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बूंदाबादी से भीगी धान की फसल
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 29 Nov 2015 11:09 PM IST
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ऐसे में धान की पिटाई का कार्य ठप हो गया। दिनभर आसमान में बदली छायी रही। किसान परेशान है कि और बारिश हो गई तो धान की फसल भी खराब हो जाएगी।
रविवार की सुबह मौसम का मिजाज और बिगड़ गया। सुबह से ही आसमान में बदली छाई रही। दोपहर में अचानक काले बादल छाए और फिर हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई।
हालांकि कुछ देर बाद बूंदाबांदी बंद हो गई, लेकिन इससे शिवगढ़, महराजगंज, हरचंदपुर, अमावां, राही समेत अन्य ब्लॉक क्षेत्रों में खेतों में कटी पड़ी धान की फसल भीग गई।
बूंदाबांदी होते ही किसान खेतों में पहुंच गए और उन्होंने कटी पड़ी धान की फसल उठाने लगे। हालांकि तब तक काफी फसल भीग गई। फसल भीगने से नरम हो गई। ऐसे में धान की पिटाई का कार्य रुक गया।
महराजगंज के मोन गांव के श्यामू, दिनेश कुमार, शिवगढ़ के दिनेश तिवारी, शंभू सिंह और राही ब्लॉक क्षेत्र के कलसहा गांव के किसान देवता यादव का कहना है कि वैसे ही इस बार सिंचाई के संकट से गेहूं की बोआई पिछड़ रही है।
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आगे यदि बूंदाबांदी हुई तो धान की फसल की पिटाई का कार्य पिछड़ जाएगा। ऐसे में गेहूं की बोआई और विलंब से होगी। किसानों का कहना है कि जिन किसानों ने गेहूं की बोआई कर ली है, उनकी फसल के लिए बूंदाबांदी फायदेमंद है।
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रविवार की सुबह मौसम का मिजाज और बिगड़ गया। सुबह से ही आसमान में बदली छाई रही। दोपहर में अचानक काले बादल छाए और फिर हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई।
हालांकि कुछ देर बाद बूंदाबांदी बंद हो गई, लेकिन इससे शिवगढ़, महराजगंज, हरचंदपुर, अमावां, राही समेत अन्य ब्लॉक क्षेत्रों में खेतों में कटी पड़ी धान की फसल भीग गई।
बूंदाबांदी होते ही किसान खेतों में पहुंच गए और उन्होंने कटी पड़ी धान की फसल उठाने लगे। हालांकि तब तक काफी फसल भीग गई। फसल भीगने से नरम हो गई। ऐसे में धान की पिटाई का कार्य रुक गया।
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महराजगंज के मोन गांव के श्यामू, दिनेश कुमार, शिवगढ़ के दिनेश तिवारी, शंभू सिंह और राही ब्लॉक क्षेत्र के कलसहा गांव के किसान देवता यादव का कहना है कि वैसे ही इस बार सिंचाई के संकट से गेहूं की बोआई पिछड़ रही है।
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आगे यदि बूंदाबांदी हुई तो धान की फसल की पिटाई का कार्य पिछड़ जाएगा। ऐसे में गेहूं की बोआई और विलंब से होगी। किसानों का कहना है कि जिन किसानों ने गेहूं की बोआई कर ली है, उनकी फसल के लिए बूंदाबांदी फायदेमंद है।