फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   dispute

कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी मामला : हाईकोर्ट के जमीन के दस्तावेज तलब किए जाने से बढ़ी बेचैनी

Thu, 18 Mar 2021 11:44 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Mar 2021 11:44 PM IST
विज्ञापन
dispute
रायबरेली। लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिविल लाइंस स्थित कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी की जमीन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन से जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में तलब किए हैं।
विज्ञापन

दस्तावेज तलब किए जाने के बाद जिला प्रशासन के अफसरों की बेचैनी और बढ़ गई है। कहा जा रहा है कि एफआईआर के साथ ही अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच भी अंदर खाने शुरू हो गई है।
विज्ञापन

सोसाइटी की जमीन का पट्टा नहीं कराया गया था और भूमि को धोखाधड़ी के जरिये फ्री होल्ड करा दिया गया था। बताया जा रहा है कि एडीएम वित्त एवं राजस्व द्वारा सोसाइटी के अध्यक्ष, सचिव के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट को सोसाइटी ने अवमानना के लंबित मामले से जोड़कर ही हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को आवंटित जमीन के सभी दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में तलब किया है। अब जिला प्रशासन से तलब किए गए दस्तावेज तैयार करने में जुट गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनके खिलाफ दर्ज कराई गई है एफआईआर
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) एवं प्रभारी अधिकारी नजूल प्रेम प्रकाश उपाध्याय ने सदर कोतवाली में पूर्व सांसद शीला कौल के बेटे विक्रम कौल, तत्कालीन नजूल लिपिक छेदीलाल जौहरी, तत्कालीन लेखपाल प्रवीण कुमार मिश्रा, तत्कालीन प्रभारी कानूनगो प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, तत्कालीन तहसीलदार सदर कृष्ण पाल सिंह, सोसाइटी के तत्कालीन अध्यक्ष सचिव व अन्य पदाधिकारी गण, कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी के सचिव सुनील देव, तत्कालीन एडीएम (वित्त एवं राजस्व) मदन पाल आर्या, तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी विंध्यवासिनी प्रसाद, तत्कालीन राजस्व सहायक द्वितीय नजूल लिपिक रामकृष्ण श्रीवास्तव, पूर्व सांसद शीला कौल के बेटे विक्रम कौल, प्रभु टाउन निवासी सुनील कुमार एवं तत्कालीन उप निबंधक सदर घनश्याम के खिलाफ सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।
अरुण अवस्थी करेंगे प्रकरण की विवेचना
एडीएम वित्त एवं राजस्व की तरफ से सदर कोतवाली में लिखाई गई एफआईआर की विवेचना निरीक्षक अरुण कुुमार अवस्थी को सौंपी गई है। निरीक्षक ने इस मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
पुलिस की जांच में ही इस जालसाजी के पूरे खेल का पर्दाफाश होगा। जांच में ही पता चलेगा कि किस तरह दस्तावेजों में छेड़छाड़ करके जमीन का फ्री होल्ड कराया गया। नामजद कराए गए लोगों के अलावा अन्य कौन-कौन लोग हैं, जिन्होंने जमीन को जालसाजी के तहत फ्री होल्ड कराने में मदद की। कहा जा रहा है कि जल्द पुलिस इन लोगों को बयान देने के लिए भी बुला सकती है।

कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी से जुड़ी जमीन के दस्तावेज हाईकोर्ट की ओर से तलब किए जाने का कोई पत्र अभी नहीं मिला है। हाईकोर्ट की तरफ से यदि कोई पत्र आता है तो संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। जालसाजी के तहत जमीन का फ्री होल्ड कराया गया था, जिसकी एफआईआर सदर कोतवाली में पहले ही दर्ज कराई जा चुकी है।
प्रेम प्रकाश उपाध्याय, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed