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रायबरेली: कच्चे मकान की छत ढही, मां और दो बेटों की मौत
Thu, 03 Oct 2019 11:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Oct 2019 11:22 AM IST
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महिला व बच्चे की मौत के बाद घटनास्थल का जायजा लेते डीएम।
- फोटो : amar ujala
अमेठी जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र में बुधवार को कच्चे मकान की छत ढहने से एक महिला और उसके दो बेटों की मौत हो गई, जबकि सास गंभीर रूप से घायल हो गई। अमेठी जिले के डीएम के साथ ही अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जांच की। पुलिस ने लिखापढ़ी के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। डीएम ने पीड़ित परिवार को सरकारी मदद दिलाने के निर्देश दिए हैं। जिस गांव में हादसा हुआ, वह राज्यमंत्री सुरेश पासी के ग्रामसभा के अंतर्गत आता है।
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हादसे वाले गांव के अंतर्गत लगने वाली ग्रामसभा पाकरगांव में राज्यमंत्री के बड़े भाई रमेश पासी ग्राम प्रधान भी हैं। मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे औसान मजरे पाकरगांव निवासी रामसुख यादव का कच्चा घर बुधवार सुबह सात बजे बरसात के कारण छत बैठ जाने से ढह गया। इसमें रामसुख की पत्नी रमझारा (60), बहू माधुरी (28) पत्नी रामेंद्र, माधुरी के दो बेटे आर्यन (4), आरुष (1) मलबे में दब गए। चीखपुकार सुन पहुंचे ग्रामीणों ने सभी को मलबे से बाहर निकाला।
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परिवारीजन और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिलोई लाया गया। जहां डॉक्टरों ने माधुरी और उसके दोनों बेटों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल सास रमझारा को जिला अस्पताल रायबरेली रेफर कर दिया। बताते हैं कि जिस समय हादसा हुआ, उस समय माधुरी खाना बनाने की तैयारी कर रही थी, जबकि उसके दो बेटे खेल रहे थे। सास भी घर के अंदर बैठी थी। बारिश के कारण कच्चे मकान में सीलन आ गई थी।
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हादसे की जानकारी पर डीएम अमेठी प्रशांत शर्मा, एडीएम वंदिता श्रीवास्तव, एसडीएम सुनील कुमार त्रिवेदी, सीओ राजकुमार सिंह के अलावा क्षेत्रीय विधायक के बेटे कुंवर मृंगाकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख तिलोई कृष्ण कुमार सिंह सीएचसी पहुंचकर पीड़ित परिवार के मुलाकात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। डीएम ने पीड़ित परिवार को सरकारी मदद दिलाने के लिए एसडीएम को निर्देश दिए।
पीड़ित रामसुख यादव के तीन पुत्र हैं। बड़ा बेटा रामचंद्र यादव और रामेंद्र यादव दिल्ली में मजदूरी करते हैं। रामेंद्र दोनों बच्चों तथा पत्नी माधुरी को छोड़कर कल ही मजदूरी करने के लिए दिल्ली गया था। तीसरा बेटा राघवेंद्र यादव गांव में खेती तथा मजदूरी कर परिवार का पेट पालता था। इस घटना से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। रह-रहकर सभी बिलख पड़े। रामेंद्र को पत्नी व बच्चों की मौत की खबर फोन पर दी गई।
मां और उसके दो बेटों की मौत के बाद डीएम अमेठी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी तिलोई सुनील कुमार त्रिवेदी ने गाँव में कच्चे जर्जर घरों में रह रहे ग्रामीणों को प्राथमिक विद्यालय पूरे विंदादिवान तथा प्राथमिक विद्यालय देवकली में रुकने के लिए विद्यालय के ताले खुलवाए। उन्होंने ग्रामीणों से विद्यालय में रुकने की अपील करके हर संभव मदद करने का प्रयास करने की बात कही।