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आधे भी नहीं भर पाए अब तक कोल्ड स्टोरेज
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रायबरेली। आलू की ज्यादा पैदावार और डीजल के बढ़े दाम की वजह से आधे भी कोल्ड स्टोरेज नहीं भर पाए हैं। अभी तक 15 हजार मीट्रिक टन आलू ही शीतगृहों में रखा गया है। हर साल जिले के शीतगृहों में 50 हजार से ज्यादा आलू का भंडारण कोल्ड स्टोरेज में किया जाता है। पैदावार अधिक होने के कारण किसानों को फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
जिले में पिछले साल एक लाख 15 हजार मीट्रिक टन का आलू उत्पादन हुआ था। इस बार एक लाख 80 हजार मीट्रिक टन आलू उत्पादन की संभावना है। अब तक 70 फीसदी आलू की खुदाई हो चुकी है।
जिले के कोल्ड स्टोरेज में एक लाख 94 हजार मीट्रिक टन आलू भंडारण की क्षमता है। जिस हिसाब से अभी तक आलू भंडारण किया गया है, वह काफी कम है। सलोन के कोल्ड स्टोरेज संचालक सीपी सिंह का कहना है कि आलू उत्पादन इस बार अधिक हुुआ है। डीजल महंगा होने से आलू भंडारण करने में किसानों के सामने इस बार समस्या है। अभी तक शीतगृहों में ज्यादा आलू नही भंडारण हो सका है।
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किसान बोले, आलू बचाने की बड़ी चुनौती
सलोन। तहसील क्षेत्र के किसान अशोक कुमार तिवारी, दिलीप सिंह, माता प्रसाद मौर्य कहते हैं कि इस बार आलू की पैदावार अधिक होने से लागत निकालना मुश्किल है। खेती से ही उनकी और उनके परिवार की रोजी-रोटी चलती है। आलू का रेट सस्ता हो गया है। भंडारण का भी रेट बढ़ा दिया गया है। ऐसे में किसानों के सामने अपना आलू बचाने की बहुत बड़ी चुनौती है। पिछले साल आलू की खेती में अधिक मुनाफा हुआ था।
जिले के कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण का कार्य चल रहा है। शीतगृहों पर किसानों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। कोल्ड स्टोरेज संचालकों की जल्द एक मीटिंग बुलाई गई है, ताकि किसानों से भंडारण के लिए अधिक रेट न वसूला जाए।
- केशवराम चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी
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जिले में पिछले साल एक लाख 15 हजार मीट्रिक टन का आलू उत्पादन हुआ था। इस बार एक लाख 80 हजार मीट्रिक टन आलू उत्पादन की संभावना है। अब तक 70 फीसदी आलू की खुदाई हो चुकी है।
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जिले के कोल्ड स्टोरेज में एक लाख 94 हजार मीट्रिक टन आलू भंडारण की क्षमता है। जिस हिसाब से अभी तक आलू भंडारण किया गया है, वह काफी कम है। सलोन के कोल्ड स्टोरेज संचालक सीपी सिंह का कहना है कि आलू उत्पादन इस बार अधिक हुुआ है। डीजल महंगा होने से आलू भंडारण करने में किसानों के सामने इस बार समस्या है। अभी तक शीतगृहों में ज्यादा आलू नही भंडारण हो सका है।
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किसान बोले, आलू बचाने की बड़ी चुनौती
सलोन। तहसील क्षेत्र के किसान अशोक कुमार तिवारी, दिलीप सिंह, माता प्रसाद मौर्य कहते हैं कि इस बार आलू की पैदावार अधिक होने से लागत निकालना मुश्किल है। खेती से ही उनकी और उनके परिवार की रोजी-रोटी चलती है। आलू का रेट सस्ता हो गया है। भंडारण का भी रेट बढ़ा दिया गया है। ऐसे में किसानों के सामने अपना आलू बचाने की बहुत बड़ी चुनौती है। पिछले साल आलू की खेती में अधिक मुनाफा हुआ था।
जिले के कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण का कार्य चल रहा है। शीतगृहों पर किसानों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। कोल्ड स्टोरेज संचालकों की जल्द एक मीटिंग बुलाई गई है, ताकि किसानों से भंडारण के लिए अधिक रेट न वसूला जाए।
- केशवराम चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी