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Raebareli News: बाजार की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों पर गिरेगी गाज

Wed, 04 Jun 2025 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Wed, 04 Jun 2025 12:53 AM IST
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Doctors who prescribe market medicines will be punished
रायबरेली। जिले के सरकारी अस्पतालों से बाहर की दवा लिखने को लेकर अधिकारी हरकत में आ गए हैं। अमर उजाला में खबरें प्रकाशित होने के बाद सलोन, नसीराबाद और लालगंज में मरीजों को बाजार की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों के बारे में ब्योरा मांगा गया है। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा ने एसीएमओ को जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
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सलोन में मरीजों को बाजार से खरीदने के लिए दवाएं और जांचें भी चिकित्सकों ने लिख दी। इसके अलावा नसीराबाद में पेट में दर्द का इलाज कराने पहुंची महिला को भी महंगी दवाएं लिख दी। लालगंज सीएचसी के चिकित्सकों ने तो हद ही पार कर दी थी। हाथ में प्लास्टर चढ़वाने आए मरीज से 1180 रुपये का समान मंगवाकर 200 रुपये नकद भी ऐंठ लिए। इसके अलावा खीरों, ऊंचाहार, डलमऊ, बछरावां, हरचंदपुर आदि सीएचसी में भी मरीजों को खुलेआम बाजार की दवाएं लिखी जा रही हैं।
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सीएमओ ने सीएचसी के नोडल एसीएमओ को संबंधित चिकित्सकों की जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। सीएमओ ने संबंधित एसीएमओ को अपने-अपने क्षेत्रों की सीएचसी में मरीजों को बाजार से खरीदने के लिए दवाएं लिखने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने के आदेश दिए हैं। सीएमओ ने एसीएमओ को बाजार से दवाएं लिखने वाले संबंधित डॉक्टरों का पूरा ब्योरा मांगा है, जिससे संबंधितों पर कार्रवाई की जा सके।
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डॉक्टर के घर पहुंचे गुरुजी, फिर लिखी बाजार की दवाएं
जिला अस्पताल के चिकित्सकों के आगे शासन के निर्देश धरे रह गए हैं। घबराए चिकित्सकों ने खुलेआम दवाएं लिखनी कम कर दी तो महंगी दवाएं बिकवाने वाले शिक्षक ने चिकित्सकों के घर पहुंचकर बाजार की दवाएं लिखने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। लखनऊ के भी कई कारोबारी डॉक्टरों के घर पहुंचे हैं। इसी का असर है कि कुछ चिकित्सकों ने मंगलवार को भी कमीशन वाली दवाओं की परची थमा दी। इसके अलावा मोबाइल के माध्यम से दवाएं बिकवाने की करतूत से चिकित्सक बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में शासन की मंशा कहीं भी पूरी होती नजर नहीं आ रही है।


सीएचसी स्तर पर बाजार से दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों के संबंध में ब्योरा मांगा गया है। एसीएमओ को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। रोक के बाद भी मरीजों को महंगी दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों के खिलाफ लिखापढ़ी होगी।
डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ रायबरेली
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