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16 गांवों के आठ हजार लोगों को तीन साल से नहीं मिल रहा पानी
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16 गांवों के आठ हजार लोगों को तीन साल से नहीं मिल रहा पानी
सबहेड : सिधौना पानी की टंकी की बोरिंग खराब, जलनिगम के अफसर लापरवाह
- वर्ष 2017 में पानी की टंकी बनाकर शुरू हुई थी आपूर्ति
- शिकायत पर भी लोगों की बात को किया जा रहा अनसुना
रायबरेली। जलनिगम के अफसरों की लापरवाही से 16 गांवों के आठ हजार लोगों को तीन साल से पानी नहीं मिल पा रहा है। वजह सिधौना ग्रामसभा में लगाई गई पानी की टंकी की बोरिंग खराब हो गई है, लेकिन उसे सही कराने की याद अफसरों को अब तक नहीं आई है। यह हाल तब है, जब कई बार उपभोक्ताओं ने पानी की की टंकी की बोरिंग ठीक कराने के लिए आवाज उठाई, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। इससे उनमें नाराजगी व्याप्त है।
अमावां ब्लॉक क्षेत्र की सिधौना ग्रामसभा और उसके 15 पुरवों में रहने वाले लोगों की पानी की समस्या को दूर करने के लिए 2015-16 में पानी की टंकी बनने का कार्य शुरू कराया गया था। वर्ष 2017 में पानी की टंकी बनाकर उसे ग्रामसभा को हैंडओवर कर दिया गया था और पानी की आपूर्ति शुरू कराई गई थी। करीब चार महीने पानी की आपूर्ति ठीक तरीके से की गई।
इसके बाद टंकी का बोर खराब हो गया। इससे ग्रामसभा सिधौना व उसके पुरवों को पानी की आपूर्ति बंद हो गई। इससे सिधौना ग्रामसभा के अलावा उसके पुरवे पूरे पतुरियन, पूरे शहादत, मुराइन की तकिया, सिधौना, मोटा का पुरवा, खसपरी, विक्रमा का पुरवा, पूरे शिवा, मुसहा, गोसाई का पुरवा, पूरे रंभा, अजीजगंज, भैरमपुर, छेदा खां का पुरवा, भवानीनगर में रहने वाले लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
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सिधौना ग्रामसभा व उसके पुरवों में 132 इंडियामार्का हैंडपंप लगाए गए हैं। साथ ही 20 कुएं पेयजल के लिए हैं। हालात ये हैं कि हैंडपंपों फ्लोराइड युक्त से पानी निकल रहा है। कुओं का पानी भी दूूषित है। इसके बाद भी पानी की टंकी का खराब पड़ा बोर ठीक कराने में आनाकानी की जा रही है। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। वह गंभीर बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं।
ग्रामीण चंद्रभूषण सिंह, शिव बहादुर यादव, सुरेश, रामसनेही, पूर्व प्रधान मोतीन खान, महेश का कहना है कि पानी की टंकी का बोर खराब होने की सूूचना कई बार जलनिगम के अधिकारियों को दी गई। आज कल का हवाला देकर बोर ठीक नहीं कराया गया। इससे उनके गांव के लोग फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। जल्द पानी की टंकी ठीक नहीं कराई गई तो समस्या को लेकर उच्चाधिकारियों से मुलाकात की जाएगी।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार वर्मा का कहना है कि फ्लोराइडयुक्त पानी का सेवन सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। यह पानी पीने से लोगों की हड्डी कमजोर होती हैं। हाथ पैर के टेढ़े होने की आशंका रहती है। इसके बुखार समेत अन्य बीमारियां भी हो जाती हैं। इसलिए जरूरी हैै कि फ्लोराइड युक्त पानी का सेवन कतई नहीं करना चाहिए।
अमावां ब्लॉक क्षेत्र के सिधौना ग्रामसभा पानी की टंकी की बोरिंग खराब होने की जानकारी है। पानी की टंकी ग्राम सभा को हैंडओवर कर दी गई थी, जिसकी वजह से उसे सही कराने में काफी वक्त लग गया। अब पानी की टंकी सही कराने के लिए दूसरी योजना में डालकर पानी की टंकी की जल्द मरम्मत करा दी जाएगी।- जर्नादन सिंह, एक्सईएन, जलनिगम
