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पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों ने प्रशासनिक अधिकारी को धमकाया
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Wed, 07 Sep 2016 11:36 PM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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पीडब्ल्यूडी खंड एक में बुधवार को कर्मचारियों की दबंगई देखने को मिली। साथियों को मनचाही कुर्सी दिलाने के लिए कुछ कर्मचारी नेताओं ने कार्यवाहक प्रशासनिक अधिकारी से न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी।
करीब एक घंटे तक कर्मचारियों ने जमकर हंगामा काटा। परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों के पहुंचने पर मामला शांत हुआ। इससे पूरे परिसर में काफी अफरा-तफरी का माहौल रहा।लोकनिर्माण विभाग के खंड प्रथम में लंबे समय से कई कर्मचारी मलाईदार कुर्सियों पर जमे हैं।
हाल ही में खंड का चार्ज संभालने वाले एक्सईएन को जब इसका पता चला, तो उन्होंने दो दिन पहले करीब 27 कर्मचारियों के पटल परिवर्तन का आदेश जारी किया था। इसमें एक ही कुर्सी पर वर्षों से जमे कई कर्मचारी भी शामिल हैं। एक्सईएन का यह आदेश कर्मचारी नेताओं को रास न आया।
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कर्मचारी नेताओं ने एक्सईएन पर दबाव बनाकर आदेश को निरस्त करा दिया। आदेश जारी होने और अचानक निरस्त होनेेे से विभागीय कर्मचारियों में दो फाड़ हो गए। एक पक्ष चाह रहा था कि आदेश निरस्त न किया जाए और वर्षों से मलाईदार कुर्सियों पर कब्जा जमाए कर्मचारियों का पटल बदले। वहीं दूसरा पक्ष आदेश निरस्त होने का पक्षधर था।
इसी को लेकर कुछ कर्मचारी नेता बुधवार सुबह दफ्तर पहुंच गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
कार्यवाहक प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र कुमार का आरोप है कि कर्मचारियों ने उनसे गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत एक्सईएन से की है। वहीं एक्सर्ईएन केके श्रीवास्तव का कहना है कि कार्यालय में हंगामा करने की जानकारी मिली है। जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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करीब एक घंटे तक कर्मचारियों ने जमकर हंगामा काटा। परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों के पहुंचने पर मामला शांत हुआ। इससे पूरे परिसर में काफी अफरा-तफरी का माहौल रहा।लोकनिर्माण विभाग के खंड प्रथम में लंबे समय से कई कर्मचारी मलाईदार कुर्सियों पर जमे हैं।
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हाल ही में खंड का चार्ज संभालने वाले एक्सईएन को जब इसका पता चला, तो उन्होंने दो दिन पहले करीब 27 कर्मचारियों के पटल परिवर्तन का आदेश जारी किया था। इसमें एक ही कुर्सी पर वर्षों से जमे कई कर्मचारी भी शामिल हैं। एक्सईएन का यह आदेश कर्मचारी नेताओं को रास न आया।
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कर्मचारी नेताओं ने एक्सईएन पर दबाव बनाकर आदेश को निरस्त करा दिया। आदेश जारी होने और अचानक निरस्त होनेेे से विभागीय कर्मचारियों में दो फाड़ हो गए। एक पक्ष चाह रहा था कि आदेश निरस्त न किया जाए और वर्षों से मलाईदार कुर्सियों पर कब्जा जमाए कर्मचारियों का पटल बदले। वहीं दूसरा पक्ष आदेश निरस्त होने का पक्षधर था।
इसी को लेकर कुछ कर्मचारी नेता बुधवार सुबह दफ्तर पहुंच गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
कार्यवाहक प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र कुमार का आरोप है कि कर्मचारियों ने उनसे गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत एक्सईएन से की है। वहीं एक्सर्ईएन केके श्रीवास्तव का कहना है कि कार्यालय में हंगामा करने की जानकारी मिली है। जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।