{"_id":"62c4909239cf73479b518d93","slug":"doctor-raibaraily-news-lko638302090","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात डॉक्टरों ने किया जॉइन, 18 में रिलीव हुए मात्र पांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात डॉक्टरों ने किया जॉइन, 18 में रिलीव हुए मात्र पांच
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रायबरेली। शासन स्तर से तबादले के बाद गैर जिलों से आए सात डॉक्टरों ने जॉइन कर लिया है। हालांकि जिले से स्थानांतरित 18 चिकित्सकों में अब तक पांच डॉक्टरों को ही रिलीव किया गया है। सीएमओ के स्तर से स्थानांतरित डॉक्टरों को रिलीव करने की प्रक्रिया चल रही है। शासन ने भी दो दिनों में डॉक्टरों को रिलीव करने के आदेश दिए हैं।
जिले के 18 डॉक्टरों को गैर जिले के लिए स्थानांतरित कर दिया गया है। हालांकि गैर जिलों से 20 से अधिक चिकित्सक जिले को उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें श्रावस्ती से आए डॉ. गौरव, बलरामपुर से आए डॉ. अवधेश कौशल, डॉ. आशुतोष, डॉ. रश्मि यादव, अयोध्या से आए इंद्र भूषण जायसवाल ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर जॉइन किया है।
इसके अलावा डॉ. सदानंद सहित कई चिकित्सकों से जॉइन कर लिया है। जिले के एसीएमओ सहित कई 18 डॉक्टरों का तबादला किया गया है। इसमें पांच डॉक्टरों को रिलीव किया गया है।
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सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि डॉक्टरों की कमी को देखते हुए और स्वास्थ्य व्यवस्था को बहाल रखने के लिए रिलीविंग में देरी की जा रही है। जिस तरह से नए चिकित्सक आ रहे हैं, उसी तरह एक-एक करके डॉक्टरों को रिलीव किया जा रहा है।
महिला अस्पताल में सिजेरियन प्रसव का संकट बढ़ा
जिला महिला अस्पताल की तीनों विशेषज्ञ डॉक्टरों का तबादला कर दिया गया है। अब तक कोई चिकित्सक यहां जॉइन करने के लिए नहीं पहुंचा है। यदि डॉक्टरों को रिलीव कर दिया गया तो महिला अस्पताल में प्रसूताओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो जाएंगी।
यही हाल जिला पुरुष अस्पताल का भी है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अल्ताफ हुसैन, फिजीशियन डॉ. बीरबल और सर्जन डॉ. जेके लाल का तबादला होने और बाहर से आकर किसी डॉक्टर द्वारा जॉइन न करने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। महिला अस्पताल की चिकित्सक डॉ. तौहीदा, डॉ. निशा सोनकर और डॉ. निर्मला कुमारी का गैर जनपद तबादला हो गया है। तीनों सीनियर डॉक्टर हैं।
सीएमएस डॉ. रेनू चौधरी का कहना है कि अब तक बाहर से कोई डॉक्टर नहीं आया है। तीनों डॉक्टरों को रिलीव करने से प्रसूताओं के इलाज में समस्या आ सकती है। डॉक्टरों के आने का इंतजार किया जा रहा है।
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जिले के 18 डॉक्टरों को गैर जिले के लिए स्थानांतरित कर दिया गया है। हालांकि गैर जिलों से 20 से अधिक चिकित्सक जिले को उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें श्रावस्ती से आए डॉ. गौरव, बलरामपुर से आए डॉ. अवधेश कौशल, डॉ. आशुतोष, डॉ. रश्मि यादव, अयोध्या से आए इंद्र भूषण जायसवाल ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर जॉइन किया है।
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इसके अलावा डॉ. सदानंद सहित कई चिकित्सकों से जॉइन कर लिया है। जिले के एसीएमओ सहित कई 18 डॉक्टरों का तबादला किया गया है। इसमें पांच डॉक्टरों को रिलीव किया गया है।
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सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि डॉक्टरों की कमी को देखते हुए और स्वास्थ्य व्यवस्था को बहाल रखने के लिए रिलीविंग में देरी की जा रही है। जिस तरह से नए चिकित्सक आ रहे हैं, उसी तरह एक-एक करके डॉक्टरों को रिलीव किया जा रहा है।
महिला अस्पताल में सिजेरियन प्रसव का संकट बढ़ा
जिला महिला अस्पताल की तीनों विशेषज्ञ डॉक्टरों का तबादला कर दिया गया है। अब तक कोई चिकित्सक यहां जॉइन करने के लिए नहीं पहुंचा है। यदि डॉक्टरों को रिलीव कर दिया गया तो महिला अस्पताल में प्रसूताओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो जाएंगी।
यही हाल जिला पुरुष अस्पताल का भी है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अल्ताफ हुसैन, फिजीशियन डॉ. बीरबल और सर्जन डॉ. जेके लाल का तबादला होने और बाहर से आकर किसी डॉक्टर द्वारा जॉइन न करने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। महिला अस्पताल की चिकित्सक डॉ. तौहीदा, डॉ. निशा सोनकर और डॉ. निर्मला कुमारी का गैर जनपद तबादला हो गया है। तीनों सीनियर डॉक्टर हैं।
सीएमएस डॉ. रेनू चौधरी का कहना है कि अब तक बाहर से कोई डॉक्टर नहीं आया है। तीनों डॉक्टरों को रिलीव करने से प्रसूताओं के इलाज में समस्या आ सकती है। डॉक्टरों के आने का इंतजार किया जा रहा है।