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पूजा अर्चना, सामूहिक आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम
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रायबरेली। जैन मंदिर में आयोजित दो दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को प्रात:कालीन मंगल बेला में पुजारी संजय शास्त्री के सानिध्य में 108 रिद्धि-सिद्धि मंत्रों के माध्यम से भगवान आदिनाथ भगवान को अर्घ्य चढ़ाया गया।
इसके बाद सभी जैन श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा अर्चना की। इसमें नव देवता व सर्व साधुओं मुनि श्री की आराधना की गई। शाम को सामूहिक आरती व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
सिविल लाइन स्थित जैन मंदिर की आठवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में महोत्सव मनाया जा रहा है। दूसरे दिन भी पूजा अर्चना का क्रम जारी रहा। शाम को 24 तीर्थंकरों की जैन श्रद्धालुओं ने आरती कर प्रभु की वंदना की।
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धर्मसभा में जैन समाज के अध्यक्ष सुनील जैन ने कहा कि व्यक्ति के लिए जो स्वभाव रूप में धारण करने योग्य है, वह धर्म ही है। हमारे जीवन का मूल लक्ष्य धन का अर्जन नहीं, सुख और समृद्धि होना चाहिए। इसके लिए व्यक्ति को न्याय नीति और धर्म का अनुसरण करना चाहिए।
मीडिया प्रभारी अंकित जैन ने बताया कि जैन श्रद्धालुओं के साथ ही अन्य संप्रदायों के लोग भी मंदिर पहुंचे। शाम को संगीतमय सामूहिक आरती, मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन समेत कई धार्मिक कार्यक्रम हुए।
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इसके बाद सभी जैन श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा अर्चना की। इसमें नव देवता व सर्व साधुओं मुनि श्री की आराधना की गई। शाम को सामूहिक आरती व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
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सिविल लाइन स्थित जैन मंदिर की आठवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में महोत्सव मनाया जा रहा है। दूसरे दिन भी पूजा अर्चना का क्रम जारी रहा। शाम को 24 तीर्थंकरों की जैन श्रद्धालुओं ने आरती कर प्रभु की वंदना की।
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धर्मसभा में जैन समाज के अध्यक्ष सुनील जैन ने कहा कि व्यक्ति के लिए जो स्वभाव रूप में धारण करने योग्य है, वह धर्म ही है। हमारे जीवन का मूल लक्ष्य धन का अर्जन नहीं, सुख और समृद्धि होना चाहिए। इसके लिए व्यक्ति को न्याय नीति और धर्म का अनुसरण करना चाहिए।
मीडिया प्रभारी अंकित जैन ने बताया कि जैन श्रद्धालुओं के साथ ही अन्य संप्रदायों के लोग भी मंदिर पहुंचे। शाम को संगीतमय सामूहिक आरती, मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन समेत कई धार्मिक कार्यक्रम हुए।