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रिटायर्ड सूबेदार को पीट-पीटकर मार डाला
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:11 AM IST
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beaten
- फोटो : getty images
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मोहनगंज थाना क्षेत्र में बुधवार रात सेना के रिटायर्ड सूबेदार की लाठियों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। उसका कसूर सिर्फ इतना था कि वह ग्राम समाज की जमीन पर हो रहे कब्जे का विरोध कर रहा था। बस यही वजह उसकी जान की दुश्मन बन गई।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगर प्रिंट लिए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नाती की तहरीर पर पांच हमलावरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी हत्या आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।
मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे शिव सिंह मजरे पूरा गांव निवासी मो. हयात खां (70) सेना से सूबेदार पद से रिटायर्ड हुए थे। गांव स्थित तालाब पर ग्राम समाज की जमीन पर कुछ लोग कब्जा कर खेती कर रहे थे। इसका मो. हयात विरोध कर रहे थे।
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बुधवार रात रिटायर्ड सूबेदार मटेरवा गांव में वलीमा में शामिल होकर देर रात पैैदल लौट रहे थे। तिलोई-बहादुरपुर मार्ग पर पुरा माइनर के पास पांच हमलावरों ने हमला बोल दिया। लाठियों से पीट-पीटकर हयात को अधमरा कर दिया। शोरगुल पर राहगीर पहुंचे तो हमलावर भाग गए।
घायल को तिलोई सीएचसी के बाद जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में हयात की मौत हो गई। वारदात की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की। थानेदार प्रेमपाल सिंह ने बताया कि जमीन विवाद में हत्या की बात सामने आई है।
मृतक के नाती एवं पूर्व प्रधान साहब अली की तहरीर पर गांव के ही मो. यूनुस, मो. इजहार, मो. मजहर, सिराज, रऊफ के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें रऊफ को गिरफ्तार कर लिया गया है, बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
यदि समय रहते तहसील प्रशासन चेत जाता तो शायद रिटायर्ड सूबेदार मो. हयात की हत्या न होती। बताते हैं कि नामजद आरोपी तालाब स्थित ग्रामसमाज की आठ बीघा जमीन पर कब्जा करके खेती करते थे। मृतक ने इसकी शिकायत फैजाबाद कमिश्नर, राजस्व परिषद, डीएम अमेठी से की थी।
जमीन खाली कराने का आदेश भी आया, लेकिन तहसील प्रशासन ने इस पर ज्यादा तेजी नहीं दिखाई। इस बार भी आरोपियों ने गेहूं की फसल बो रखी थी। 8 अप्रैल को सात बीघा गेहूं की फसल कंबाइन मशीन से कटवा ली थी।
मृतक की सूचना पर यूपी डॉयल पुलिस पहुंची तो मशीन लेकर लोग फरार हो गए थे। साथ ही आरोपी काटी गई फसल को उठा ले गए थे। मौके पर एक बीघा में गेहूं की फसल खड़ी थी। मामला जानकारी आने पर एसडीएम तिलोई डॉ. अशोक कुमार शुक्ला ने फसल की नीलामी करने का आदेश दिया था।
नायब तहसीलदार अजीत सिंह ने एक बीघा फसल 8180 गांव के ही मो. रऊफ नीलाम कर दिया था। इसके बाद रऊफ के साथ ही मिलकर अन्य आरोपियों ने रिटायर्ड सूबेदार को कत्ल कर दिया।
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फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगर प्रिंट लिए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नाती की तहरीर पर पांच हमलावरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी हत्या आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।
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मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे शिव सिंह मजरे पूरा गांव निवासी मो. हयात खां (70) सेना से सूबेदार पद से रिटायर्ड हुए थे। गांव स्थित तालाब पर ग्राम समाज की जमीन पर कुछ लोग कब्जा कर खेती कर रहे थे। इसका मो. हयात विरोध कर रहे थे।
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बुधवार रात रिटायर्ड सूबेदार मटेरवा गांव में वलीमा में शामिल होकर देर रात पैैदल लौट रहे थे। तिलोई-बहादुरपुर मार्ग पर पुरा माइनर के पास पांच हमलावरों ने हमला बोल दिया। लाठियों से पीट-पीटकर हयात को अधमरा कर दिया। शोरगुल पर राहगीर पहुंचे तो हमलावर भाग गए।
घायल को तिलोई सीएचसी के बाद जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में हयात की मौत हो गई। वारदात की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की। थानेदार प्रेमपाल सिंह ने बताया कि जमीन विवाद में हत्या की बात सामने आई है।
मृतक के नाती एवं पूर्व प्रधान साहब अली की तहरीर पर गांव के ही मो. यूनुस, मो. इजहार, मो. मजहर, सिराज, रऊफ के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें रऊफ को गिरफ्तार कर लिया गया है, बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
यदि समय रहते तहसील प्रशासन चेत जाता तो शायद रिटायर्ड सूबेदार मो. हयात की हत्या न होती। बताते हैं कि नामजद आरोपी तालाब स्थित ग्रामसमाज की आठ बीघा जमीन पर कब्जा करके खेती करते थे। मृतक ने इसकी शिकायत फैजाबाद कमिश्नर, राजस्व परिषद, डीएम अमेठी से की थी।
जमीन खाली कराने का आदेश भी आया, लेकिन तहसील प्रशासन ने इस पर ज्यादा तेजी नहीं दिखाई। इस बार भी आरोपियों ने गेहूं की फसल बो रखी थी। 8 अप्रैल को सात बीघा गेहूं की फसल कंबाइन मशीन से कटवा ली थी।
मृतक की सूचना पर यूपी डॉयल पुलिस पहुंची तो मशीन लेकर लोग फरार हो गए थे। साथ ही आरोपी काटी गई फसल को उठा ले गए थे। मौके पर एक बीघा में गेहूं की फसल खड़ी थी। मामला जानकारी आने पर एसडीएम तिलोई डॉ. अशोक कुमार शुक्ला ने फसल की नीलामी करने का आदेश दिया था।
नायब तहसीलदार अजीत सिंह ने एक बीघा फसल 8180 गांव के ही मो. रऊफ नीलाम कर दिया था। इसके बाद रऊफ के साथ ही मिलकर अन्य आरोपियों ने रिटायर्ड सूबेदार को कत्ल कर दिया।