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छात्रवृत्ति के 20 हजार आवेदन संदिग्ध, जांच के आदेश
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जांच करतीं एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित व समाज कल्याण अधिकारी डॉ. वैभव।
- फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदनों में 20 हजार से अधिक संदिग्ध डाटा सामने आने के बाद समाज कल्याण निदेशालय ने जांच के आदेश दिए हैं। इससे विभाग में हड़कंप है। छात्रवृत्ति के आवेदनों की जांच के लिए सभी एसडीएम के साथ ही समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारियों को टीम में शामिल किया गया है।
इसी सप्ताह जांच पूरी करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं, जिससे छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति भेजी जा सके। जांच के लिए सभी शैक्षिक संस्थाओं के आवेदनों से संबंधित डाटा तलब किया गया है।
जिले के शैक्षिक संस्थाओं और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। जिले में करीब 60 हजार छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन किया है।
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आवेदन जमा होने के बाद समाज कल्याण निदेशालय के स्तर पर पड़ताल हुई तो 20 हजार से अधिक ऐसे आवेदन मिले, जिसमें बड़ी खामियां मिलीं और उन्हें संदिग्ध डॉटा की सूची में डाल दिया गया। निदेशालय ने संदिग्धता प्रतीत होने पर संबंधित आवेदनों के पूरे डॉटा की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
निदेशालय से निर्देश आते ही समाज कल्याण विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग के अधिकारियों की टीम संदिग्ध डॉटा की जांच में जुट गई है। जांच में संबंधित तहसीलों में एसडीएम ने भी छात्रवृत्ति के आवेदनों की जांच शुरू की है। इस संबंध में संबंधित शैक्षिक संस्थाओं ने ऑनलाइन आवेदन से संबंधित पूरी डिटेल तलब की है। जांच में सही न पाए जाने की दशा में संबंधित आवेदनों को निरस्त कर दिया जाएगा।
छह तहसीलों के 104 निजी शैक्षिक संस्थाओं के फार्मों की जांच
दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए सदर, ऊंचाहार, डलमऊ, महराजगंज, लालगंज, सलोन क्षेत्र के 104 निजी शैक्षिक संस्थाओं के छात्रवृत्ति के आवेदनों के सत्यापन का काम भी शुरू हो गया है। एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित और समाज कल्याण अधिकारी डॉ. वैभव त्रिपाठी की टीम ने शहर के एफजीआईईटी में आवेदनों की सत्यता की जांच की। इसके अलावा एसडीएम महाराजगंज ने बछरावां कब्जा स्थित दयानंद पीजी कॉलेज में आवेदनों की पड़ताल की। इसके अलावा सलोन, ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज में भी एसडीएम ने आवेदनों की जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही निदेशालय के स्तर से छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति भेजी जाएगी।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति के करीब 20 हजार आवेदनों के संदिग्ध पाए जाने के बाद जांच की जा रही है। साथ ही निजी सभी 60 हजार आवेदनों के सत्यापन का काम भी एसडीएम के स्तर से हो रहा है। जल्द ही जांच पूरी होने के बाद छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति भेजी जाएगी।
- डॉ. वैभव त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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इसी सप्ताह जांच पूरी करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं, जिससे छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति भेजी जा सके। जांच के लिए सभी शैक्षिक संस्थाओं के आवेदनों से संबंधित डाटा तलब किया गया है।
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जिले के शैक्षिक संस्थाओं और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। जिले में करीब 60 हजार छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन किया है।
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आवेदन जमा होने के बाद समाज कल्याण निदेशालय के स्तर पर पड़ताल हुई तो 20 हजार से अधिक ऐसे आवेदन मिले, जिसमें बड़ी खामियां मिलीं और उन्हें संदिग्ध डॉटा की सूची में डाल दिया गया। निदेशालय ने संदिग्धता प्रतीत होने पर संबंधित आवेदनों के पूरे डॉटा की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
निदेशालय से निर्देश आते ही समाज कल्याण विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग के अधिकारियों की टीम संदिग्ध डॉटा की जांच में जुट गई है। जांच में संबंधित तहसीलों में एसडीएम ने भी छात्रवृत्ति के आवेदनों की जांच शुरू की है। इस संबंध में संबंधित शैक्षिक संस्थाओं ने ऑनलाइन आवेदन से संबंधित पूरी डिटेल तलब की है। जांच में सही न पाए जाने की दशा में संबंधित आवेदनों को निरस्त कर दिया जाएगा।
छह तहसीलों के 104 निजी शैक्षिक संस्थाओं के फार्मों की जांच
दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए सदर, ऊंचाहार, डलमऊ, महराजगंज, लालगंज, सलोन क्षेत्र के 104 निजी शैक्षिक संस्थाओं के छात्रवृत्ति के आवेदनों के सत्यापन का काम भी शुरू हो गया है। एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित और समाज कल्याण अधिकारी डॉ. वैभव त्रिपाठी की टीम ने शहर के एफजीआईईटी में आवेदनों की सत्यता की जांच की। इसके अलावा एसडीएम महाराजगंज ने बछरावां कब्जा स्थित दयानंद पीजी कॉलेज में आवेदनों की पड़ताल की। इसके अलावा सलोन, ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज में भी एसडीएम ने आवेदनों की जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही निदेशालय के स्तर से छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति भेजी जाएगी।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति के करीब 20 हजार आवेदनों के संदिग्ध पाए जाने के बाद जांच की जा रही है। साथ ही निजी सभी 60 हजार आवेदनों के सत्यापन का काम भी एसडीएम के स्तर से हो रहा है। जल्द ही जांच पूरी होने के बाद छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति भेजी जाएगी।
- डॉ. वैभव त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी