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अस्पताल के बरामदे में प्रसव पर हंगामा
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2015 11:18 PM IST
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जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार रात डॉक्टरों ने खून की कमी बताकर प्रसूता का इलाज करने से इंकार कर दिया।
इसके कुछ देर बाद ही महिला ने अस्पताल के बाहर बरामदे में मृत बच्चे को जन्म दिया। इससे नाराज परिवारीजनों व ग्रामीणों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया।
हरचंदपुर के कन्नावां निवासी मनोज अपनी पत्नी उमा को गुरुवार देर रात प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल लेकर गया था। मनोज का आरोप है कि डॉक्टरों ने उमा को भर्ती नहीं किया।
पूरी रात वह दर्द से कराहती रही, लेकिन डॉक्टरों को दया नहीं आई। सुबह भर्ती किया तो इलाज में लापरवाही बरती। शुक्रवार देर रात खून की कमी बताकर इलाज करने से मना कर दिया। कहा कि ऑपरेशन करना पड़ेगा। इस पर वह पत्नी को लेकर बाहर आ गया।
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अस्पताल के बरामदे में ही उमा ने मृत बच्चे को जन्म दिया। इस पर वहां मौजूद लोग भड़क उठे। लोगों ने जमकर हंगामा किया। स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों से लोगों की कहासुनी हुई। इस पर डॉक्टरों ने उमा को भर्ती करके इलाज शुरू किया।
उधर, डॉ. तौहीदा का कहना है कि महिला के गर्भ में ही बच्चे की मौत हो चुकी थी। ऑपरेशन के लिए खून लाने की बात परिवारीजनों से कही गई थी, लेकिन वह महिला को लेकर बाहर चले गए। पता चलने पर स्टाफ ने बरामदे में पहुंचकर महिला का प्रसव कराया। लापरवाही का आरोप गलत है। वहीं सीएमएस डॉ. रीता भाटिया का कहना है कि घटना की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
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इसके कुछ देर बाद ही महिला ने अस्पताल के बाहर बरामदे में मृत बच्चे को जन्म दिया। इससे नाराज परिवारीजनों व ग्रामीणों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया।
हरचंदपुर के कन्नावां निवासी मनोज अपनी पत्नी उमा को गुरुवार देर रात प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल लेकर गया था। मनोज का आरोप है कि डॉक्टरों ने उमा को भर्ती नहीं किया।
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पूरी रात वह दर्द से कराहती रही, लेकिन डॉक्टरों को दया नहीं आई। सुबह भर्ती किया तो इलाज में लापरवाही बरती। शुक्रवार देर रात खून की कमी बताकर इलाज करने से मना कर दिया। कहा कि ऑपरेशन करना पड़ेगा। इस पर वह पत्नी को लेकर बाहर आ गया।
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अस्पताल के बरामदे में ही उमा ने मृत बच्चे को जन्म दिया। इस पर वहां मौजूद लोग भड़क उठे। लोगों ने जमकर हंगामा किया। स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों से लोगों की कहासुनी हुई। इस पर डॉक्टरों ने उमा को भर्ती करके इलाज शुरू किया।
उधर, डॉ. तौहीदा का कहना है कि महिला के गर्भ में ही बच्चे की मौत हो चुकी थी। ऑपरेशन के लिए खून लाने की बात परिवारीजनों से कही गई थी, लेकिन वह महिला को लेकर बाहर चले गए। पता चलने पर स्टाफ ने बरामदे में पहुंचकर महिला का प्रसव कराया। लापरवाही का आरोप गलत है। वहीं सीएमएस डॉ. रीता भाटिया का कहना है कि घटना की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।