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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Drug stores, hanging locks, stalled operations of 4 million

दवा दुकानों में लटके ताले, 4 करोड़ का कारोबार ठप

Wed, 14 Oct 2015 11:09 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 14 Oct 2015 11:09 PM IST
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जिससे करीब चार करोड़ के दवा के कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा। दवा की दुकानें बंद होने के कारण रोगियों को परेशान होना पड़ा। खासकर निजी नर्सिंगहोम व क्लीनिकों पर सन्नाटा पसरा रहा।
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केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अस्पताल चौराहे पर प्रदर्शन करके सरकार को अपने आदेश को वापस लेने की मांग की।

मेडिकल स्टोर के लाइसेंस के लिए फार्मासिस्ट की अनिवार्यता कर दी गई है। फार्मासिस्ट न मिलने के कारण दवा व्यवसायियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। दवा की बिक्री को भी ऑनलाइन कर दिया गया है।
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इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने सरकार पर दबाव बनाकर कई बार आदेश को वापस लेने की मांग की, लेकिन अब तक मांगों को पूरा नहीं किया गया।
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इसी के विरोध में बुधवार को सुबह से ही दवा की दुकानों पर ताले लटक गए। पदाधिकारियों ने अस्पताल चौराहे पर एकत्र होकर जमकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष हिमांशु बाजपेयी, महामंत्री संतोष पांडेय, केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष त्रिपाठी आदि ने जमकर प्रदर्शन किया।

वहीं मेडिकल स्टोरों में ताला लटकने के कारण निजी अस्पतालों व क्लीनिकों पर सन्नाटा पसरा रहा। यहां तक कि रोगी भी इलाज कराने के लिए कम ही पहुंचे।

इसके विपरीत तमाम लोग दवा के लिए भटकते रहे, लेकिन उन्हें दवा नहीं मिली। क्लीनिकों में भी ताले लटके रहे। नर्सिंगहोम में भर्ती रोगियों को पहले से ही दवाओं की व्यवस्था कर दी गई थी, इसलिए उन्हें परेशान नहीं होना पड़ा। जिला अस्पताल में भी बुधवार को रोगियों की ओपीडी में संख्या कम देखने को मिली।


 रोज की तरह भीड़ नजर नहीं आई। हालांकि जो भी रोगी आए उन्हें अस्पताल से ही दवा दी गई। डॉक्टरों ने भी रोगियों को बाजार से दवा खरीदने के लिए नहीं लिखा।

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