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सबहेड : सिधौना पानी की टंकी की बोरिंग खराब, जलनिगम के अफसर लापरवाह
- वर्ष 2017 में पानी की टंकी बनाकर शुरू हुई थी आपूर्ति
- शिकायत पर भी लोगों की बात को किया जा रहा अनसुना
रायबरेली। जलनिगम के अफसरों की लापरवाही से 16 गांवों के आठ हजार लोगों को तीन साल से पानी नहीं मिल पा रहा है। वजह सिधौना ग्रामसभा में लगाई गई पानी की टंकी की बोरिंग खराब हो गई है, लेकिन उसे सही कराने की याद अफसरों को अब तक नहीं आई है। यह हाल तब है, जब कई बार उपभोक्ताओं ने पानी की की टंकी की बोरिंग ठीक कराने के लिए आवाज उठाई, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। इससे उनमें नाराजगी व्याप्त है।
अमावां ब्लॉक क्षेत्र की सिधौना ग्रामसभा और उसके 15 पुरवों में रहने वाले लोगों की पानी की समस्या को दूर करने के लिए 2015-16 में पानी की टंकी बनने का कार्य शुरू कराया गया था। वर्ष 2017 में पानी की टंकी बनाकर उसे ग्रामसभा को हैंडओवर कर दिया गया था और पानी की आपूर्ति शुरू कराई गई थी। करीब चार महीने पानी की आपूर्ति ठीक तरीके से की गई।
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इसके बाद टंकी का बोर खराब हो गया। इससे ग्रामसभा सिधौना व उसके पुरवों को पानी की आपूर्ति बंद हो गई। इससे सिधौना ग्रामसभा के अलावा उसके पुरवे पूरे पतुरियन, पूरे शहादत, मुराइन की तकिया, सिधौना, मोटा का पुरवा, खसपरी, विक्रमा का पुरवा, पूरे शिवा, मुसहा, गोसाई का पुरवा, पूरे रंभा, अजीजगंज, भैरमपुर, छेदा खां का पुरवा, भवानीनगर में रहने वाले लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
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सिधौना ग्रामसभा व उसके पुरवों में 132 इंडियामार्का हैंडपंप लगाए गए हैं। साथ ही 20 कुएं पेयजल के लिए हैं। हालात ये हैं कि हैंडपंपों फ्लोराइड युक्त से पानी निकल रहा है। कुओं का पानी भी दूूषित है। इसके बाद भी पानी की टंकी का खराब पड़ा बोर ठीक कराने में आनाकानी की जा रही है। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। वह गंभीर बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं।
ग्रामीण चंद्रभूषण सिंह, शिव बहादुर यादव, सुरेश, रामसनेही, पूर्व प्रधान मोतीन खान, महेश का कहना है कि पानी की टंकी का बोर खराब होने की सूूचना कई बार जलनिगम के अधिकारियों को दी गई। आज कल का हवाला देकर बोर ठीक नहीं कराया गया। इससे उनके गांव के लोग फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। जल्द पानी की टंकी ठीक नहीं कराई गई तो समस्या को लेकर उच्चाधिकारियों से मुलाकात की जाएगी।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार वर्मा का कहना है कि फ्लोराइडयुक्त पानी का सेवन सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। यह पानी पीने से लोगों की हड्डी कमजोर होती हैं। हाथ पैर के टेढ़े होने की आशंका रहती है। इसके बुखार समेत अन्य बीमारियां भी हो जाती हैं। इसलिए जरूरी हैै कि फ्लोराइड युक्त पानी का सेवन कतई नहीं करना चाहिए।
अमावां ब्लॉक क्षेत्र के सिधौना ग्रामसभा पानी की टंकी की बोरिंग खराब होने की जानकारी है। पानी की टंकी ग्राम सभा को हैंडओवर कर दी गई थी, जिसकी वजह से उसे सही कराने में काफी वक्त लग गया। अब पानी की टंकी सही कराने के लिए दूसरी योजना में डालकर पानी की टंकी की जल्द मरम्मत करा दी जाएगी।- जर्नादन सिंह, एक्सईएन, जलनिगम