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सीआरएम ने खंगाली डबल ट्रैक में खामियां, जल्द हरी झंडी मिलने की बढ़ी उम्मीद
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रायबरेली। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएम) एसके पाठक ने मंगलवार को लखनऊ-रायबरेली-अमेठी रेल मार्ग पर गंगागंज से रूपामऊ के बीच कराए गए दोहरीकरण कार्य में निरीक्षण किया। सीआरएम की हरी झंडी मिलने के बाद डबल टैक पर ट्रेनें फर्राटा भरेंगी।
उन्होंने मोटर ट्रॉली के माध्यम से गंगागंज से रायबरेली एवं रायबरेली से रूपामऊ के मध्य निरीक्षण किया। गंगागंज स्टेशन व यार्ड के साथ ही रायबरेली स्टेशन एवं यार्ड का निरीक्षण किया।
गंगागंज में कुछ खामियां मिलने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने खामियों को तत्काल दुरुस्त कराने के आदेश दिए। मुख्य संरक्षा आयुक्त ने रूपामऊ से गंगागंज के मध्य अप लाइन पर तथा गंगागंज से रूपामऊ डाउन लाइन पर स्पीड ट्रायल रन का परीक्षण भी किया।
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मालूम हो कि उतरेटिया से रायबरेली होते हुए अमेठी तक 125.7 किमी. रेल लाइन का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कराया जाना था। इसमें 108.96 किमी. का काम पूरा हो चुका है, जिससे ट्रेनों का आवागमन भी हो रहा है। गंगागंज से रायबरेली होते हुए रूपामऊ तक 16.75 किमी. का हिस्सा दोहरीकरण-विद्युतीकरण से बाकी रह गया था, जिसे अब पूरा कराया गया है।
इसी काम को देखने को मंगलवार को रेल संरक्षा आयुक्त पहुंचे। सीआरएम की हरीझंडी मिलने के बाद ही दोहरीकृत व विद्युतीकृत रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन शुरू होगा।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक, लखनऊ ने बताया कि नवीन विद्युत रेल मार्ग यात्रियों के आवागमन के लिए और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। विद्युतीकरण के कारण कम परिचालन लागत पर अधिकतम उर्जा की प्राप्ति होगी। उच्च गुणवत्ता के साथ अधिक शक्ति प्राप्त होगी एवं डीजल इंजन में प्रयोग किया जाने वाला ईंधन भी बचेगा।
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उन्होंने मोटर ट्रॉली के माध्यम से गंगागंज से रायबरेली एवं रायबरेली से रूपामऊ के मध्य निरीक्षण किया। गंगागंज स्टेशन व यार्ड के साथ ही रायबरेली स्टेशन एवं यार्ड का निरीक्षण किया।
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गंगागंज में कुछ खामियां मिलने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने खामियों को तत्काल दुरुस्त कराने के आदेश दिए। मुख्य संरक्षा आयुक्त ने रूपामऊ से गंगागंज के मध्य अप लाइन पर तथा गंगागंज से रूपामऊ डाउन लाइन पर स्पीड ट्रायल रन का परीक्षण भी किया।
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मालूम हो कि उतरेटिया से रायबरेली होते हुए अमेठी तक 125.7 किमी. रेल लाइन का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कराया जाना था। इसमें 108.96 किमी. का काम पूरा हो चुका है, जिससे ट्रेनों का आवागमन भी हो रहा है। गंगागंज से रायबरेली होते हुए रूपामऊ तक 16.75 किमी. का हिस्सा दोहरीकरण-विद्युतीकरण से बाकी रह गया था, जिसे अब पूरा कराया गया है।
इसी काम को देखने को मंगलवार को रेल संरक्षा आयुक्त पहुंचे। सीआरएम की हरीझंडी मिलने के बाद ही दोहरीकृत व विद्युतीकृत रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन शुरू होगा।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक, लखनऊ ने बताया कि नवीन विद्युत रेल मार्ग यात्रियों के आवागमन के लिए और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। विद्युतीकरण के कारण कम परिचालन लागत पर अधिकतम उर्जा की प्राप्ति होगी। उच्च गुणवत्ता के साथ अधिक शक्ति प्राप्त होगी एवं डीजल इंजन में प्रयोग किया जाने वाला ईंधन भी बचेगा।