेंका जाएगा। साथ ही अधीक्षक से पूरे प्रकरण की जांच करके रिपोर्ट भेजने की बात कही गई है।
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